MP में डॉक्टर्स का स्टाइपेंड 7 हजार से ज्यादा बढ़ा, हड़ताल खत्म
भोपाल. मध्यप्रदेश में इंटर्न डॉक्टर्स के 3 दिन के प्रदर्शन के बाद आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा। उनके स्टाइपेंड में 7 हजार से ज्यादा की बढ़ोत्तरी कर दी गई है। इंटर्न डॉक्टर्स को अब 21500 स्टाइपेंड दिया जाएगा। प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला की प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। इंटर्न डॉक्टर्स 14337 रुपए के स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपए मासिक करने की मांग पर अड़े थे। इंटर्न डॉक्टर्स पर कथित लाठीचार्ज और वाटर कैनन मामले में 2 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच भी कर दिया गया है।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल से चर्चा की
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों, जूडा और एमटीए प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल से चर्चा की। इसके बाद स्टाइपेंड बढ़ाने पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई। गांधी मेडिकल कॉलेज में हुई इस चर्चा के बाद साझा प्रेस कांफ्रेंस भी हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने खुशी जाहिर की। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों ने भोपाल में हमीदिया अस्पताल के गेट पर सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन पर वाटर कैनन के इस्तेमाल और कथित रूप से लाठीचार्ज किया गया जिससे कई घायल हो गए थे। इसके बाद इनका प्रदर्शन भोपाल के कमला पार्क पर भी लगातार जारी रहा। तीन दिनों तक भोपाल शहर का यह हिस्सा जाम से बेहाल हो गया था।
डीसीपी सहवाल को सौंपी जांच
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के संज्ञान लेने के बाद पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने जोन-2 डीसीपी विकास सहवाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। प्रदर्शन के दौरान कुछ डॉक्टरों के घायल होने की बात सामने आई थी। इस बीच इंटर्न व शुक्ल के बीच वार्ता हुई। डिप्टी सीएम ने मुख्यमंत्री के दुबई से लौटने के बाद स्टाइपेंड बढ़ाने संबंधी घोषणा का भरोसा दिया था।
सरकार पर दबाव बढ़ गया था
इंटर्न के समर्थन में मप्र डॉक्टर महासंघ ने बुधवार को प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी बंद रखने का आह्वान किया था। इससे मरीजों को खासी परेशानी हुई जिससे सरकार पर दबाव बढ़ गया।
