हाई कोर्ट ने मालनपुर नगर पंचायत के वार्ड आरक्षण को निरस्त किया

ग्वालियर. हाईकोर्ट की युगल पीठ ने भिंड जिले की मालनपुर नगर पंचायत के वार्ड आरक्षण को निरस्त कर दिया है। वाडऱ्ों के आरक्षण में नियमों का पालन नहीं किया गया था। 50 प्रतिशत से ज्यादा वार्ड आरक्षित कर दिए थे। गोहद निवासी अशोक शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हरीश दीक्षित ने तर्क दिया कि मालनपुर नगर पंचायत में वार्ड आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किया गया।

नगर पंचायत के 15 में से 10 वार्ड को आरक्षित कर दिया, जबकि सिर्फ 7 वार्ड ही आरक्षित हो सकते हैं। जिसमें 6 अनुसूचित जाति- जनजाति के लिए आरक्षित हो सकते हैं। एक वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो सकता है। नगर पंचायत के 15 में से 6 वार्ड 6 अनुसूचित जाति- जनजाति के लिए आरक्षित किए गए हैं। 4 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए हैं। आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता व शासन के तर्क सुनने के बाद मार्च में फैसला सुरक्षित कर लिया था। बुधवार को इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है।

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