ग्वालियर से इटावा के बीच इलेक्ट्रिक इंजन दोड़ा 90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से 1घंटे 52 मिनट में पहुंचा ऊदीमोड

ग्वालियर. अब जल्दी ही ग्वालियर से इटावा के बीच रेल इलेक्ट्रिक इंजन से दौडेगी। ग्वालियर से इटावा के बीच 120 किमी वाले इस रूट पर सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को प्रयोग के तौर दौड़ाये गये इंलेक्ट्रिक इंजन ग्वालियर से ऊदी मोड़ तक महज 1 घंटे 52 मिनट में बिना किसी रूकावट के पहुंच गया। इस कामयाब परीक्षण के बाद जल्द ही रेलपथ सुरक्षा आयुक्त संरक्षा निरीक्षण करेंगे। सीआरएस की हरी झंडी मिलते ही ग्वालियर से इटावा के बीच ट्रेनों का परिचालन इलेक्ट्रिक इंजन से शुरू कर दिया जायेगा। अभी तक यहां डीजल इंजन से गाडि़या चलाई जा रही है।

कुछ स्टेशन के बीच ऐसी रही इंजन की स्पीड
बिरलानगर से सोनी तक इंजन की स्पीड 90 किलोमीटर प्रतिघंटा रही वहीं सोनी से भिण्ड तक इंजन 80 किलोमीटर प्रतिघंटा व भिण्ड से ऊदी मोड तक इंजन 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। इंजन का यह रन सफल रहने से रेलवे के इंजीनियरों ने खुशी जताई है। अब जल्द ही इस रूट पर ट्रेनों का संचालन इलेक्ट्रिक इंजन से शुुरु हो जाएगा। इस सफर रन ट्रायल में रेल डिप्टी डीआरडी, एसएसआई डीआरडी सहित सीएलआई सहित लोको पायलट एस भदौरिया शामिल थे।
यात्रियों को होगा फायदा
ग्वालियर से इटावा के बीच इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों के चलने से इस रूट पर जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। ग्वालियर से भिंड, , इटावा जाने और आने वाले यात्रियों के समय की बचत होगी और सफर भी आसान होगा। कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को भी इटावा के रास्ते ग्वालियर लाया जा सकता है।

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