Uncategorized

Uncategorized

रूस ने भारत को दिया एसयू-57 का ऑफर, लेकिन फ्रांस ने भी खोल दिया पिटारा

 Russia Su-57 vs France Rafale

नई दिल्ली. भारत को फाइटर जेट्स के लिये रूस और फ्रांस दोनों ओर से लुभावने के लिये ऑफर मिल रहे हैं। रूस ने एसयू-57ई, पर 6 से बढ़ाकर 126 फायटर प्लेनों का सौदा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। राफेल को टक्कर दे सकता है। वहीं फ्रांस ने राफेल के साथ-साथ तेजस एमके-2 के लिये साफ्रान का एम88-4 इंजन ऑफर दिया है। जो कि जीई एफ414 का विकल्प है। यह यह ऑफर एमआरएफए (मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) टेंडर और तेजस को प्रभावित करेंगे।
फ्रांस ने राफेल F4 के साथ तेजस Mk-2 इंजन का ‘ट्रेजर’ ऑफर दिया. मुख्य बातें…
राफेल F4: 114 विमान G2G डील, $120 मिलियन (करीब 1,000 करोड़ रुपये) प्रति. 60% लोकलाइजेशन, अपग्रेड पेड. पहले 36 राफेल F3-R (2016) और 26 राफेल M (नौसेना) सफल.
क्षमताएं: 4.5 जनरेशन, AESA रडार, मेटियॉर मिसाइल, रेंज 3700 किमी, स्पीड मैक 1.8, पेलोड 9.5 टन. ऑपरेशन सिंदूर (2025) में साबित. F4 में बेहतर सेंसर, स्टील्थ.
साफ्रान M88-4 इंजन (तेजस Mk-2 के लिए): GE F414 (98 kN थ्रस्ट) का विकल्प, M88-4 95-105 kN देगा. प्लग-एंड-प्ले (डिजाइन बदलाव कम), ToT पैकेज. तेजस Mk-2 का पहला फ्लाइट 2026 में F414 से, बाद में M88-4 शिफ्ट. AMCA के 120 kN इंजन के लिए भी ऑफर.
फायदा: साबित तकनीक (राफेल 500+ उड़ानें), फ्रांस के साथ मजबूत संबंध, निर्यात संभावना (M88 से यूरोपीय बाजार). GE देरी (F404 डिलीवरी लेट) से बैकअप.
कमियां: महंगा, अपग्रेड महंगे, 100% ToT नहीं. M88-4 का विकास 2-3 साल लेगा, देरी का रिस्क.
रूस ने Su-57E को राफेल F4 से बेहतर बताते हुए बड़ा दांव लगाया. ऑफर में…
संख्या और कीमत: 126 विमान, हर एक $80 मिलियन (करीब 670 करोड़ रुपये). MRFA के 114 विमानों के बजट में ज्यादा मिलेंगे.
तकनीक ट्रांसफर: पूरा सोर्स कोड, 70-80% लोकलाइजेशन (HAL नासिक में उत्पादन), भारतीय हथियारों (अस्त्रा, रुद्रम) का इंटीग्रेशन और निर्यात अधिकार.
क्षमताएं: 5th जनरेशन स्टील्थ, इंटरनल वेपन बे, सुपरमैन्यूवरेबिलिटी, ओपन आर्किटेक्चर. रेंज 3500 किमी, स्पीड मैक 2, पेलोड 10 टन.
फायदा: सस्ता, अपग्रेड फ्री, Su-30MKI से कम्पैटिबल. एयरो इंडिया 2025 में शोकेस किया.
कमियां: Su-57 की स्टील्थ रडार क्रॉस-सेक्शन (RCS) 0.1-1 m² (F-35 के 0.001 m² से ज्यादा), इंजन AL-41F1S (थ्रस्ट 147 kN, लेकिन अपरिपक्व). सैंक्शंस से डिलीवरी देरी. IAF को 5th जनरेशन चाहिए, लेकिन Su-57 अभी ‘4++’ जैसा.
रूस का ऑफर MRFA को बदल सकता है, लेकिन यूक्रेन युद्ध से रूस की विश्वसनीयता पर सवाल.

