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MP में 5 दिन के अन्दर मिलेगा PNG कनेक्शन, ग्वालियर, भोपाल, इंदौर सहित 21 जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित

भोपाल. मध्यप्रदेश में आवेदन करने के बाद 5 दिनों के अन्दर पीएनजी कनेक्शन मिल जायेगा। रेसेंडेंसियल परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचिन और आंगनवाड़ी केन्द्रों में जल्दी ही कनेक्शन दिये जायेंगे। जिन इलाकों में पीएनजी लाइन बिछ चुकी है। लेकिन कनेक्शन नहीं लिया गया है तो अगले 3 महिने के अन्दर एलपीजी कनेक्शन बंद कर दिया जायेगा। पीएनजी कनेक्शन देने के लिये खाद्य विभाग ने भोपाल, इन्दौर सहित प्रदेश के 21 जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किये हैं। जहां पर कनेक्शन के लिये इंक्वॉयरी की जा सकेगी।
खाद्य मंत्री गोविंदन सिंह राजपूत ने बताया है कि सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थायें अगले 3 माह में दिये जाने वाले पीएनजी कनेक्शन का टारगेट तय करेगी। प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन और उन पर क्या कार्यवाही हुई है। इसकी मॉनीटरिंग भी संस्थायें करेंगी। सीजीडी संस्थायें पीएनजी के लाभ एवं कनेक्शन की प्रक्रिया से संबंधित एफएक्यू तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश नोडल सीजीडी संस्था थिंक गैस का दिये गये है।
प्रदेश में 10 पीएनजी संस्थाएं
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) में प्रदेश में कार्यरत 10 संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने को कहा गया है। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। जहां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग, उनकी शिकायत को तत्काल दूर किया जाएगा। कलेक्टर, एडीएम भी कनेक्शन को लेकर लोगों को प्रेरित करेंगे।
24 घंटे में होंगे एमओयू
केंद्र सरकार के निर्देश के बाद पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास,पीडब्ल्यूडी और मप्र औद्योगिक विकास निगम द्वारा सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन करने के 24 घंटे में पाइप-लाइन बिछाने की आरओयू अनुमति दिए जाएंगे। यह आदेश जारी कर दिए गए हैं। विभाग ने 10 से अधिक आरओयू आवेदनों की 24 घंटे के अंदर स्वीकृति जारी की है।

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ग्वालियर रेलवे स्टेशन का नाम अटल या माधवराव के नाम पर हो का मुद्दा संसद में गूंजा

ग्वालियर. मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चम्बल संभाग में एक बार फिर राजनीतिक गुटबाजी खुलकर सामने आ गयी है। ग्वालियर रेलवे स्टेशनके नामकरण को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेन्द्र सिंह तोमर समर्थकों के बीच खींचतान तेज हो गयी है। यह मुद्दा अब स्थानीये के दायरे से निकल कर संसद भवन तक पहुच गया। ग्वालियर के सांसद भारतसिंह कुशवाह (तोमर गुट) ने रेल बजट पर चर्चा के दौरान 11 मार्च को ग्वालियर की कनेक्टिविटी और विकास के मामले उठाने के साथ इस रेलवे स्टेशन का नाम अटलबिहार बाजपेई के नाम रखने की मांग उठाई। उनके प्रस्ताव पर सदन में कई सांसदों ने मेज थपथपाकर समर्थन भी किया।
सिंधिया गुट की ओर से माधवराव सिंधिया के नाम पर भी चर्चा
वहीं सिंधिया गुट की तरफ से पहले से ही माधवराव सिंधिया के नाम पर स्टेशन का नामकरण करने की चर्चा चल रही थी। हालाकि आधिकारिक मांग नहीं आयी ।लेकिन समर्थक इसे लेकर लगातार आवाज उठा रहे है। इसका समर्थन करते हुए सिंधिया परिवार केक नजदीकी नेता बाल खांडे का कहना हैकि स्वर्गीय माधवराव सिंधिया ने रेलमंत्री रहते ग्वालियर रेलवे स्टेशन के उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
मंच भी अलग-अलग, सियासी दूरी साफ
सिंधिया और तोमर गुट के बीच दूरी अब सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नजर आ रही है। हाल ही में मोहन यादव की मौजूदगी में हुए कार्यक्रमों में दोनों गुटों के नेता एक साथ नजर नहीं आए। कई मौकों पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के मंच से दूरी बनाई।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया व विधानसभा अध्यक्ष तोमर गुट कार्यक्रमों में भी मंच साझा नहीं करते हैं। हाल ही में प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में घाटीगांव में आयोजित लाड़ली बहना योजना के राज्य स्तरीय सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष और ग्वालियर सांसद शामिल नहीं हुए। जानकारों का कहना है कि सांसद कुशवाह के लोकसभा क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्हें बुलाया गया था। इससे पहले ग्वालियर सांसद ने तिघरा के कुलैथ में किसान सम्मेलन कराया था। जिसमें सीएम डॉ. मोहन यादव आए थे। लेकिन केन्द्रीय मंत्री सिंधिया शामिल नहीं हुए। इसके अलावा सिंधिया व सांसद के बीच पत्रों की होड़ भी खूब चर्चा में रह चुकी है।

