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सरकारी कर्मचारी की FIR के खिलाफ की गयी अपील खारिज, हाईकोर्ट बोला -जांच का पहला चरण है FIR

ग्वालियर. हाईकोर्ट की डबलबेंच ने विभागीय मामलों में रिश्वत मांगने के आरोपी सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी चेतन शर्मा की रिट अपील को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर दर्ज होना अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है। यह केवल जांच की शुरूआत है। यदि जांच में आरोपी या किसी अन्य अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ कानून के तहत कार्यवाही की जायेगी।
यह मामला पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग से जुड़ा है। 2017 में ममता पाक के पति का स्थाई वर्गीकरण निरस्व्त कर दिया गया था। पति के निधन के बाद ममता पाठक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन विभाग ने 2 वर्षो तक कोई जवाब नहीं दिया। याचिकाकर्त्ता के अधिवक्ता देवेश शर्मा ने विभाग काउत्तर देने का अधिकार समाप्त करने की अर्जी लर्गा थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद शासन ने पुर्नविचार याचिका की।
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने FIR के दिए थे निर्देश
इस पूरे प्रकरण पर पहले हाईकोर्ट की एकल पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि पीएचई विभाग ने हाईकोर्ट तक को नहीं छोड़ा। कोर्ट ने चेतन शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए थे। चेतन शर्मा ने इस आदेश को युगल पीठ में चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया और वह पिछले दो सालों से संबंधित कार्य से जुड़े ही नहीं थे। उन्होंने खुद को एक ईमानदार कर्मचारी बताया। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और कहा कि विशिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963 की धारा 41(डी) के अंतर्गत आपराधिक जांच पर रोक नहीं लगाई जा सकती। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करे।

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दूसरा चांद-60 वर्षो से धरती के साथ है दूसरा चांद, वैज्ञानिकों ने तलाशा अभी 60 साल और रहेगा

नई दिल्ली. पृथ्वी के पास चन्द्रमा के अलावा और भी चांद हो सकते हैं। हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक नये क्वासी -मून की तलाश की है। जिसका 2025 पीएन7 यह छोटा सा एस्टेरॉयड पृथ्वी के साथ सूर्य की परिक्रमा कर रहा है। लेकिन असल में यह हमारी कक्षा में चक्कर नहीं लगा रहा। यह तालश बताती है कि हमारा और सौर मंडल कितना रहस्यमयी है।
क्या है क्वासी मून
क्वासी-मून एक तरह क्षुद्रग्रह होता है जो पृथ्वी के साथ सूर्य के चारों ओर घूमता है। ऐसा लगता है जैसे यह पृथ्वी का चन्द्रमा हो। लेकिन वास्तव में सूर्य की कक्षा में है। यह गुरूत्वाकर्षण का एक खेल है। प्लैनेटरी सोसाइटी के अनुसार यह एस्टेरॉयड पृथ्वी के साथ अर्स्था यात्रा करते हैं कि सदैव हमारे साथ नहीं रहते हैं। पृथ्वी के पास पहले से 7 ज्ञात क्वासी मून है। जैसे कार्डिया और कामो ओआलेवा। नया खोजा गया है। 2025 पीएन7 सबसे छोटा और सबसे कम स्थिर क्वासी मून है। यह पृथ्वी के साथ अगले 60 तक रहेगा। लेकिन उसके बाद चला जायेगा।
पीएन7 की तलाश 2025 में कैसे हुई
यह एस्टेरॉयड 2 अगस्त 2025 को हर्वा के हेलाकात वैधशाला में पैन-स्टार्स 1 टेलीस्कोप से पहली बार देखा गया। लेकिन पुराने आर्काइव डेटा से पता चला है कि यह 2014 से ही दिखाई दे रहा था। फ्रेंच पत्रकार और एमेच्योर खगोलशास्त्री एड्रियन कोफिनेट ने सबसे पहले सका विश्लेषण किया है। उन्होंने मायनर प्लैनेट मेलिंग लिस्ट पर 30 अगस्त को पोस्ट किया कि यह पृथ्वी की क्वासी-सैटेलाट है।

 