 

Uncategorized

एसडीओ को तहसील में पटवारी की पदस्थापना का अधिकारी, पटवारी की याचिका खारिज-हाईकोर्ट

ग्वालियर. हाईकोर्ट ने पटवारी विनोदसिंह मावई की ट्रांसफर संबंधी याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सब डिवीजन ऑफीसर का तहसील के अन्दर पटवारियों का पदस्थापना का वैधानिक अधिकार हैं विनोदसिंह को 17 जून 2025 को बानमोर खुर्द हल्का में तैनात किया गया था। एक माह के बाद 28 जुलाई 2025 को उन्हें संचौली हल्का में भेज दिया गया। पटवारी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उनका तर्क था कि एसडीओ को अतिरिक्त कलेक्टर के आदेश बदलने का अधिकार नहीं है।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि विनोद सिंह के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। 20 दिसंबर 2024 को उन पर चार्जशीट जारी की गई थी। जांच लंबित होने के कारण उन्हें प्रशासनिक दृष्टि से स्थानांतरित किया गया।कोर्ट ने माना कि मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता के तहत एसडीओ को तहसील में पटवारियों की पोस्टिंग का अधिकार है। हल्का बदलना स्थानांतरण की श्रेणी में नहीं आता। 28 जुलाई का आदेश पूर्व आदेश को रद्द नहीं करता, बल्कि एक स्वतंत्र आदेश है। प्रशासनिक कारणों और लंबित जांच को देखते हुए पटवारी का स्थानांतरण उचित है।

 

Uncategorized

हाईकोर्ट ने एडवोकेट को सामाजिक सेवा का दिया निर्देश, अंधाश्रम के बच्चों के साथ बिताये 1 घंटा, 10 हजार भोजन-नाश्ता भी दें

ग्वालियर. हाईकोर्ट की ग्वालियर डबल बेंच ने एक अनूठा आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेन्द्र यादव की खंडपीठ ने एक वकील को माधव अंधाश्रम में सामाजिक सेवा का निर्देश दिया है। यह मामला सुशील वर्मा बनाम मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम से जुड़ा है। अपीलकर्ता के एडवोकेट प्रशांत शर्मा की लगातार अनुपस्थिति की वजह से मूल याचिका खारिज कर दी गयी थी। यह याचिका पदोन्नति से जुड़ी थी और पिछले 10 वर्षो से लंबित थी।
कोर्ट ने कहा कि वकील की गलती का खामियाजा पक्षकार को नहीं भुगतना चाहिए। साथ ही न्यायालय ने कहा कि कोर्ट की प्रक्रिया की अवहेलना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसलिए कोर्ट ने वकील को निर्देश दिया कि वे माधव अंधाश्रम में एक घंटा बिताएं। वकील को वहां के वंचित बच्चों के साथ समय बिताना होगा। साथ ही उन्हें 10 हजार रुपए की खाद्य सामग्री और नाश्ता भी देना होगा।

Uncategorized

“नमो मेराथन” विकसित, समृद्ध, नशा मुक्त व स्वच्छ भारत के लिए दौड़ा शहर

ग्वालियर- भव्य “नमो मैराथन” दौड़ का आयोजन हुआ। मैराथन दौड़ में शामिल हुए हजारों हजार युवाओं ने विकसित, समृद्ध, नशा मुक्ति स्वस्थ, व स्वच्छ भारत का संदेश दिया। नमो मैराथन के लिए जिले के 3 हज़ार 517 युवाओं ने पहले ही ऑन लाइन पंजीयन कराये थे। इन युवाओं सहित आज अन्य युवा भी एल एन आई पी पहुंचे और मैराथन दौड़ में शामिल हुए।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य अतिथ्य में नमो मेराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय, मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, सांसद भारत सिंह कुशवाह कलेक्टर रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, एलएनआईपीई की कुलपति कल्पना शर्मा, नगर निगम आयुक्त संघप्रिय सहित अन्य अधिकारी मेराथन दौड़ में शामिल युवाओं का उत्साहवर्धन करने पहुँचे थे।
एलएनआईपी से शुरू हुई नमो मैराथन रेस कोर्स रोड, स्टेशन बजरिया, गांधी रोड, आकाशवाणी तिराहा, कृषि विश्वविद्यालय सूर्य नमस्कार तिराहा व मेला रोड होते हुए वापस एल एन आई पी पहुंची। मैराथन दौड़ में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं व बालिकाओं ने भी हिस्सा लिया। अंत में अतिथियों द्वारा पुरुष व महिला वर्ग में पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे विजेताओं को नकद एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

Uncategorized

जीवाजी विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह की हुई फाइनल रिहर्सल, कुलगुरू ने स्वयं किया कार्यक्रम स्थल का मुआयना

