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ईरान ने मार गिया या अमेरिका स्वयं क्रैश किया सी-130 फिर भी हेलीकॉप्टर की तबाही पर सस्पेंस बरकरार

नयी दिल्ली. मिडिल ईस्ट में जारी जंग के दौरान अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आखिर सी-130 हरकुलस और ब्लैक हॉक्स हेलीकॉप्टरर्स को कितने ध्वस्त किया है। ईरान और अमेरिका दोनों के अलग-अलग दावों ने इस घटना को रहस्य बना दिया है। ईरान का दावा है कि उसने इस्फहान इलाके में अमेरिकी सैन्य मिशन के दौरान 2 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक सी-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को मार गिराया है। ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के अनुसार यह सभी विमान एक रेस्क्यू ऑपरेशन का भाग थे। इसी ऑपरेशन के तहत अमेरिका का दावा है कि उसने अपने पायलट को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। ईरान के सरकारी मीडियाने इस घटना के कुछ वीडियो और तस्वीरें भी जारी की है। जिनमें जले हुए मलबे और रेगिस्तान में उठता धुआं दिखाई दे रहा है। आइआरजीसी का कहना है कि ज्वॉइंट ऑपरेशन के दौरान दुश्मन के कई उड़ने वाले ऑबजेक्शन को नष्ट कर दिखा गया है।
क्रू मेम्बर का रेस्क्यू ट्रम्प ने किया कंफर्म
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस रेस्क्यू मिशन को लेकर सोशल मीडिया पर लिखा है -हमने उसे ढूंढ निकाला। पिछले ही कुछ घंटों में अमेरिमकी सेना ने इतिहास के सबसे साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन में से एक को अंजाम दिया है। वह अब पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि अमेरिका के सेंट्रल कमांड कीओर से अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है। विमान कैक्से तबाह हुए है। यही कारण है कि इस पूरे मामले पर सस्पेंस बना हुआ है। एक ओर ईरान इसे अपनी बड़ी सैनय कामयाबी बता रही है। दूसरी ओर अमेरिकी पक्ष इसे रणनीतिक फैसला मान रहा है।
अमेरिका का दावा- विमानों को किया गया ध्वस्त
दूसरी तरफ, अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट इस कहानी को पूरी तरह पलट देती है।  ये विमान ईरान की गोलीबारी से नहीं गिरे, बल्कि अमेरिका ने खुद इन्हें नष्ट किया. बताया जा रहा है कि जब अमेरिकी कमांडो टीम अपने लापता पायलट को बचाने के लिए ऑपरेशन चला रही थी, तब 2  ट्रांसपोर्ट विमान एक दूरदराज के बेस पर फंस गए।  ऐसे में कमांडरों ने फैसला लिया कि इन्हें दुश्मन के हाथ लगने देने से बेहतर है कि खुद ही उड़ा दिया जाए । इसके बाद 3 नए विमान भेजे गए और सभी अमेरिकी सैनिकों और पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया । यानी, यह पूरी कार्रवाई एक रणनीतिक कदम हो सकती है, ताकि संवेदनशील सैन्य तकनीक ईरान के हाथ न लगे।  यह घटना तब हुई जब हाल ही में ईरान ने F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया था।  इसी विमान के एक क्रू मेंबर को बचाने के लिए यह हाई-रिस्क ऑपरेशन चलाया गया था।

 

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