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BJP नेता बना ड्रग तस्कर देशभर में था नेटवर्क, दिखावे के लिये ट्यूबवेल का व्यापार


भोपाल. आगर-मालवा पुलिस ने शुक्रवार को 2 कार नम्बर एमपी13 सीडी4006, एमपी13सीडी 6055 किलो केटामाइन, 6 ग्राम एमडी ड्रग, 12.100 किलो अमोनिया क्लोराड पाउडर, 36 लीटर आसोप्रोपाल अल्कोहल, ड्रग बनाने की मशीन और अन्य उपकरण बरामद किये। जब्त माल की अंर्तराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 5 करोड़ 8 लाख रूपये से ज्यादा आंकी गयी हैं एक्सपर्टो के अनुसार 1 किलो कैटाीमान से करीब 10 किलो एमडी मेफेड्रोन तैयार किया जा सकता है। आंजना के बारे में कई जानकारी पुलिस को मिली है। ऐसा पता चला है कि उसका नेटवर्क देशभर में फैला था। ट्यूबवल मशीन के व्यापारा की आड़ में वह तस्करी करता था।


क्या है मामला
पूरा माली राहुल आंजना नाम के भाजपा नेता की कार से बरामद किया गया था। उसके 2 गुर्गे ईश्वर मालवीय और दौलतसिंह आंजना से पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। दोनों ने पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। उन्होंनें पुलिस को बताया कि राहुल के कहने परी गुजरात, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र में ड्रग को खपाने का काम कर चुके हैं। पिछले 2 वर्षो से राहुल से जुड़कर स काम को अंजाम दे रहे हैं।

राहुल आंजना को 19 मई 2025 को दिया गया था पद।
माल को राहुल के बताये स्थानत क पहुंचाने के एवज में 5 हजार रूपये प्रति ट्रिप के हिसाब से मिलते थे। राहुल और उसके नजदीकी सुरेश की तलाश में पुलिस की 3 टीमें जुटी है। उनके उज्जैन और राजस्थान के संभावित ठिकानों पर दविश दी जा चुकी है। एक टीम राजस्थान में डेरा डाले हुए है। जल्द राहुल की गिरफ्तारी के दावे किये जा रहे हैं। वहीं राहुल की कार से बरामद माल को राजस्थान तक पहुंचाया जाना था।
फोन का उपयोग नहीं करते
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि तस्करी के लिये केवल कार का उपयोग किया जाता था। बायरोड ही सफर करते थे। काटन में माल भरकर रखा जाता था। अधिकांश रॉ मटीरियल ही राजस्थान तक पहुंचाया जाता था। जिन्हें डिलेवरी देना होती थी। उनकी जानकारी हमें नहीं होती थी। पहले से तय स्थान पर कार को छोड़ दिया जाता था। दूसरी चाबी पहले ही वहां मौजूद राहुल के अन्य गुर्गो के पास होती थी। जिन्हें हम नहीं जानते। कार को लॉक कर छोड़ने के बाद हम निकल जाते थे और बाद में दूसरे गुर्गे दूसरी चाबी का उपयोग कर ले जाते थे। माल तैयार होने पर अगले स्थान की जानकारी व्यक्तिगत तोर पर राहुल के गुर्गे मिलकर देते थे। इसके बाद तैयार हो चुकी एमडी को दूसरे तय स्थान पर छोड़ दिया करते थे। प्रत्येक ट्रिप के लिये हमें 5 हजार रूपये दिन के हिसाब से भुगतान किया जाता था।
राहुल आंजना के पिता भी थे बीजेपी के नेता
राहुल आंजना के पिता सेवाराम आंजना भी बीजेपी के नेता रह चुके हैं। आगर-मालवा में मंडल अध्यक्ष सहित तमाम पदों पर रहे। उसकी मां सरपंच है। राहुल सरपंच प्रतिनिधि के तौर पर भी काम करता था। इसी के साथ बीजेपी ने उसे तनोडिया मंडल उपाध्यक्ष के पद पर 19 मई 2025 को नियुक्त किया था। जब्त कार से पुलिस को सरपंच की सील भी मिली है।
राहुल आंजना सरकार का रसूख दिखाकर अपने आसपास के इलाकों में ट्यूबवेल के लिए ठेके लेता था। उसकी स्वयं की बोरिंग मशीन है। पुलिस डेढ़ महीने से उसकी निगरानी कर रही थी। रंगे हाथों पकड़ने के लिए पुलिस ने उसके करीबियों को साध लिया था। उनके माध्यम से ड्रग खरीदी के लिए डील भी की जा चुकी थी। पूर्व में भी पुलिस दो बार राहुल को माल सहित गिरफ्तार करने का प्रयास कर चुकी थी।