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अचलेश्वर मंदिर के पुजारी ने भक्त को पीटा, चेतावनी दी कि तुझे तांत्रिक क्रिया से भस्म करेंगे, भगवान पर फेंककर प्रसाद चढ़ाने का है झग्रड़ा

ग्वालियर. मध्यप्रदेश के ग्वालियर में अचलेश्वर मंदिरके पुजारी ने एक श्रद्धालु की जमकर पिटाई कर दी। प्रसाद चढ़ाने के विवाद के बाद नटराज भवन के कमरे में थप्पड़ मारे। गले पर पकड़ा और जोर से धकेल दिया। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गयी। मामला कम्पू थाने इलाके का है। पीडित का नाम राजेश बोहरा 54, है। जो लक्ष्मीगंज लश्कर के निवासी है। आरोपी पुजारी ने जान से मारने की धमकी दी है। इससे पीडि़त को जान का खतरा है। वह और उनका परिवार डरा शहमा हुआ है। सुरक्षा की मांग की है।

3  तस्वीरें देखिए

घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

पुजारी गगन ने अभद्र व्यवहार किया। बोला- मंदिर के नटराज भवन में ले जाकर ‘सही कर दो’।
सीसीटीवी में धक्का-मुक्की और गाली-गलौज दिखाई दे रही है।
सीसीटीवी में धक्का-मुक्की और गाली-गलौज दिखाई दे रही है।

पुजारी बोला- तुझे तांत्रिक क्रिया से भस्म कर देंगे
राजेश बोहरा ने बताया कि पुजारी गौरव कटारे ने धमकी दी। पुजारी ने कहा कि तुझे तांत्रिक क्रिया से भस्म कर देंगे। तू सड़-सड़कर मरेगा। पीड़ित ने यह भी कहा कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे वह और उनका परिवार डरा हुआ है।शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने उसी पुजारी से दीक्षा ली थी, जिसके साथ उसका विवाद हुआ था। इसके बावजूद, पुजारी ने एक शिष्य के साथ इस तरह का बर्ताव किया।पीड़ित श्रद्धालु राजेश ने बताया कि वह पिछले 40 साल से अचलेश्वर मंदिर में पूजा-पाठ कर रहे हैं। 29 मार्च को वे मंदिर में पूजा करने गए थे। इस दौरान उन्होंने पुजारी गगन कटारे को प्रसाद चढ़ाने के लिए दिया। पुजारी ने प्रसाद को भगवान पर फेंककर चढ़ाया।
नटराज भवन में ले जाकर की पिटाई
इस दौरान श्रद्धालु राजेश बोहरा ने पुजारी गगन कटारे से प्रसाद ठीक से चढ़ाने के लिए कहा। इससे पुजारी भड़क गया। पुजारी गगन ने बदसलूकी की। मंदिर में मौजूद कर्मचारियों से कहा कि इसे मंदिर के नटराज भवन में ले जाओ। वहां ले जाकर इसे ‘सही कर दो’। मंदिर में पुजारी की धमकी के बाद कहासुनी हो गई। पुजारी ने गाली-गलौज की। राजेश बोहरा को खींचकर नटराज भवन में ले जाया गया। यहां पुजारी गौरव कटारे ने मारपीट की। धक्का-मुक्की भी की। मारपीट की वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

