नवागत कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने जीवाजी विश्वविद्यालय में पदभार ग्रहण किया
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय (जेयू) के नवागत कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने गुरुवार को पदभार ग्रहण किया। उन्होंने सबसे पहले परिसर में महाराजा जीवाजीराव सिंधिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पौधरोपण भी किया। इसके बाद सभी प्रोफेसरों से परिचय प्राप्त किया।
पूर्व कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि आप लोगों ने मेरे विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में मेरा साथ दिया, वैसा ही नवागत कुलगुरु का भी साथ दीजिए। इस बीच किसी को जाने-अनजाने में कुछ कहा या किया हो तो उसके लिए मुझे माफ कर दीजिए। मैंने विश्वविद्यालय को संवारने का अच्छा काम किया है। जो रह गया है, वह नए कुलपति जी पूरा करेंगे। प्रो. शांतिदेव सिसोदिया ने सभी प्रोफेसरों की ओर से नवागत कुलगुरु का स्वागत भाषण दिया।
प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने संबोधित करते हुए कहा कि जेयू के प्रोफेसर और छात्र अच्छा अध्ययन कराएं। अगर एक अच्छा कार्य करते हैं तो मैं उस पल, दिन, महीने और साल को अच्छा मानता हूं। अपनी कर्मठता, हुनर और सर्वश्रेष्ठ को छात्रों के बीच अर्पण करें। वैश्विक स्पर्धा बहुत आगे ले जाती है। सब मिलकर छात्रों के भविष्य को संवारने के लिए काम करें, जिससे कार्यकाल का एक-एक दिन सफल होगा।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षण उन्नयन के लिए नियमानुसार सबसे पहले छात्रों के हित और राष्ट्रहित को मुख्य परख बनाएंगे। भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए पाठ्यक्रम और शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने पर फोकस करेंगे। छात्रों के हित में नए एमओयू करने का प्रयास जारी रहेगा, जिससे छात्र विश्व स्तर पर आगे बढ़ सकें।इसके उपरांत निजी सहायक राकेश सक्सैना ने प्रो. राजकुमार आचार्य से नवागत कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत को पदभार ग्रहण कराया। तदुपरांत प्रोफेसरों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया।
