GWALIOR में 600 कमरों वाला ऐतिहासिक मोतीमहल बनेगा MP का सबसे बड़ा हेरिटेज होटल

ग्वालियर. लगभग 600 छोटे-बड़े कमरे व गैलरी वाले मोतीमहल को ग्लोबल टेंडर के जरिए एक उच्च स्तरीय होटल के लिए लीज पर दिया जाएगा। मोतीमहल को जयपुर के रामबाग, जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस, आगरा के ओबेरॉय अमरविलास तथा हैदराबाद के ताज फलकनुमा जैसा विश्व प्रसिद्ध होटल बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ग्वालियर से 125 किलोमीटर दूर आगरा में हर साल लगभग 60 लाख पर्यटक आते हैं। ग्वालियर में किला, तानसेन मकबरा, म्यूजियम सहित कई ऐतिहासिक व दर्शनीय स्थल हैं। पर्यटन विभाग आगरा तक आने वाले पर्यटकों को ग्वालियर के लिए आकर्षित करने में मोतीमहल हेरिटेज होटल को बड़ी सुविधा के तौर पर पेश करेगा।
05 लाख वर्गफीट से अधिक जगह पर बना है ऐतिहासिक मोतीमहल
42 रागमाला भित्ति चित्र वाली पेंटिंग लगी है, जिसमें तानसेन के दो राग
25 किलो सोने की नक्काशी, सोने की पॉलिश वाला दरबार हॉल
1956 में मध्यभारत प्रांत के समय यहां तत्कालीन विधानसभा लगती थी

ये खास है मोतीमहल में
5 लाख वर्गफीट से अधिक जगह में बने मोतीमहल में देश की अंतिम 42 रागमाला भित्ति चित्र वाली पेंटिंग है। दरबार हाॅल, झूमर व बैजाताल इसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं। सोने की पॉलिश इसे और भव्य बना देती है। भवन निर्माण में ग्रंथों में शुक्राचार्य द्वारा उल्लेखित तथ्यों के आधार पर इसका निर्माण हुआ है। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर जंग बहादुर सिंह कुशवाह के अनुसार रिकॉर्ड में 600 कमरे दर्ज हैं। मोतीमहल में नीचे एक विशाल तलघर और कई कमरे व हॉल बंद हैं।

देश के टॉप-10 फाइव स्टार होटल की तरह करेंगे विकसित
मोतीमहल को 5 स्टार होटल बनाया जाएगा। हम जोधपुर के उम्मेद भवन और जयपुर के रामबाग पैलेस सहित देश के टॉप 10 फाइव स्टार होटल की तरह इसे बनाएंगे। इसके लिए हमने टेंडर की तैयारी कर ली है। ग्वालियर ऐतिहासिक शहर है, यहां रेल तथा हवाई मार्ग की बेहतर कनेक्टिविटी है। कूनो में अफ्रीकी चीते आने से ये क्षेत्र टूरिस्ट सर्किट के तौर पर विकसित होगा।

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