 

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फुटपाथ और मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई, सामान जब्त कर दी सख्त चेतावनी

ग्वालियर। नगर निगम आयुक्त दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई नोडल अधिकारी एवं मदाखलत अधिकारी के निर्देशन में की गई। कार्रवाई के दौरान महाराज बाड़ा, नजरबाग मार्केट और सुभाष मार्केट क्षेत्रों में आमजन के आवागमन में बाधा बन रहे फुटपाथी व्यापारियों को हटाया गया और उनका सामान जब्त किया गया।
इसी क्रम में राम मंदिर स्थित मुख्य मार्ग पर यातायात अवरुद्ध कर रहे हाथ ठेला संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। मौके पर ठेलों को हटाकर सामान जब्त किया गया तथा सभी संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में मुख्य मार्ग पर ठेले लगाकर यातायात बाधित न करें, अन्यथा जुर्माना वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान में मदाखलत निरीक्षक विशाल जाटव, लव झा सहित दक्षिण विधानसभा का अमला उपस्थित रहा।शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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गांधी प्राणी उद्यान में सफेद टाइगर ‘मीरा’ ने दिए 3 शावकों को जन्म

ग्वालियर। नगर निगम द्वारा संचालित गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) से एक सुखद खबर सामने आई है। यहां मादा सफेद टाइगर ‘मीरा’ ने 5 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 बजे तीन शावकों को जन्म दिया है। चिड़ियाघर प्रभारी ने बताया कि जन्मे शावकों में 2 पीले (रॉयल बंगाल) और एक सफेद टाइगर है। इस नए जन्म के साथ ही चिड़ियाघर में कुल टाइगरों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जिनमें 4 सफेद और 6 रॉयल बंगाल टाइगर शामिल हैं। इनमें 4 नर, 3 मादा और 3 शावक हैं।
जू क्यूरेटर के अनुसार, मादा टाइगर ‘मीरा’ और उसके तीनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। ‘मीरा’ को फिलहाल हल्का आहार दिया जा रहा है ताकि उसकी सेहत बेहतर बनी रहे।नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर चिड़ियाघर प्रशासन को नवजात शावकों की विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्धारित अवधि तक शावकों को आइसोलेशन में रखा जाएगा और उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा निर्धारित सभी स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा है।यह उपलब्धि न केवल चिड़ियाघर के लिए गर्व का विषय है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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सिंध नदी में रेत के अवैध उत्खनन में लिप्त 3 पंडुब्बियां नष्ट कीं 

ग्वालियर -डबरा तहसील के अंतर्गत सिंध नदी में रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन के खिलाफ कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर संयुक्त टीम द्वारा 2 दिनों से लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान रेत के अवैध उत्खनन में लिप्त 3 पंडुब्बियां नष्ट की गई हैं। साथ ही लोहे के पाइप व ड्रम जब्त किए गए हैं। इसके अलावा अवैध रूप से भंडारित लगभग 5 हजार 760 घन मीटर रेत जब्त किया गया है।
जिला खनिज अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार 4 अप्रैल को डबरा तहसील के अंतर्गत चांदपुर के समीप से होकर बह रही सिंध नदी में संयुक्त कार्रवाई के दौरान रेत के अवैध उत्खनन में लिप्त 3 पंडुब्बियों को नष्ट किया गया। साथ ही 20 फुट लंबाई के 10 लोहे के पाइप व 15 ड्रम जब्त किए गए। इसी तरह रविवार 5 अप्रैल को पुन: कार्रवाई कर सिंध नदी क्षेत्र में अवैध रूप से भंडारित 5760 घन मीटर रेत जब्त किया गया है। दोषियों के खिलाफ खनिज अधिनियम सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खनिज पदार्थों के अवैध उत्खनन, परिवहन व भण्डारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
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ईरान ने मार गिया या अमेरिका स्वयं क्रैश किया सी-130 फिर भी हेलीकॉप्टर की तबाही पर सस्पेंस बरकरार

