50 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड की धोखाधड़ी करने वाली गैंग का खुलासा 3 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने 50 लाख रूपये के म्यूचुअल फंड को ट्रांसफर करने से पहले ही होल्ड कराया।
पकड़े गये आरोपियों में दो ICICI म्यूूचुअल फंड कंपनी में रिलेशनशिप मैनेजर हैं
ग्वालियर फरियादी डॉ. दिनेशकुमार मजूमदार ने एसएसपी धर्मवीर सिंह को शिकायत की तो उन्होंने गंभीरता से लेते हुए म्यूचुअल फण्ड अकाउंट में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मोबाइल नम्बर व ईमेल आईडी बदलकर या परिवर्तित कर दिया गया है। 50 लाख रूपये म्यूचुअल फंड ट्रांसफर कर धोखाधड़ी की गयी है। इसमें एएसपी सुमन गुर्जर एवं डीएसपी क्राइम नागेन्द्रसिंह सिकरवार ने साइबर क्राइम टीम से उक्त प्रकरण जांच कराकर सायबर फ्रॉड में सम्मलित आरोपियों पर सख्त कार्यवाही करने के लिये निर्देशित किया है।
ज्ञात हुआ कि फरियादी के ICICI व अन्य बैकांे में म्यूचुअल फंड है और इन म्यूचुअल फंड का संधारण व ट्राजेक्शन प्रोसेस कैम्स कम्पनी द्वारा किया जाता है। सायबर क्राइम टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए फरियादी के 50 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड पर डेबिट फ्रीज लगाकर धोखाधड़ी कर ट्रांसफर किये गये म्युचुअल फंड को फ्रीज किया व तकनीकी जानकारी एकत्रित कर जो फर्जी नम्बर म्यूचुअल फंड अकाउन्ट में रजिस्टर्ड किया गया था उस सिम के धारक आरोपी नीकेष रावत पुत्र संतोष रावत उम्र 27 साल निवासी विनय नगर बहोड़ापुर जिला ग्वालियर को गिरफ्तार किया गया।
ज्ञात हुआ कि उक्त कृत्य के मास्टरमाइंड ICICI म्यूचुअल फण्ड सिटी सेन्टर ऑफिस के 2 कर्मचारी है जिनमें से एक कर्मचारी मयंक राजपूत पुत्र हिम्मत सिंह राजपूत उम्र 30 साल निवासी गायत्री विहार थाटीपुर जिला ग्वालियर पूर्व से ही फरियादी डॉ. दिनेश मजूमदार के म्युचुअल फंड अकाउन्ट को देखता था। कुछ दिनों पहले डॉ.मजूमदार ने कुछ और नये इंवेस्टमेंट करने हेतु मयंक राजपूत को अपने घर पर बुलाया था उसी समय मयंक राजपूत द्वारा इंवेस्टमेंट के पेपरों के बीच में डिटेल्स अपडेषन फार्म छिपाकर उनके हस्ताक्षर करा लिये थे, जिसकी जानकारी डॉ. मजूमदार को नही थी।
आरोपी द्वारा अपने साथी आरोपी सचित त्रिपाठी पुत्र सुनील त्रिपाठी उम्र 25 साल निवासी गोविंदपुरी ग्वालियर के साथ मिलकर फर्जी एप्पलीकेशन फरियादी के नाम से बनाकर मोबाइल नम्बर व ईमेल आईडी को म्युचुअल फण्ड अकाउन्ट में चेंज कर फर्जी दस्तावेजांे पर खरीदी गई सिम को रजिस्टर्ड कर बाद में बैकिंग डिटेल चेंज कर फरियादी के करोड़ांे रुपये के म्युचुअल फण्ड को हड़पने की फिराक में थे। आरोपियों द्वारा अन्य खातों में ट्रांसफर करने का प्रयास किया गया, परन्तु साइबर क्राइम टीम द्वारा उन म्युचुअल फंड पर होल्ड लगाकर ट्रांस्फर होने से पहले ही आरोपीगणों को गिरफ्तार कर लिया गया।