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निरीक्षण-डीआरएम को रेलवे स्टेशन पर मिली गंदगी और अव्यवस्था हुए नाराज

ग्वालियर. झांसी मंडल के रेल प्रबंधक अनिरूद्ध कुमार ने शनिवार को रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बीच स्टेशन पर अव्यवस्थायें देखने को मिली जैसे कि गंदगी के साथ ही लापरवाहपूर्ण रवैया खुलकर डीआरएम के सामने आ गया। डीआरएम ने सफाई व्यवस्था से लेकर अधिकारियों की कार्यशैली तक हर जगह नाराज दिखाई दिये। निरीक्षण के दौरान वह शौचालय में चले गये वहां कर्मचारी सफाई कर रहे थे। यह देखकर उन्होंने सीएचआई से पूछा आज ही सफाई क्यों हो रही है। यहां की बद्बू बता रही है कि रोज सफाई नहीं होती है। रोजाना सफाई कराओ वरना कार्यवाही होंगी। सीएचआई ने यह सुनकर नजरें झुका ली। निरीक्षण के बीच पार्सल कार्यालय में खराब तौल मशीन देखकर डीआरएम नाराज हुए। उन्होंने सीपीएस से पूछा कि यह कंडम मशीन यहां क्यों पड़ी है हटाओ इसे।
डीआरएम के आने की रात में ही स्थानीय अधिकारियों को भनक लग चुकी थी। लेकिन इसके बाद भी स्टेशन की बदहाल तस्वीर बदली नहीं। शाम 4 बजकर 10 मिनट पर उदी मोड से निरीक्षण करते हुए ग्वालियर पहुंचे डीआरएम ने सबसे पहले स्टेशन पर चल रहे पुर्न विकास कार्य का प्रजेंटेशन देखा। इसके बाद से सीधे प्लेटफार्म क्रमांक 1 पर पहुंचे और निर्माण कार्यो की बारीकी से जांच की। यहां डिप्टी सीई सुधीर पटेल से उन्होंने कई सवाल पूछे। वहीं भोजनालय पर पहुंचे डीआरएम ने कर्मचारियों से पानी की बोतल की कीमत पूछी। तो जबाव मिला 15 रूपये। इस पर डीआरएम ने सख्ती दिखाते हुए कहा अगर शिकायत आई तो छोडूंगा नहीं।
रेलवे स्टेशन के पुर्नविकास का 70% काम पूरा
डीआरएम अनिरूद्ध कुमार ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा है कि रेलवे स्टेशन पुनर्विकास का काम अभी करीब 20% तक जा पहुंचा है। इसमें मुख्य काम फाउंडेशन बनाने का होता है। जो करीब तैयार हो चुका है। पूर्वकी ओर स्ट्रक्चर का काम होगा। इसमें अब 3-4 माह लगेंगे। नवम्बर में भी कुछ काम पूरे होंगे। झांसी मण्डल में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में उच्चीकरण के लिये चयनित 16 स्टेशन का काम चल रहा है। इनमें से कुछ स्टेशनों का काम करीब पूर्ण हो चुका है। जिनका उद्घाटन किया जा सकता है। डीआरएम ने चर्चा के दौरान कहा है कि वह जिस अपेक्षा के साथ ग्वालियर आये थे वह उन्हें निरीक्षण में कहीं नहीं दिखाई दिया। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर सफाई-कैटरिंग सुधार में सुधार की काफी जरूरत है।

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ड्रोन दीदी योजना -दीदी ड्रोन फेल पूरे साल रही कमाई कमजोर, 90 प्रतिशत महिलायें घाटे में , किसान ड्रोन दीदी को बुलाने के बजाये ट्रैक्टर से करा रहे छिड़काव

