जूनियर डॉक्टरों पर कार्रवाई शुरू, रात तक हड़ताल खत्म नहीं की तो एस्मा के तहत एफआईआर की चेतावनी

भोपाल. राजधानी में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के दूसरे दिन गांधी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने भी सख्ती शुरू कर दी है। कॉलेज प्रबंधन ने जीएमसी के 22 पदाधिकारियों को हॉस्टल खाली करने का नोटिस भेज दिया है साथ ही जूनियर डॉक्टरों को रात तक हड़ताल वापस नहीं लेने पर एस्मा के तहत एफआईआर की चेतावनी दी है। जीएमसी के डीन डॉक्टर जितेन शुक्ला ने बताया कि जूनियर डॉक्टरों की हडताल से अस्पताल में कोई सेवाएं प्रभावित नहीं हुई है। सीनियर रेजिडेंट और वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है इसके अलावा 100 से ज्यादा डॉक्टरों को आसपास के जिलों, मेडिकल कॉलेज से बुलाया जा रहा है।

इसमें 40 ने ज्वाइन भी कर लिया है। उन्होंने कहा कि हमने जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के 12 पदाधिकारियों को हॉस्टल खाली करने का नोटिस दे दिया है। इसके अलावा जूडा को रात तक हड़ताल खत्म करने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं होने पर एस्मा के तहत जूडा के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। सभी हड़ताली पीजी छात्रों के एडमिशन और रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने की कार्रवाई करने के लिए अनुशासन समिति को अनुशंसा की जाएगी।

वहीं, गांधी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की कार्रवाई भोपाल जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. हरीश पाठक ने कहा कि जीएमसी प्रबंधन की कार्रवाई पर कहा कि हम अपनी बात रख रहे है। हमारी हड़ताल वापस नहीं होगी।

बता दें, सीजनल फ्लू के अस्पतालों में बढ़ते मरीजों के बीच 3 हजार जूनियर डॉक्टर बुधवार से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हमीदिया अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दी है। इनकी मांग है कि सरकार जुलाई महीने में जूडा की हड़ताल में शामिल डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन होल्ड करने के आदेश को वापस ले। इस बीच बुधवार को जूनियर डॉक्टरों ने चिकित्सा शिक्षा विभाग की शव यात्रा निकाली। वहीं, देर रात जूडा ने कैंडिल जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

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