हाईकोर्ट ने माधव प्लाजा में दुकान के लिये 10 साल से इंतजार करने पर जीडीए को लगाई फटकार, 8% ब्याज के साथ रकम लौटाने के आदेश
ग्वालियर. हाईकोर्ट की ग्वालियर की डबल बेंच ने माधव प्लाजा शॉपिंग कॉम्पलेक्स प्रोजेक्ट में अनावश्यक देरी पर कहा रूख अपनाया है। हाईकोर्ट ने ग्वालियर विकास प्राधिकरण को आदेश दिया है कि खरीदार का 22.79 लाख रूपये 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत 2 महीने के अंदर लौटाये जायें।
यह मामला कैलाश नारायण गुप्ता से जुड़ा हुआ है। जिन्होंने वर्ष 2015 में माधव प्लाजा कॉम्पलेक्स में19.90 वर्गमीटर की दुकान बुक कराई थी। इसके लिये उन्होंने जीडीए को 22.79 लाख रूपये जमा किये थे। समय बीतने के बावजूद उन्हें न तो दुकान का कब्जा मिला और न ही रजिस्ट्री हो सकी और बाद में यह सामने आया है कि कॉम्पलेक्स कानिर्माण बिना वैध अनुमति के किया जा रहा था।
कैलाश नारायण गुप्ता ने इस संबंध में एमपी रेरा में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन 2019 में उसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने रियल एस्टेट अपीलीय न्यायाधिकरण भोपाल में अपील की। वर्ष 2021 में न्यायाधिकरण ने 3 वर्ष से ज्यादा इंतजार का अनुचित मानते हुए रकम वापिसी का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने जीडीए ने रवैये को मनमाना और अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी खरीदार का अनिश्चितकाल तक इंतजार करने के लिये मजबूर नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने आदेश दिया कि मूल राशि और ब्याज के साथ-साथ जीडीए का 40 हजार रूपये क्षतिपूर्ति और पूर्व में लगाये गये। दस हजार रूपये का हर्जाना भी अदा करना होगा।