नयी दिल्ली. मिडिल ईस्ट में जारी जंग के दौरान अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आखिर सी-130 हरकुलस और ब्लैक हॉक्स हेलीकॉप्टरर्स को कितने ध्वस्त किया है। ईरान और अमेरिका दोनों के अलग-अलग दावों ने इस घटना को रहस्य बना दिया है। ईरान का दावा है कि उसने इस्फहान इलाके में अमेरिकी सैन्य मिशन के दौरान 2 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक सी-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को मार गिराया है। ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के अनुसार यह सभी विमान एक रेस्क्यू ऑपरेशन का भाग थे। इसी ऑपरेशन के तहत अमेरिका का दावा है कि उसने अपने पायलट को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। ईरान के सरकारी मीडियाने इस घटना के कुछ वीडियो और तस्वीरें भी जारी की है। जिनमें जले हुए मलबे और रेगिस्तान में उठता धुआं दिखाई दे रहा है। आइआरजीसी का कहना है कि ज्वॉइंट ऑपरेशन के दौरान दुश्मन के कई उड़ने वाले ऑबजेक्शन को नष्ट कर दिखा गया है।
क्रू मेम्बर का रेस्क्यू ट्रम्प ने किया कंफर्म
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस रेस्क्यू मिशन को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा है -हमने उसे ढूंढ निकाला। पिछले ही कुछ घंटों में अमेरिमकी सेना ने इतिहास के सबसे साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन में से एक को अंजाम दिया है। वह अब पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि अमेरिका के सेंट्रल कमांड कीओर से अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है। विमान कैक्से तबाह हुए है। यही कारण है कि इस पूरे मामले पर सस्पेंस बना हुआ है। एक ओर ईरान इसे अपनी बड़ी सैनय कामयाबी बता रही है। दूसरी ओर अमेरिकी पक्ष इसे रणनीतिक फैसला मान रहा है।
अमेरिका का दावा- विमानों को किया गया ध्वस्त
दूसरी तरफ, अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट इस कहानी को पूरी तरह पलट देती है।  ये विमान ईरान की गोलीबारी से नहीं गिरे, बल्कि अमेरिका ने खुद इन्हें नष्ट किया. बताया जा रहा है कि जब अमेरिकी कमांडो टीम अपने लापता पायलट को बचाने के लिए ऑपरेशन चला रही थी, तब 2  ट्रांसपोर्ट विमान एक दूरदराज के बेस पर फंस गए।  ऐसे में कमांडरों ने फैसला लिया कि इन्हें दुश्मन के हाथ लगने देने से बेहतर है कि खुद ही उड़ा दिया जाए । इसके बाद 3 नए विमान भेजे गए और सभी अमेरिकी सैनिकों और पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया । यानी, यह पूरी कार्रवाई एक रणनीतिक कदम हो सकती है, ताकि संवेदनशील सैन्य तकनीक ईरान के हाथ न लगे।  यह घटना तब हुई जब हाल ही में ईरान ने F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया था।  इसी विमान के एक क्रू मेंबर को बचाने के लिए यह हाई-रिस्क ऑपरेशन चलाया गया था।

 

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मैं 19 बरस की पति 40 बरस का वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं, हाईकोर्ट ने पत्नी को प्रेमी संग जाने की दी इजाजत