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का आयोजन 22 सितंबर सोमवार को अटलबिहारी वाजपेयी इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा। कार्यक्रम से पहले रविवार को इसकी फाइनल रिहर्सल हुई। रिहर्सल में डिग्री धारकों व स्टाफ को ही बुलाया गया। डिग्रीधारकों व गोल्ड मेडल धारकों को बताया कि समारोह के दिन उपस्थित रहना है। गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। इसी क्रम में एकेडमिक प्रोसेशन निकाला गया।एकेडमिक प्रोसेशन की रिहर्सल में कुलसचिव प्रो.राकेश कुशवाह, कुलाधिसचिव प्रो.डीएन गोस्वामी, कार्यपरिषद सदस्यगण ,अकादमिक काउंसिल के सदस्य,डीन और कुलगुरू डॉ.राजकुमार आचार्य क्रम से शामिल रहे। सभी के मंच पर पहुंचने के बाद राष्ट्रगान गाया गया।इसके बाद मंच से कार्यक्रम की शुरूआत हुई। रिहर्सल के दौरान समय प्रबंधन के तहत प्रोटोकॉल का पालन का ध्यान रखा गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय उपाध्यक्ष विद्या भारती अवनीश भटनागर उपस्थित रहेंगे। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल मंगुभाई पटेल करेंगे।दीक्षांत उपदेश कुलगुरू डॉ.राजकुमार आचार्य द्वारा दिया जाएगा। कुलगुरू ने कहा कि सभी लोग अच्छे से अच्छा करने का प्रयास करें।उन्होंने ड्रेस के बारे में कहा कि प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होना चाहिए। छात्रों को व्यवस्थित व समय पर ड्रेस उपलब्ध होना चाहिए। इस दौरान डॉ. नीलिमा सिंह चंदेल, डॉ. रवि अम्बे, वीरेंद्र सिंह पाल, प्रो.जेएन गौतम ,प्रो.एसएन महापत्रा, प्रो हेमंत शर्मा, प्रो.एसके सिंह, प्रो.शांतिदेव सिसौदिया, ,डॉ.समीर भाग्यवंत, प्रो.राधा तोमर, प्रो.मुकुल तैलंग, प्रो. सुमन जैन, डॉ.नवनीत गरूड़, प्रो. राजेंद्र खटीक, प्रो.गणेश दुबे, प्रो.वायके जेसवाल, प्रो.विवेक बापट, डॉ .सपन पटेल, उप कुलसचिव, सहायक कुलसचिव सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Uncategorized

दुर्लभ सफेद उल्लू के पंखों को साफ कर जंगल में छोड़ा उल्लू

सागर. शहर के शास्त्रीनगर स्थित शासकीय स्कूल कैम्पस में एक दुर्लभ सफेद उल्लू पाया गया। उसके दोनों पंखों में बबल गम और टेप चिपका हुआ था। जिस कारण से वह उड़ नहीं पा रहा था। शिक्षकों ने जब यह देखा तो तत्काल पक्षी प्रेमी शैलेन्द्र जैन को खबर दी। शैलेन्द्र जैन मौैके पर पहुंचे और रेस्क्यू कर उल्लू को पकड़ा और नजदीक से देखने पर पता चला कि उसके दोनों पंखों पर टेप और गोंद चिपका हुआ था। पंख चिपकने की वजह से पूरी तरह से असहाय हो गया था उड़ान भरने में सक्षम नहीं था।
उल्लू के पंखों की सफाई घर पर की
शैलेन्द्र उल्लू को अपने घर लेकर आये और उसके पंख साफ करने काकाम शुरू किया। शुरूआत में पानी और शैंपू से सफाई की, लेकिन गोंद नहीं निकला। इसके बाद हल्के केमीकल की सहायता से धीरे-धीरे पंख साफ किये गये। यह प्रक्रिया 2 दिन चली। आखिरकार पंख पूरी तरह साफ होने के बाद उल्लू फिर से उड़ने लायक हो गया है।
तांत्रिक क्रिया का शक
शैलेंद्र जैन ने आशंका जताई कि किसी ने अंधविश्वास या तांत्रिक क्रिया के लिए इस उल्लू को पकड़ा होगा। उन्होंने कहा- “दीपावली नजदीक है। ऐसे समय में तंत्र क्रिया करने वाले लोग सफेद उल्लू को पकड़कर उसके पंख, चोंच और नाखून का उपयोग करते हैं। संभव है कि किसी ने इसे पकड़ा और गोंद व टेप लगाया हो। बाद में यह स्कूल परिसर तक पहुंच गया।”
जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया
पंख ठीक होने पर उल्लू ने उड़ान भरनी शुरू कर दी। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया। शैलेंद्र जैन ने कहा- “सफेद उल्लू बहुत दुर्लभ होता है। यह आसानी से नजर नहीं आता। इस पर तांत्रिकों की नजर हमेशा रहती है।”