भोपाल. ड्रोन दीदी योजना को लेकर किये गये दावे उड़ान भी नहीं पाये कि साल भर पहले जब योजना लांच हुई तो कहा गया था कि इससे महिलाओं को खासी कमाई होगी। लेकिन हकीकत यह है कि मध्यप्रदेश की 90 प्रतिशत ड्रोन दीदी घाटे में हैं। महज 10 प्रतिशत ने ही एक साल में एक लाख रूपये अधिक कमाये हैं।
यह बात इसलिये, क्योंकि मध्यप्रदेश सरकार की ओर 1 हजार से ज्यादा ड्रोन दीदी बनाने का प्रस्ताव केन्द्र का भेजा जा रहा है। इस प्रस्ताव के दौरा इस योजना का एनालायसिस किया गया तो सामने आया कि एक साल पहले जिन 89 महिलाओं को ड्रोन दीदी बनाया गया था उनमें से अधिक मुश्किल हालात का सामना कर रही है।
यह है सच्चाई
ड्रोन मिला, पर काम नहीं मिला, पूरे वर्षभर में 7 हजार का ही काम कटनी के बड़ावदा ब्लॉक की ड्रोन दीदी हेमलता विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें ड्रोन तो मिला। लेकिन ज्यादा काम नहीं मिला। ई-बाइक भी नहीं मिली। दूसरे गांव से ऑर्डर आते हैं। लेकिन जा नहीं पाते । ड्रोन की बैटरी महज 7-8 मिनट ही चलती है। 2 सेट दिये है, बैअरी के, लेकिन एक चार्ज नहीं होती है उसके पहले दूसरी बैटरी डिस्चार्ज हो जाती है।
मुरैना की ड्रोन दी खुश्बू लोधी ने बताया कि पूरे साल में 6-7 हजार रूपये का ही कर पाये। इस ड्रोन से में पेस्टिसाइड्स का छिड़काव नहीं कर सकते हें। ऐसे किसान बोलते हैं कि सिर्फ एक छिड़काव क लिये क्यों बुलायें। पूरे साल में 70 हजार रूपये की कमाई हुई है।
आय न होने की ये वजहें
ड्रोन दीदी के लिए 300 रुपए प्रति एकड़ रेट तय किया गया था, लेकिन आधा ही मिल रहा है।
सरकार से 100% सब्सिडी पर ड्रोन मिला है। लेकिन इसके बाद इस ड्रोन को चलाने के लिए एक सहयोगी की जरूरत होती है। उसका खर्च करीब 8 हजार रुपए महीना होता है। नियमित काम न हो तो खर्च नहीं निकल पाता।
बैटरी 15-20 मिनट ही चलती है। फिर नीचे उतारकर दूसरी बैटरी लगाना पड़ती है। इससे किसान चिढ़ जाते हैं।
विदेशों में ड्रोन का उपयोग इन कामों में
चाइना, जापान समेत तमाम देशों में ड्रोन से होम डिलीवरी की जा रही है।
दुबई सिंगापुर व अमेरिका में अवैध निर्माण की पहचान और ट्रैफिक मॉनिटरिंग हो रही है।
अफ्रीका, इंडोनेशिया, ब्राजील जैसे देशों में वनों की निगरानी, जंगली जानवरों की गिनती और पर्यावरण डेटा जुटाने में उपयोग।
रवांडा और घाना में स्वास्थ्य सेवाएं देने में और आपदा प्रबंधन में इनका उपयोग किया जा रहा है।
जहां दिक्कतें हैं उन्हें दूर कर रहे
ड्रोन दीदियों को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। कुछ दीदी अच्छा कमा रही हैं। जहां दिक्कतें हैं, उनको दूर कर रहे हैं।
मनीष पवार, स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर, एसआरएलएम

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प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की 2 उंगलियां जीप के दरवाजे में दबी तो बहने लगा खून, चक्कर आ गये

