विदेश से ग्वालियर लौटे 34 लोगों में से 10 लोग लापता, एड्रेस सैंपलिंग करने वाली टीमों के लिए सिरदर्द बने
ग्वालियर. ग्वालियर में विदेश से आने वाले स्वास्थ्य विभाग के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। एक दिन पहले विदेश से ग्वालियर लौटे 34 लोगों की लिस्ट स्वास्थ्य विभाग को मिली थी। चार टीमों को इनकी सैंपलिंग और ट्रैसिंग की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन 24 लोग ही मिल सके। 10 लोग अभी भी लापता है उनके एड्रेस सैंपलिंग करने वाली टीमों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। शनिवार को इन 10 विदेश से आए नागरिकों की तलाश में टीम लगा दी गई है। संभावना है कि शनिवार को इनकी भी सैंपलिंग हो जाएगी पर जब तक यह नहीं मिलते तब तक कोरोना का खतरा मंडराता रहेगा। फिलहाल ओमिक्रॉन की दहशत के बीच ग्वालियर कोरोना के खतरे से बचा हुआ है।
विदेश से आने वाले नागरिकों पर विशेष नजर
वहीं विदेश से आने वाले नागरिक कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की चपेट में तो नहीं आ गए, ऐसे लोगों की सैंपलिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई जा रही है। शुक्रवार को ऐसे 34 यात्रियों की सूची CMHO कार्यालय को मिली थी। इनकी सैंपलिंग और ट्रैसिंग के लिए टीमें रवाना की गई थीं, लेकिन सभी यात्री नहीं मिल पाए हैं। 10 यात्री अभी नहीं मिले हैं। जिला अस्पताल मुरार के नोडल अधिकारी डॉ. अमित रघुवंशी ने बताया कि 34 में से 24 यात्रियों के सैंपल लिए गए, जबकि 10 लोग नहीं मिले। ये नागरिक यूनाइटेड स्टेट, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, आयरलैंड, सिंगापुर, बहरीन व कतर से आए हैं।
स्टेशन पर भी कड़ी चैकिंग और सैंपलिंग
CMHO डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि बाहर से आने वालों की सैंपलिंग और हिस्ट्री ट्रैसिंग के लिए टीमें लगातार स्टेशन पर काम कर रही है। वहां 300 से 400 सैंपलिंग का टारगेट है। यह स्टेशन के दोनों गेट पर कैंप लगाकर बैठी हैं। बाहर से आने वालों की सैंपलिंग और वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी इनकी है।

