विजयपुर विधायक को हाईकोर्ट से मिली राहत, मुकेश मल्होत्रा के बयान संशोधन की अनुमति मिली, रामनिवास रावत सितम्बर में पेश होंगे

चुनाव हारने के बाद रामनिवास रावत ने कहा था कि कुछ लोगों को लगा कि मेरे बीजेपी में आने के बाद उनका सब कुछ खत्म हो जाएगा। उन लोगों ने मुझे हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

ग्वालियर. हाईकोर्ट ग्वालियर खंडपीठ ने चुनाव याचिका में एक अहम आदेश जारी किया है। विजयपुर सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को अपने लिखित बयान में संशोधनकी अनुमति मिल गयी है। मामले में गुरूवार 28 अगस्त को सुनवाई हुई थी। 29 अगस्त का ऑर्डर जारी किया गया। जिसमें हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लेख करना अनिवार्य नहीं है। हालांकि विवाद का जल्द समाप्त करने के उद्देश्य से यह आवेदन स्वीकार किया गया है।
हाईकोर्ट ने विधायक को 3 कार्य दिवसों के भीतर आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया है। इसके बाद साक्ष्य दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। याचिकाकर्त्ता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को 15 सितम्बर को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है। रावत की गवाही के बाद अन्य गवाहों की क्रमवार गवाही ली जायेगी।
मंत्री को हराकर विधायक बने मल्होत्रा
6 बार के विधायक रामनिवास रावत बीते वर्ष हुए विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा से हार गए थे। चुनाव के बाद रावत ने कांग्रेस विधायक पर चुनावी हलफनामे में आपराधिक रिकार्ड की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया था। रावत ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने हलफनामे में 6 महीने की जेल की सजा सहित कई अपराध कई आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई है। ऐसे में उनका चुनाव शून्य घोषित किया जाए। 23 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई पर हाइकोर्ट ने वाद प्रश्न तय कर लिए थे।

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