बैतूल. आठनेर में बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की स्वागत रैली के दौरान अचानक तबियत बिगड़ गयी ।वाहन पर चढ़ते वक्त उनकी उंगली गाड़ी के गेट में दब गयी। इससे दर्द के चलते उन्हें चक्कर आ गया। कार्यकर्त्ताओं ने डीजे बन्द कर उन्हें निजी अस्पताल पहुंचाया। हेमंत खंडेलवाल के साथ मौजूद जिला भाजपा ध्यक्ष कृष्णा गायकी ने बताया है कि भीड़ के वक्त वह वाहन के गेट पर थे। तभी अचानक जप का गेट बंद दिया गया है जिसमें प्रदेशाध्यक्ष की 2 उंगलियां दब गयी। इसके बाद उनसे खून आने लगा। मैंने उन्हें देखा तो उनकी तबियत कुछ बिगडी हुई लगी तो उन्हें मैंने तत्काल निजी अस्पताल दे गये। जहां जांच में सब कुछ सामान्य पाया गया। एक्सरे में भी कोई परेशानी नजर नहीं आई।
चोट की वजह से चक्कर आये-डॉक्टर
डॉ. देवेन्द्र चढ़ोकर ने प्राथमिक जांच के बाद बताया है कि उनकी उंगली में चोट और तेज दर्द की वजह से चक्कर आ गये। फिलहाल उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य है। उन्हें इसके बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। आपको बता दें कि प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद खंडेलवाल पहली बार आठनेर पहुंचे थे। उनके स्वागत में नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्मा, तुलादान और स्वागत समारोहों का आयोजन किया गया।
अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही प्रदेशाध्यक्ष खंडेलवाल ने कार्यकर्त्ताओं ने जोश और जनता के स्वागत को देखते हुए फिर से रोड़ शो में भाग लिया। वह नगर में आयोजित सभी स्वागत समारोहों में शामिल हुए और लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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50 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड की धोखाधड़ी करने वाली गैंग का खुलासा 3 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने 50 लाख रूपये के म्यूचुअल फंड को ट्रांसफर करने से पहले ही होल्ड कराया।
पकड़े गये आरोपियों में दो ICICI म्यूूचुअल फंड कंपनी में रिलेशनशिप मैनेजर हैं
ग्वालियर फरियादी डॉ. दिनेशकुमार मजूमदार ने एसएसपी धर्मवीर सिंह को शिकायत की तो उन्होंने गंभीरता से लेते हुए म्यूचुअल फण्ड अकाउंट में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मोबाइल नम्बर व ईमेल आईडी बदलकर या परिवर्तित कर दिया गया है। 50 लाख रूपये म्यूचुअल फंड ट्रांसफर कर धोखाधड़ी की गयी है। इसमें एएसपी सुमन गुर्जर एवं डीएसपी क्राइम नागेन्द्रसिंह सिकरवार ने साइबर क्राइम टीम से उक्त प्रकरण जांच कराकर सायबर फ्रॉड में सम्मलित आरोपियों पर सख्त कार्यवाही करने के लिये निर्देशित किया है।
ज्ञात हुआ कि फरियादी के ICICI  व अन्य बैकांे में म्यूचुअल फंड है और इन म्यूचुअल फंड का संधारण व ट्राजेक्शन प्रोसेस कैम्स कम्पनी द्वारा किया जाता है। सायबर क्राइम टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए फरियादी के 50 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड पर डेबिट फ्रीज लगाकर धोखाधड़ी कर ट्रांसफर किये गये म्युचुअल फंड को फ्रीज किया व तकनीकी जानकारी एकत्रित कर जो फर्जी नम्बर म्यूचुअल फंड अकाउन्ट में रजिस्टर्ड किया गया था उस सिम के धारक आरोपी नीकेष रावत पुत्र संतोष रावत उम्र 27 साल निवासी विनय नगर बहोड़ापुर जिला ग्वालियर को गिरफ्तार किया गया।
ज्ञात हुआ कि उक्त कृत्य के मास्टरमाइंड ICICI  म्यूचुअल फण्ड सिटी सेन्टर ऑफिस के 2 कर्मचारी है जिनमें से एक कर्मचारी मयंक राजपूत पुत्र हिम्मत सिंह राजपूत उम्र 30 साल निवासी गायत्री विहार थाटीपुर जिला ग्वालियर पूर्व से ही फरियादी डॉ. दिनेश मजूमदार के म्युचुअल फंड अकाउन्ट को देखता था। कुछ दिनों पहले डॉ.मजूमदार ने कुछ और नये इंवेस्टमेंट करने हेतु मयंक राजपूत को अपने घर पर बुलाया था उसी समय मयंक राजपूत द्वारा इंवेस्टमेंट के पेपरों के बीच में डिटेल्स अपडेषन फार्म छिपाकर उनके हस्ताक्षर करा लिये थे, जिसकी जानकारी डॉ. मजूमदार को नही थी।
आरोपी द्वारा अपने साथी आरोपी सचित त्रिपाठी पुत्र सुनील त्रिपाठी उम्र 25 साल निवासी गोविंदपुरी ग्वालियर के साथ मिलकर फर्जी एप्पलीकेशन फरियादी के नाम से बनाकर मोबाइल नम्बर व ईमेल आईडी को म्युचुअल फण्ड अकाउन्ट में चेंज कर फर्जी दस्तावेजांे पर खरीदी गई सिम को रजिस्टर्ड कर बाद में बैकिंग डिटेल चेंज कर फरियादी के करोड़ांे रुपये के म्युचुअल फण्ड को हड़पने की फिराक में थे। आरोपियों द्वारा अन्य खातों में ट्रांसफर करने का प्रयास किया गया, परन्तु साइबर क्राइम टीम द्वारा उन म्युचुअल फंड पर होल्ड लगाकर ट्रांस्फर होने से पहले ही आरोपीगणों को गिरफ्तार कर लिया गया।