ग्वालियर. MP  हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) के एक मामले में सुनवाई करते हुए 19 वर्षीय युवती को उसके प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दी है। युवती ने हाईकोर्ट में कहा है कि 21 साल बड़े पति के साथ उसका वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं चल पा रहा है। वह अपनी मर्जी से प्रेमी अनुज कुमार के साथ रहना अपना जीवन व्यतीत करना चाहती है। कांउसिंग के बाद भी उसने यही इच्छा दोहराई। हाईकोर्ट ने युवती की स्वतंत्र इच्छा को प्राथमिकता देते हुए उसे जाने की अनुमति दी है। 6 महिने के लिये शौर्या दीदी के रूप में निगरानी व्यवस्था भी तय की है। निर्देश दिये गये कि औपचारिकतायें पूरी कर युवती को वनस्टॉप सेंटर से मुक्त कर किया जाये।
युवती की इच्छा को हाईकोर्ट ने दी प्राथमिकता
युवती के पति अवधेश की तरफ से यह याचिका एडवोकेट सुरेशपाल सिंह गुर्जर ने दायर की थी। इसमें आरोप था कि उसकी पत्नी को अनुजकुमार ने अवैध रूप से रखा हुआ है इसके बाद पुलिस ने युवती को वनस्टॉप सेंटर में रखा है। शुक्रवार को सुनवाई के बीच युवती को वनस्टॉप सेंटर से सब इंस्पेक्टर जितेन्द्रसिंह सिकरबार, हेड कांस्टबल अखिलेश सेंथिया और लेडी कांस्टेबल भावना ने हाईकोर्ट में पेश किया है। युवती के माता -पिता, पति अवधेश और प्रेमी अनुज भी हाईकोर्ट में था। न्यायमूति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेन्द्र यादव की डबल बेंच युवती की इच्छा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला सुनाया।
मैं बालिग, किसी अवैध बंधन में नहीं…युवती बोली
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने युवती से उसकी इच्छा पूछी। युवती ने साफ कहा- मैं बालिग हूं। किसी अवैध बंधन में नहीं हूं। अपनी मर्जी से रह रही हूं। मैं पति, अपने माता-पिता के साथ भी नहीं रहना चाहती। युवती ने कहा- मेरी उम्र 19 साल है, जबकि पति की उम्र 40 साल है। इस 21 साल के अंतर के कारण वैवाहिक जीवन में सामंजस्य नहीं बन पाया। मेरे साथ दुर्व्यवहार भी हुआ। कोर्ट के निर्देश पर सरकारी वकील अंजलि ज्ञानानी ने युवती की काउंसलिंग की। इसके बाद भी उसने अपने प्रेमी के साथ रहने की इच्छा दोहराई। प्रेमी अनुज ने भी कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह युवती की पूरी देखभाल करेगा। किसी तरह की प्रताड़ना नहीं देगा। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि याचिका का उद्देश्य समाप्त हो चुका है।
कोर्ट ने युवती को प्रेमी अनुज के साथ जाने की अनुमति देते हुए अंजलि ज्ञानानी और लेडी कांस्टेबल भावना को 6 महीने के लिए शौर्या दीदी नियुक्त किया, जो युवती के संपर्क में रहकर उसकी सुरक्षा, भलाई और मार्गदर्शन देने का काम करेंगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि युवती को वन स्टॉप सेंटर, कंपू (ग्वालियर) से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मुक्त किया जाए।

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अमित शाह के रोड शो में हुआ था बवाल, बंगाल में कई थानेदारों का बदला विभाग

नई दिल्ली. पष्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस विभाग में फिर बडा फेरबदल किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने कोलकाता के कई पुलिस स्टेशनों के इंचार्ज अधिकारियों का तबादला कर दिया है। जानकारी के अनुसार पार्क स्ट्रीट पुलिस स्टेेशन के इंचार्ज हीरक दलपति का तबादला इंटेलिजेंस विभाग में कर दिया गया है। लालबाजार के डिटेक्टिव विभाग के नीलकंठ रॉय को इस पुलिस स्टेेशन का नया इंचार्ज बनाया गया है।
दो चरणों में चुनाव होना है
राज्य में दो चरणों में होने वाले चुनाव से पहले ईसीआई नौकरेशाहों और पुलिस अधिकारियों का तबादला कर रहा है। इस बार आयोग ने कोलकाता पुलिस में एक बडे फेरबदल का आदेेश दिया है।
कई अधिकारियों का विभाग बदला गया
आदेेश संख्या 181 और 182 जारी करके इंस्पेक्टर रैंक के कई अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस आदेेश के अनुसार शहर के कई महत्वपूर्ण पुलिस स्टेेशों के इंचार्ज अधिकारियों या ओसीएस को हटाकर डिटेक्टिव विभाग एसटीएफ या स्पेेशल ब्रांच जैसे विभागों में भेज दिया गया है। इसी तरह चेतला पुलिस स्टेेशन के ओसी अमिताभ सरकार को एसटीएफ में भेज दिया गया है।
बवाल के बाद उठाया बडा कदम
बता दें कि कुछ दिनों पहले भवानीपुर में उस समय तनाव भडक गया था जब भाजपा उम्मीदवार शुभेंद्र अधिकारी द्वारा नामांकन दाखिल करने से पहले एक रोड शो आयोजित किया गया था जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए थे। उस घटना के बाद चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा और उन्हें भवानीपुर घटना के संबंध में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कानून-व्यवस्था में बाधा के कारण चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही आयोग ने आदेश दिया था कि उन चार जगहों पर जल्द ही किसी और को जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसी माहौल में आयोग ने 24 घंटे के भीतर कोलकाता पुलिस के 6 थानों के ओसी बदल दिए।