 

Uncategorized

एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट लगातार लेट हो रहा है, हर पिलर को समय तय किया गया

ग्वालियर. एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट में और ज्यादा देरी रोकने के लिये अब काम कराने की रणनीति बदली गयी है। लोक निर्माण विभाग के सेतु संभाग ने इसके लिये दोनों चरण में काम कर रही कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर शिकंजा कसते हुए हर पिलर और स्लेब का काम पूरा करने की समय सीमा तय कर दी है। क्योंकि पहले चरण का निर्माण कार्य तय समय से लगभग डेढ़ वर्ष देरी से चल रहा है। कंस्ट्रक्शन कंपनी मंगलम की लापरवाही की वजह से यह काम लगातार लेट हो रहा है। अब कंपनी को पिलर व स्लैब को लेकर फिक्स समय दिया गया है। यदि तय समय में उन पिलर व स्लैब का काम नहीं हुआ तो कंपनी पर कार्यवाही होगी।
एलिवेटेड रोड के 8 लूप पर काम नहीं हो रहा
जलालपुर चौराहे के पास से शुरू होकर पहले चरण का यह एलिवेटेड रोड लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के पास तक तैयार हो रहा है। जिसमें मुख्य कॉरिडोर 5.895 किमी लम्बा और लूप 4.130 किमी यानी कि इस एलिवेटेड रोड के निर्माण की कुल लम्बाई 10.25 किमी रहेगी। जिसमें से मुख्य कॉरिडोर में तैयार होने वाले 229 में से 195 पिलर व 228 में से सिर्फ 126 स्लैब काकाम हो पाया है और इतना ही नहीं 13 प्वाइंट पर तैयार होने वाले लूप में से 8 पर कंस्ट्रक्शन कंपनी ने काम आगे नहीं बढ़ाया है। इन सभी में देरी से प्रोजेक्ट निरंतर लेट हो रहा है।

 

Uncategorized

सड़क पर दौड़ती इलेक्ट्रिक बाइक में लगी आग, युवक ने कूंद कर जान बचाई

सड़क पर जलती इलेक्ट्रिक स्कूटी। - Dainik Bhaskar

ग्वालियर. इंदरगंज थाना इलाके के जिन्सी नाला रोड पर एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में शॉर्ट सर्किट से आग लग गयी । घटना शनिवार की दोपहर 3 बजे जिंसी नाला नम्बर 1 के पास की है। स्कूटी में अचानक आग लगते ही युवक ने तत्काल कूंदकर अपनी जान बचाई। उसने पास की दुकान सक कपड़ लेकर आग बुिझाने का प्रयास किया। लेकिन आग इतनी जबरदस्त थी कि यह प्रयास बेकार रहा।
घटना के वकत् आसपास के लोगों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को खबर दी। हालांकि फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्कूटी सवार युवक ने वहां मौजूद लोगों की मदद से स्कूटी में लग रही आग पर मिट्टी और पानी डालकर आग पर काबू पाया।
स्कूटी कुछ ही मिनटों में जलकर पूरी तरह से राख हो गयी। घटना के दौरान वहां से गुजर रहे राहगीरों ने सड़क पर जलती स्कूटी का वीडियो मोबाइल से बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

Uncategorized

एमपी हाईकोर्ट में अवकाश के दिन बैठी 8 बैंच, 600 केसों की सुनवाई की, 350 निर्णय हुए

जबलपुर हाईकोर्ट में आज 10 जजों की बेंच बैठेंगी। - Dainik Bhaskar

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में शनिवार 20 सितम्बर को अवकाश के दिन एक साथ 8 बेंच बैठेंगी। यह बेंच सुबह 10.30 से लंबित जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। यह पहली बार है जब एक साथ 8 न्यायालय सुनवाई करने जा रही है। ऐसा माना जा रहा हैकि एक न्यायालय में पास कम से कम 100 जमानत याचिका से जुड़े केस होंगे। यानी 8 बेंच एक दिन में एक हजार याचिकाओं को सुनेगी।


