पीओके में हुई फायरिंग में 8 की मौत, मतदान का लोगों ने किया था बहिष्कार
मुजफ्फराबाद. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सोमवार को सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर दी। इसमें 8 लोगों की मौत का दावा किया गया है। दरअसल, सोमवार को पीओके में प्रथम चरण के विधानसभा चुनाव थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें बहुत कम मतदान हुआ है। कई इलाकों में लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया था। इस दौरान हजारों लोग चुनाव प्रक्रिया और पाकिस्तान सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर राजधानी मुजफ्फराबाद की तरफ मार्च कर रहे थे।
चुनाव से पूर्व क्यों भड़का पूरा इलाका
इन प्रदर्शनों का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर ज्वॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) कर रहे है। सरकार ने 5 जून को प्र्रस्तावित प्रदर्शन से कुछ दिन पहले ही इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद संगठनों के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है। कुछ नेता भूमिगत हो गये, जबकि कुछ अब भी पुंछ डिवीजन के मुख्यालय रावलकोट में धरनास्थलों से आन्दोलन चला रहे है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़पों में लगभग 40 लोगों की मौत हो चुकी है। कई जगह लगातार धरने ओर सड़क जाम हुए है।
इतनी स्थिति खराब हो गयी कि बैंक लगातार 2 सप्ताह तक बंद रहे। अधिकांश इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट पूरी तरह बन्द कर दिया गया है। भारती की सीमा से सटा पुंछ डिवीजन, जहां सबसे अधिक विरोध प्रदर्शन हुए। कई सप्ताह तक करीब पूरी तरह से सील रहा है। इससे वहां आटा और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। सरकार और अदालत का कहना है कि इन सीटों को केवल संविधान संशोधन के माध्यम से ही हटाया जा सकता है।

