JAH बनेगा प्रदेश का पहला अस्पताल, जिसके पास स्वयं की 2-2 MRI व CT स्कैन मशीनें, वेटिंग होगी खत्म

एमआरआई जांच के लिए अभी चल रही है 3 माह की वेटिंग

ग्वालियर-अंचल के सबसे बड़े जयारोग्य चिकित्सालय (JAH) समूह के न्यू जेएएच में मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) मशीन लगाने की कवायद शुरू हो गई है। करीब 17 करोड़ की लागत से खरीदी गई इस मशीन के लिए रेडियोलॉजी विभाग में ट्रंकी वर्क (कमरा तैयार करने का काम) तेजी से शुरू कर दिया है। जैसे ही निर्माण पूरा होगा, मशीन का इंस्टॉलेशन कर दिया जाएगा। इस नई मशीन के शुरू होते ही JAH प्रबंधन के नाम बड़ा रिकॉर्ड दर्ज होगा।
होगा JAH प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल बन जाएगा, जिसके पास खुद की (इन-हाउस) दो MRI और दो CT स्कैन मशीनें होंगी। नई मशीन शुरू होने के बाद न केवल एमआरआई की लंबी प्रतीक्षा सूची कम होगी, बल्कि भर्ती मरीजों को जांच के लिए 800 मीटर दूर सुपर स्पेशलिटी तक भी नहीं जाना पड़ेगा।वर्तमान में जेएएच के पुराने परिसर स्थित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में केवल एक एमआरआई मशीन संचालित है।
सीटी स्कैन मशीन तैयार, बिजली कनेक्शन बाकी
दूसरी ओर न्यू जेएएच में करीब दो माह पहले पहुंची नई सीटी स्कैन मशीन अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। मशीन के लिए आवश्यक ट्रंकी वर्क पूरा हो चुका है, लेकिन जली हुई बिजली की केबल नहीं बदले जाने के कारण इंस्टॉलेशन का कार्य रुका हुआ है। इसके चलते अस्पताल में भर्ती मरीजों को सीटी स्कैन के लिए अभी भी माधव डिस्पेंसरी भेजना पड़ रहा है।
इसलिए जरूरी थी दूसरी मशीन
जेएएच में रोजाना 70 से 80 मरीज एमआरआई जांच के लिए पहुंचते हैं, जबकि एक मशीन से इतनी जांच संभव नहीं हो पाती। इसलिए मरीजों को करीब 3 महीने तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं न्यू जेएएच में भर्ती मरीजों को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर के माध्यम से करीब 800 मीटर दूर एमआरआई जांच के लिए ले जाना पड़ता है, जिससे मरीज और परिजन दोनों परेशान होते हैं। नई मशीन स्थापित होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *