1000 स्कूली छात्रों ने 1 किमी लंबे भारतीय झंडे को सिर पर उठाकर निकाली तिरंगा यात्रा

ग्वालियर. देश में चलाये जा रहे तिरंगा अभियान के तहत महाराज बाड़े से एक स्कूल के द्वारा तिरंगा रैली निकाली गयी। इस रैली में 1111 मीटर का तिरंगा लेकर छात्र निकले। यह रैली सुबह 10.25 बजे शुरू होकर तो रैली का एक छोर गस्त का ताजिया पर तो दूसरा छोर महाराज बाड़े पर था। रैली सराफा बाजार, डीडवाना ओली, गस्त का ताजिया, राम मंदिर, फालकाबाजार, छप्परवाला पुल, शिन्दे की छावनी, डीडी मॉल से फूलबाग चौराहा पर रैली पहुंच कर रैली सम्पन्न हुई।
रैली का शुभारंभ एडीजी डीनिवास वर्मा के मुख्य आतिथ्य किया गया । इस मौके पर एसएसपी अमित सांघी, एएसपी अभिनव चौकसे, एडीएम इच्छित गडपाले, एसडीएम अनिल बनवारिया, डीएसपी नरेश अन्नोटिया, विवेक कनपुरिया आदि लोग मंच पर उपस्थित थे। रैली समापन फूलबाग चौराहा पर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के आतिथ्य में संपन्न हुई।
हर घर तिरंगा अभियान 
देशभक्ति की धारा से शहर को जोड़ने के लिए शहर के एबनेजर स्कूल ने अनूठी पहल की है। यह तिरंगा यात्रा विभिन्न मार्गाें पर होती हुई फूलबाग मैदान तक आई। पुलिस, BSF, SAF के बैंड की राष्ट्रधुन के साथ यह तिरंगा यात्रा जब शहर के लश्कर इलाके से गुजर रही थी तो पूरा माहौल राष्ट्र भक्तिमय हो गया। इसके साथ ही राष्ट्रभक्ति पर आधारित गीत-संगीत से पूरा शहर गूंज उठा। जब यह तिरंगा यात्रा फूलबाग पर पहुंची तो यहां पुष्प वर्षा भी की गई।
हर घर तिरंगा अभियान
हम सब भारतवासियों के लिए बड़े ही गर्व का विषय है कि हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं|इस शुभ अवसर पर आप सभी शहरवासियों ने तिरंगा यात्रा में बच्चो के उत्साहवर्धन के लिए आगे आकर पुष्प वर्मा की है। जहाँ से भी बच्चों की तिरंगा यात्रा निकली उसका तालियों और पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। साथ ही 13 से 15 अगस्त तक घर घर तिरंगा लगा कर जिले के सभी नागरिक हर-घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान देंगे।

5 लाख रुपए, 20 दिन में तैयार हुआ यह तिरंगा
यह विशाल तिरंगा को गुजरात के सूरत में तैयार कराया गया है। करीब 1111 मीटर और 100 किलो वजन वाले इस तिरंगा को तैयार करने में 20 दिन से ज्यादा समय लगा है और साथ ही 5 लाख रुपए का खर्च इसमें आया है। इसको उठाकर ले जाने में एबनेजर स्कूल सहित अन्य स्कूलों के 1000 स्कूली छात्र और सवा सौ स्टाफ मेंबर व बाहर के लोग लगे हैं। तिरंगे के एक तरफ 350 से 400 स्कूल छात्र थे। इतने ही छात्र दूसरी तरफ थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.