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कॉम्बिंग गश्त में 336 फरार स्थाई, 298 गुण्डा हिस्ट्रीशीटरों को किया चेक

ग्वालियर। कॉम्बिंग गश्त में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा शहर का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों को प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। ग्वालियर पुलिस के अधिकारियों द्वारा अधीनस्थ थाना बल के साथ अपने-अपने क्षेत्र में पैदल गश्त किया गया। इस दौरान उनके द्वारा फरारी बदमाशों, वारंटियों, गुण्डों, हिस्ट्रीशीटरों एवं जिला बदर के आरोपियों की उनके घरों पर चेकिंग के साथ ही बैंक एटीएम एवं होटल, लॉज, धर्मषाला, ढाबों को भी चेक किया। इस गष्त के लिये पुलिस की टीमें बनाकर शहर व देहात क्षेत्रों में संवेदनशील इलाकों में भी गश्त की गई। कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहनों तथा मुंह बांधे दो पहिया वाहन चालकों की विषेष तौर पर चेकिंग की गई।
कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस ने जिले में कुल 160 स्थाई वारंट, 176 गिरफ्तारी वारंट तामील कराये गये साथ ही 148 गुण्डा एवं 150 हिस्ट्रीशीटरों व जिला बदर को चेक किया। कॉम्बिंग गश्त के दौरान थाना हजीरा, पुरानी छावनी, घाटीगांव, भितरवार एवं बिजौली में अवैध शराब का 01-01 प्रकरण तथा थाना पुरानी छावनी में 02 फरार आरोपियों को पकड़ा गया और थाना डबरा सिटी में 01 अवैध हथियार सहित आरोपी को पकड़ा। इसके अलावा 12 अन्य प्रकरणों में कार्यवाही की गई हैं।
कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस द्वारा कई सक्रिय बदमाशों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की गई साथ ही गुण्डों एवं हिस्ट्रीशीटरों के रिकॉर्ड को अपडेट किया। शहर व देहात क्षेत्र की गली मौहल्लों में घूमकर पुलिस ने गुण्डे, बदमाशों की धरपकड़ की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा जिले में आगामी त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के उद्देष्य से यह कॉम्बिंग गश्त कराई गई। पुलिस टीमों द्वारा गुण्डों एवं बदमाशों  तथा जिला बदर के आरोपियों के घर जाकर उनकी जानकारी ली गई, चैकिंग के दौरान प्रत्येक गुण्डा, बदमाश  को चेतावनी भी दी गई कि यदि वह किसी भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। कॉम्बिंग गष्त के दौरान जेल से रिहा होकर आये आरोपियों को भी चेक किया गया। अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के उद्देष्य से ग्वालियर पुलिस द्वारा की गई यह कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

