मुरैना के हेतमपुर रेलवे स्टेशन पर 4 बोगियों में भीषण आग लगी, बच्चों को इमरजेंसी खिड़कियों से बाहर फेंका
ग्वालियर. उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस में आग में भले ही किसी की जान भले ही नहीं गई हो, लेकिन आग में घिरे यात्रियों की जान हलक में आ गई। आग एसी कोच ए-1 और ए-2 में लगी थी, लेकिन आसपास के कोचों में धुआं भर गया था। एसी कोच होने से वहां दम घुटने लगा ए-1 कोच में यात्रा कर रहे लोगों ने इमरजेंसी विंडो लॉक होने पर कांच तोड़ा और बच्चों को बाहर निकाला। कुछ लोग चलती ट्रेन से ही उतरने लगे। इस दौरान कई बच्चे घायल भी हुए।
बच्चों को इमरजेंसी खिड़कियों से बाहर फेंका
इस कोच में सफर कर रही आरुषि का कहना है कि आग लगने के बाद 15 मिनट तक ट्रेन ट्रैक पर दौड़ती रही। इस कारण आग और भड़क गई। वह किसी तरह जान बचाकर दूसरे कोच की तरफ भागे, लेकिन वहां भी आग और धुआं नजर आ रहा था। इसके बाद सामान और बच्चों को इमरजेंसी खिड़कियों से बाहर फेंका। एक समय के लिए तो लगा कि कहीं यह जिंदगी का आखिरी सफर न बन जाए। बच्चों और बुजुर्गों का चेहरा देखकर हिम्मत जुटाई। जब ट्रेन रुकी, तो दमकल दस्ते भी आ गए थे। सामान तो पूरा जल गया है, लेकिन परिवार को बचा लिया है।
यह है पूरी घटना
मध्यप्रदेश में मुरैना के हेतमपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस की 4 बोगियों में भीषण आग लग गई। ट्रेन में मौजूद सभी यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना के बाद पहुंची दमकल की टीम आग बुझाने में जुटी हैं। ट्रेन वैष्णो देवी से लौट रही थी। ट्रेन नंबर 20484 उधमपुर-दुर्ग सुपरफास्ट एक्सप्रेस का मुरैना-धौलपुर के बीच हेतमपुर स्टेशन निकलते ही ट्रेन में आग लग गई। कुछ यात्रियों ने देखा कि ए-1 और ए-2 डिब्बों में से धुआं निकलता देखा। देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना डायल 100 पर दी। दोनों बोगियों में करीब 72 यात्री सवार थे। लोगों का कहना है कि धुआं उठने के बाद भी करीब 15 मिनट तक ट्रेन दौड़ती रही, जिससे आग और फैल गई। इसके बाद हेतमपुर पर दमकल दस्ते और रेलवे के अधिकारी पहुंचे और आग पर काबू पाया। 25 यात्रियों का सामान पूरी तरह जल गया है, लेकिन कोई जनहानि नहीं है। नॉर्दर्न सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि हेतमपुर स्टेशन से निकलते ही ट्रेन के ए-1 और ए-2 में आग लग गई। यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके बाद ट्रेन के आगे के हिस्से को अलग कर दिया गया। बाकी ट्रेनें अपने समय से निकल रही हैं।
धुआं से यात्री बेहोश होने लगे
लुधियाना के रहने वाले डॉ. घनश्याम ने बताया कि वह लुधियाना से बी-1 कोच में सफर कर रहे थे। जब आग लगी, तो धुआं कोच में भरने लगा। ए-1 और ए-2 कोच उनके पास ही थे। उनके कोच में धुआं भरने लगा, तभी भगदड़ मच गई। घनश्याम ने बताया कि तीन यात्री वहां धुआं और घबराहट से बेहोश हो गए थे। एक लड़की थी, उसको तो उन्होंने ही उठाकर बाहर निकाला। समय रहते करीब 70 यात्रियों को अगले कोच और बाहर निकालकर सुरक्षित किया। उस समय तक वहां मदद नहीं पहुंची थी। कोच खाली कर रहे थे, तभी दमकल और रेलवे के अधिकारी पहुंचे। इसके बाद उन्होंने रेस्क्यू शुरू किया। लोगों को आग से घिरे डिब्बों से बाहर निकाला।
