दतिया उपचुनाव में भाजपा ने 291 बूथों पर बनाया वार रूम, चुनाव संचालन समिति में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को शामिल किया

दतिया. विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव अब भाषणों और बडी सभाओं से आगे निकलकर बूथ और बिरादरी की लडाई में तब्दील हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रशन मानते हुए अपनी पूरी संगठनात्मक ताकत मैदान में उतार चुके है। एक तरफ भाजपा ने 291 मतदान केंद्रों पर बूथ प्रभारियों की नियुक्ति कर चुनावी वार रूम खडा कर दिया है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी हर बडे सामाजिक वर्ग के लिए अलग-अलग नेताओं की जिम्मेदारी तय कर दी है। अब चुनावी मुकाबला इस बात पर टिक गया है कि मतदान वाले दिन कौन सा दल अपने समर्थक मतदाताओं को बूथ तक अधिक संख्या में पहुंचा पाता है।
291 मतदान केंद्रों पर एक-एक प्रभारी तैनात
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के लिए पार्टी ने विधानसभा के सभी 291 मतदान केंद्रों पर एक-एक प्रभारी तैनात कर दिया है। पूरे इलाके को 21 शक्ति केंद्रों में बांटकर प्रत्येक शक्ति केंद्र की कमान विधायक और पूर्व विधायकों को सौंपी गई है। इनकी जिम्मेदारी सिर्फ प्रचार तक सीमित नहीं है बल्कि बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं का समन्वय, मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क और मतदान प्रतिशत बढाने तक है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि दतिया जैसे उपचुनाव में बूथ प्रबंध नही जीत-हार का सबसे बडा आधार बनेगा।
भाजपा की चुनाव संचालन समिति में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, विधायक प्रदीप अग्रवाल, सांसद संध्या राय, जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा समेत कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। नामांकन के बाद से ही प्रदेश के कई मंत्री और संगठन पदाधिकारी दतिया में डेरा डाले हुए है जिससे साफ है कि पार्टी इस सीट पर कोई जोखिम लेने के मूड में दिखाई नहीं दे रही है।
कांग्रेस की तैयारी
कांग्रेस ने भी मुकाबले को बराबरी का बनाने के लिए अपना पूरा राजनीतिक कुनबा मैदान में उतार रखा है। प्रत्याशी घनश्याम सिंह के समर्थन में अलग-अलग समाजों के लिए अलग-अलग चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ब्राह्मण समाज में पी.पी. शर्मा, हेमंत कटारे, राकेश चतुर्वेदी और प्रवीण पाठक सक्रिय है। क्षत्रिय मतदाताओं के बीच डा. गोविंद सिंह, जयवर्धन सिंह, राहुल सिंह और नीटू सिकरवार प्रचार कर रहे है। अनुसूसित जाति एवं जनजाति वर्ग में फूल सिंह बरैया, महेंद्र बौद्ध, मेवाराम जाटव और सुरेश राजे को जिम्मेदारी मिली है। ओबीसी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए सचिन यादव, अशोक सिंह, दिनेश गुर्जर और लखन सिंह को लगाया गया है, जबकि मुस्लिम मतदाताओं के बीच आरिफ मसूद प्रचार की कमान संभाल रहे है।

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