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नेशनल लोक अदालत में पुराने केसों का हुआ समाधान, महीनों से परेशान लोगों के मिनटों में निपटे मामले, पुराने बिल, बिजली चोरी जुड़े थे प्रकरण

ग्वालियर. शनिवार को जिला एवं सत्र शस्त्र न्यायालय के परिसर में वर्ष 2025 की तीसरी नेशनल लोक अदालत लगाई गयी थी। जिसमें मध्यप्रदेश व्ुित मंडल द्वारा लम्बे समय से बिजली का बिल न भरने वाले उपभोक्ताओं के केस लाये गये थे। जहां शहर क अलग-अलग इलाके से उपभोक्ता अपने -अपने बकाया बिल की राशि कम कराकर केस खत्म कराने के लिये पहुंचे थे। यहां व्ुित मण्डल के कर्मचारियोें ने इन उपभोक्ताओं से बल की राशि जमा कराकर उन पर माह से न्यायालय में चल रहे प्रकरणों को ख्त्म कराया है। नेशनल लोक अदालत पहुंचे उपभोक्ताओं में झूठे चोरी के केस, पुराने बिल और चोरी से लाइट चलाते हुए पकड़े गये लोग शामिल थे।
नेशनल लोक अदालत पहुंचे कुछ ऐसे बिजली उपभोक्ता भी थे जिन पर बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा जबरन खेत में चोरी की लाइट से मोटर जलाने के मामले दर्ज किए गए थे। लोक अदालत में उप नगर मुरार के ग्राम भेलापुर गांव में आधा दर्जन से ज्यादा किसान पहुंचे थे। जहां किसान रघुवीर सिंह ने बताया कि बिजली विभाग ने उनके खेत में झूठी मोटर चलाने का केस दर्ज कर दिया है। बल्कि हकीकत की है कि ग्वालियर में हुई अधिक वर्षा के चलते उनके पूरे खेत में घुटनों तक पानी भरा हुआ है उनकी फसल पूरी बर्बाद हो गई है। इसके बावजूद भी बिजली विभाग ने उन पर झूठा चोरी का केस लगाकर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया है। बिजली विभाग के अधिकारी का कहना है कि उन्हें जमात की पूरी राशि भरना होगी। जुर्माना नहीं भरने के एवाज में उनके ऊपर अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाएगा। बता दें कि नेशनल लोक अदालत में बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के सैकड़ों लोगों के पुराने बिल और चोरी के प्रकरणों को खत्म करते हुए करीब चार से पांच लाख रुपए की राशि इन बिल उपभोक्ताओं से जमा कराई है।

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महापौर ने शिवपुरी लिंक रोड पर रोपे 101 पौधे

ग्वालियर। शहर को हरा भरा बनाने के लिए महापौर डॉ शोभा सिकरवार ने अमृत हरित महाअभियान के तहत शिवपुरी लिंक रोड पर 101 पौधों का रोपण किया। पौधों की सुरक्षा के लिए वहां पर ट्री गार्ड भी लगाए गए । पौधरोपण के समय महापौर के साथ कई एमआईसी सदस्य एवं पार्षद मौजूद रहे।
अधिक से अधिक पौधे लगाकर शहर को हरा-भरा बनाने के लिए अमृत हरित महाअभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने शनिवार को शिवपुरी लिंक रोड पर सडक़ किनारे 101 छायादार पौधों का रोपण किया। इन पौधों में पीपल, नीम, बरगद, आम आदि के शामिल थे। पौधरोपण करने वालों में उप नेता सत्तापक्ष मंगल यादव, मेयर इन काउंसिल के सदस्य अवधेश कौरव, गायत्री मंडेलिया, सरोज हेवरन कंसाना, नोडल अधिकारी पार्क मुकेश बंसल, पार्क पर्यवेक्षक अंकित परिहार, रवि पाराशर सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।