12 दिनों के असमंजस के बाद अध्यादेश को मंजूरी, सीधे जनता चुनेगी महापौर
भोपाल. नगरीय निकाय चुनाव में प्रणाली को लेकर 12 दिनों के असमंजस के बाद नए अध्यादेश को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है। अब नगर निगम के महापौर का चुनाव सीधे जनता से कराया जाएगा, जबकि नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पार्षद अपने ही बीच से चुनेंगे। इसके लिए मध्य प्रदेश नरग पालिका विधि (संशोधन) अध्यादेश 2022 जारी करने की अनुमति राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दे दी। इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने राज्यपाल से मुलाकात भी की। देर शाम राजपत्र में इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई और इसके साथ ही अध्यादेश प्रभावी हो गया।
सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल से मुलाकात में मुख्यमंत्री ने व्यवस्था में परिवर्तन को लेकर पक्ष रखा, जिससे सहमति जताते हुए उन्होंने अध्यादेश को अनुमति दे दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि अध्यादेश को राज्यपाल की अनुमति मिलने के बाद इसे अधिसूचित कर दिया गया है।
यह बनाया आधार
सूत्रों का कहना है कि महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने के लिए शहरों में हो रहे तेजी से विकास को आधार बनाया गया है। कोरोनाकाल के बाद तेजी से विकास के कार्य किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार भी शहरी विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। योजनाओं को क्रियान्वित करने और एक दिशा तय करने के लिए सशक्त नेतृत्व आवश्यक है। 413 नगरीय क्षेत्रों की जनसंख्या दो करोड़ बीस लाख से अधिक है। 16 नगर निगमों में आबादी 99 लाख और 99 नगर पालिकाओं में 56 लाख के आसपास है।