छरअसल, हाईकोर्ट बार एसोसियेशन के अध्यक्ष डीके जैन और सचिव परितोष त्रिवेदी ने कुछ दिन पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा से मुलाकात की थी। उन्हें एक मांग पत्र सौंपा था जिसमें लंबित मामलों की सुनवाई के लिये विशेष पहल करने का आग्रह किया था। चीफ जस्टिस ने बार एसोसियेशन की मांगों को सुनने के बाद निर्णय लिया कि अवकाश के दिन 10 बेंच लंबित जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
बार एसोसियेशन के सचिव परितोष त्रिवेदी ने बताया कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ चीफ जस्टिस से लगातार मांग कर रहा था। हमारा कहना है कि जमानत याचिकाओं समेत कई अहम मामले लम्बे समय से सुनवाई के लिये अटके। जिससे जेल में कैदियों की संख्या बढ़ ही रही है। लंम्बित मामले भी दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं।
बुधवार से बढ़ाई गयी थी 3 रेगुलर बेंच
हाईकोर्ट में बढ़ती याचिकाओं को देखते हुए 17 सितम्बर से जमानत याचिकाओं की सुनवाई करने वाली एक और बेंच बढ़ा दी थी। पहले 3 बेंच सुनवाई करती थी। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की पहल पर 10 बेंच एक साथ जमानता याचिकाओं के लंम्बित प्रकरणों की सुनवाई का फैसला लिया गया था। प्रत्येक जज के समक्ष 100 केस रखना तय हुआ था। बार एसोसियेशन ने उम्मीद जताई थी कि अगले सप्ताह तक जमानत के सभी केसों का समाधान हो जायेगा। नये सिरे से केसों की सुनवाई होगी।
31 दिसंबर तक 50 छुट्टियां रहेंगी
हाईकोर्ट बार के सचिव परितोष त्रिवेदी ने बताया कि आने वाले समय में बहुत छुट्टियां है। पहले दशहरा में एक सप्ताह की छुट्टी, फिर दीपावली भी एक सप्ताह कोर्ट बंद और भी अन्य त्योहार है। 31 दिसंबर तक 50 से अधिक छुट्टी है। ज्यादातर मामले जमानत के रहे। परितोष त्रिवेदी ने कहा कि हम चाहते हैं कि न्याय तुंरत मिलें, क्योंकि 2, 3 माह बाद जेल से छूटता है, तो वह न्याय नहीं कहलाता है। उन्होंने बताया कि ये पहला अवसर है, जब छुट्टी के दिन 8 बेंचों ने सुनवाई की है।

Uncategorized

आगामी त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस ने शहर में निकाला फ्लैग मार्च

ग्वालियर आगामी त्योहरों को दृष्टिगत रखते हुए कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा आमजन में सुरक्षा का भरोसा दिलाने के उद्देष्य से ग्वालियर शहर के फूलबाग चौराहा से जिला पुलिस बल व सीआरपीएफ की कंपनी द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च में सीआरपीएफ कंपनी के असिस्टेंट कमाडेंट आरसी मीना, सीएसपी महाराजपुरा नागेन्द्र सिंह सिकरवार, सीएसपी मुरार अतुल कुमार सोनी, डीएसपी यातायात अजीत सिंह चौहान, प्रषिक्षु डीएसपी अन्नपूर्णा सिरसाम सहित थाना प्रभारीगण, यातायात के अधिकारी एवं पुलिस बल सम्मलित हुआ।
फ्लैग मार्च आज शाम 4ः00 बजे फूलबाग मैदान से प्रारम्भ हुआ जो फूलबाग से सेवा नगर, किला गेट, हजीरा चौराहा, चार शहर का नाका होेते हुए सागर ताल चौराहा, बहोड़ापुर चौराहा, कटी घाटी, हनुमान चौराहा, महाराज बाड़ा से सर्राफा, गस्त का ताजिया, राम मंदिर, ऊंटपुल, इंदरगंज चौराहा होते हुए नदी गेट, मोती तबेला, बैजाताल, नए पड़ाव पुल, तानसेन तिराहा, आकाशवाणी, थाटीपुर चौराहा, बारादरी चौराहा, 7 नंबर चौराहा, दूध डेरी तिराहा, सूर्य नमस्कार तिराहा, तानसेन तिराहा होते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर समाप्त हुआ। इस फ्लैग मार्च में दो सौ से अधिक पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया।
पुलिस द्वारा निकाले गये इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के अवसर पर ग्वालियर जिले की कानून व यातायात व्यवस्था बनाए रखना और असमाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने का संदेश देना और आमलोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाना था। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस द्वारा असामाजिक एवं शरारती तत्वों को साफ शब्दों में चेतावनी दी गई कि अगर किसी के भी द्वारा माहौल खराब करने का प्रयास किया गया तो ऐसे तत्वों के विरूद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।