मानसून अंतिम दौर में, देश में वर्षा की 15% कमी, 218 जिले की सूखे की स्थिति में

नई दिल्ली. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितम्बर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से लौटना शुरू कर सकता है। सामान्य रूप से यह प्रक्रिया 17 सितम्बर से आसपास शुरू होती है। लेकिन इस वर्ष थोड़ी देर से हो रही है पिछले वर्ष 14 सितम्बर का वापिसी शुरू हुई थी।
देशभर में 13 सितम्बर तक में 15प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी है। जून में यह कमी 40 प्रतिशत तक पहुंच गयी थी जो जुलाई की अच्छी वर्षा से घटकर 13 प्रतिशत रह गयी। अगस्त अंत में 14 प्रतिशत और अब 15% पर स्थिर है। इस मौसम में अल-नीनों का असर साफ दिखाई दे रहा है। जिसने कई क्षेत्रों में वर्षा को कमजोर रखा है।
किन प्रदेशों और जिलों में सूखे का है खतरा
मानसून की शुरूआत में सरकार ने कमजोर वर्षा की आशंका को देखते हुए 315 जिलों के लिये आकस्मिक योजनायें एक्टिव थी। इनमें 111 लिे सबसे अधिक संबेदनशील माने गये क्योंकि वहां सिंचाई कवरेज 25 प्रतिशत स कम है। 76 जिले मध्यम जोखिम वाले और 128 जिले अपेक्षाकृत बेहतर सिंचाई वाले थे।
दक्षिण प्रायद्वीप में 28% और पूर्व-उत्तर पूर्व में 25% की कमी है. मध्य भारत में 6% तथा उत्तर-पश्चिम में 10% घाटा है। कई प्रमुख कृषि राज्य ऐसे हैं जहां अब घाटा पूरा होने की उम्मीद बहुत कम है। इनमें पंजाब में 40%, हरियाणा में 23%, राजस्थान में 25%, बिहार में 35%, कर्नाटक में 29%, केरल में 27%, तेलंगाना में 20%, आंध्र प्रदेश में 43%, तमिलनाडु में 26%, अरुणाचल प्रदेश में 42% और मेघालय में 59% की कमी दर्ज है।
