5वीं पीढ़ी के स्वदेशी फायटर प्लेन के मॉडल को मिली मंजूरी, निर्माण करने में निजी कंपनियां मदद करेंगी, 7 हजार Kg विस्फोटक लेकर उड़ेगा, रडार नहीं पकड़ पायेंगे
नई दिल्ली. भारत में बनने वाले 5वींु पीढ़ी के लड़ाकू विमान यानी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) के प्रॉडक्शन मॉडल को मंजूरी मिल गयी है। केन्द्र सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एयरक्राफ्ट को बनाने के लिये सरकार के साथ निजी कम्पनियों को भी बोली लगाने का अवसर प्रदान किया जायेगा। एयरोनॉटिकल डवलपमेंट एजेंसी (एडीए) जल्द ही इसके लिये एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओएल) जारी करेगा।
एयरक्राफ्ट बनाने में निजी कम्पनियों को मौका देने का ऐलान से डिफेंस और इससे जुड़े सेक्टर्स की कंपनियों के शेयर्स में लगभग 6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हहुई है। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स भी 52 सप्ताह के नये हाई 8,674,05 पर पहुंच गया है।
भारतीय वायुसेना देश में बने तेजस जेट इस्तेमाल कर रही
30 जुलाई को एयर फोर्स ने जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा एयरबेस पर हल्के लड़ाकू विमान तेजस MK-1 को तैनात किया। सेना का कहना है कि पायलट्स घाटी में उड़ान की प्रैक्टिस कर सकें, इसलिए ऐसा किया गया।
कश्मीर, पड़ोसी देशों चीन-पाकिस्तान के लिहाज से संवेदनशील है। तेजस MK-1 मल्टीरोल हल्का लड़ाकू विमान है, जो वायुसेना को कश्मीर के जंगल और पहाड़ी इलाकों में और मजबूत करेगा। भारतीय वायुसेना के पास अभी 31 तेजस फाइटर प्लेन हैं।
