ग्वालियर में बारिश के बीच रेलवे अंडरपास बने खतरा, झांसी रेल मंडल ने बढ़ाई निगरानी

ग्वालियर. मानसून की सक्रियता के चलते ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण रेलवे ट्रैक के नीचे बने वॉटर-वे ब्रिज अंडरपास लोगों के लिए खतरा बन गए है। कई अंडरपासों में पानी भरने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ गई है। स्थिति को देखते हुए झांसी रेल मंडल ने सभी संवेदनशील अंडरपासों पर विशेष निगरानी रखने और लोगों को सतर्क करने की तैयारी शुरू कर दी है। ग्वालियर और बिरलानगर स्टेशन के बीच स्थित ग्वलियर यार्ड का वॉटर-वे ब्रिज जिसे स्थानीय लोगा गाटर वाली पुलिस के नाम से जानते है सबसे संवेदनशील स्थानों परमें शामिल है। तेज बारिश के दौरान यहां कुछ ही घंटों में पानी भर जाता है। यह अंडरपास रेसकोर्स रोड और हजीरा-तानसेन रोड को जोडता है जहां से प्रतिदिन बडी संख्या में लोग और वाहन गुजरते है। जलभराव के कारण पैदल यात्रियों, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ जाता है।


शहर में ऐसे 20 वॉटर-वे ब्रिज चिन्हित किए
झांसी रेल मंडल के अंतर्गत ऐसे करीब 20 प्रमुख वाटर-वे ब्रिज चिन्हित किए गए है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन संरचनाओं का निर्माण लोगों की आवाजाही के लिए नहीं बल्कि रेलवे ट्रैक के नीचे से वर्षा जल की निकासी के उद्देश्ष् से किया गया था। इसके बावजूद कई स्थानों पर इनका उपयोग आवागमन के लिए किया जा रहा है।
अंडरपास पर बढाई जाएगी निगरानी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार मानसून के दौरान इन सभी संवेदनशील अंडरपासों पर निगरानी बढाई जाएगी। आवश्यकता पडने पर लोगों को रोकने, चेतावनी बोर्ड लगाने और अन्य सुरक्षा उपाया भी किए जाएंगे ताकि जलभराव के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

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