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7वें वेतन आयोग -क्यों हो रही महंगाई भत्ते में देरी और कितनी बढ़ेगा वेतन

नई दिल्ली. केन्द्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स जनवरी 2026 में महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में वृद्धि का बेसब्री से इतजार कर रहे है। अप्रैल माह शुरू हो चुका है अभी तक कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की गयी। जिससे कई लोगों को लग रहा है कि जल्द ही इसका ऐलान होने वाला है।
महंगाई भत्ता (डीए) में वृद्धि से मासिक वेतन और पेंशन में सीधे तौर पर वृद्धि होती है।इसलिये एक छोटा सा बदलाव भी लाखों परिवारों के लिये महत्व रखता है। अभी केन्द्र सरकार ने 8वां वेतन आयोग भी लागू नहीं किया है। जिस वजह से इन कर्मचारियों का 7वें वेतन आयोग के तहत ही डीए और डीआर में वृद्धि का अनुमान है। केन्द्र सरकार साल में 2 बार महंगाई भत्ता में वृद्धि करती है। पहली बढ़ोत्तरी जनवरी से लागू होती है। जिसका ऐलान मार्च या अप्रैल में किया जाता है। जबकि दूसरी वृद्धि जुलाई से लागू होती है। जिसका ऐलान सितम्बर -अक्टूबर में लागू किया जाता है। सरकारी कर्मचारी अभी जनवरी वाले भत्ते का इंतजार कर रहे है।
महंगाई भत्ते के आने में क्यों हो रही देरी
मार्च में डीए की वृद्धि का ऐलान नहीं होने की वजह से चिन्ता पैदा हुई है। लेकिन एक्सपर्टस का कहना है कि यह असामान्य हो सकता है। कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल कंसल्टिंग सॉल्यूशंस प्रायवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य विजन अधिकारी प्रतीक वैद्य बताते हैं। कि यह प्रॉसेस एक तय समय समय सीमा का पालन करती है। उन्होंने कहा है कि आमतौर पर जनवरी के लिये एग्रीकल्चर खर्च संबंध ऐलान मार्च के आसपास पूरी हो जाती है। जब महंगाई के आंकड़े जारी होते हैं। इसलिये समय के लिहाज से देखें तो इसमें कोई खास बदलाव नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे कहा है कि जिसे कई लोग देरी कह रहे है। वह असल में मंदी से अधिक उम्मीदों से जुड़ी है। वैद्य ने कहा है कि जिस देरी को ‘‘देरी’’ के रूप में देखा जा रहा है। वह वास्तविकता से कहीं अधिक अपेक्षाओं पर आधारित है। यह दिसम्बर तक पूरे वर्ष के एआइ्रसीपीआई आंकड़ों पर निर्भरकरता है। उसके बाद एक प्रॉसेंस है। फाईल की आवाजाही, वित्तीय जांच, कैबिनेट की मंजूरी, फिर डीए में बढ़ोत्तरी का ऐलान हो सकता है।
क्‍यों लग रहा इतना समय?
नियमित अप्रूवल के अलावा, व्यापक आर्थिक स्थिति भी समय तय करने में भूमिका निभा सकती है।  वैद्य ने कहा कि सरकार जल्‍दी से ऐलान करने के बजाय उनमें अंराल रखना पसंद करेगी। इससे पता चलता है कि सरकार अपने फैसलों को जल्‍दबाजी में लेने के बजाय धीरे-धीरे ले ही है, भले ही कैलकुलेशन पहले से ही की जा चुकी हो ।जहां तक संभावित बढ़ोतरी की बात हैं तो शुरुआती अनुमान मामूली वृद्धि की ओर इशारा करते है।   एक्‍सपर्ट का कहना है कि अनुमानित बढ़ोतरी लगभग 3% से 4% के आसपास होगी, जिससे महंगाई भत्ता 50 फीसदी से ऊपर चला जाएगा और 53 से 54 फीसदी हो सकता है।