ग्वालियर में सांसों के लिए जद्दोजहद: तीसरी लहर की आशंका जेएएच अस्पताल के बाद मुरार और हजीरा भी ऑक्सीजन के लिए हुए आत्मनिर्भर, सेन्ट्रल सिस्टम लगा

ग्वालियर. कोरोना की दूसरी लहर के बाद हर जगह एक ही चर्चा है अब तीसरी लहर आने वाली है। लोगों के बीच, सोशल मीडिया पर यह चर्चा बहुत सामान्य हो चुकी है, लेकिन हम आपको बता दें कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर का डर आम लोगों में ही नहीं शासन, जिला प्रशासन को भी है। यही कारण है कि दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से उखड़ती सांसों का जो मंजर अफसरों ने देखा था उससे सबक लिया है। ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम चल रहा है। दूसरी लहर में संक्रमित मरीज सिर्फ जेएएच के भरोसे थे। पर अब सिविल हॉस्पिटल हजीरा, जिला अस्पताल मुरार भी सेन्ट्रल ऑक्सीजन सिस्टम से लैस हो गए हैं। जेएएच में ट्रॉमा व कार्डियक सेंटर के पास हवा से ऑक्सीजन बनाने के दो प्लांट लगाए गए हैं। चार प्लांट पहले से तैयार हैं जो करीब 40 हजार किलोलीटर से ज्यादा ऑक्सीजन तैयार करने की क्षमता रखते हैं। 10 दिन में मुरार अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने जा रहा है। कुछ जगह प्रस्तावित हैं वहां सितंबर से पहले प्लांट काम करने लगेंगे।

तीसरी लहर के डर ने तेजी से कराए काम

तीसरी लहर आने वाली है और हम धीरे-धीरे ऑक्सीजन में आत्मनिर्भन बनने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। जेएएच में लिक्विड ऑक्सीजन के 4 प्लांट, दो प्लांट हवा से ऑक्सीजन बनाने के अभी तक लग चुके हैं। इसके साथ ही जेएएच पर निर्भरता को खत्म करने मुरार जिला अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन का प्लांट लगभग बनकर तैयार हो चुका है। दावा है 10 से 15 दिन में इसे चालू कर दिया जाएगा। सिविल हॉस्पिटल हजीरा में ऑक्सीजन प्लांट के लिए टेंडर जारी हो गए हैं। युद्ध स्तर पर उसे बनाने की योजना है। सितंबर के पहले सप्ताह तक बनाने का दावा है।

यह हैं अभी ऑक्सीजन प्लांट

जेएएच में न्यूरोसर्जरी, पत्थर वाली बिल्डिंग, सुपर स्पेशियलिटी व कमलाराजा में 4 ऑक्सीजन प्लांट पहले से तैयार हैं। इनसे कुल 40 हजार किलोलीटर ऑक्सीजन मिल रहा है। यह आइनोक्स ने प्लांट तैयार किए हैं।

जेएएच के ट्रॉमा सेंटर और कार्डियक सेंटर में 10 दिन के अंतराल पर दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। यह प्लांट हवा से ऑक्सीजन बनाकर सप्लाई करेंगे।

जिला अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का काम जोरो पर चल रहा है। सिर्फ 1 से डेढ़ महीने में प्लांट तैयार है। तीन दिन पहले ऑक्सीजन टैंक भी लगा दिए गए हैं। दावा है 10 से 15 दिन में शुरू हो जाएगा। यहां यूपीएल कंपनी सीएसआर फंड से प्लांट लगा रही है।

ऑक्सीजन सिलेंडर भी बढ़ाए जा रहे हैं। अभी 300 के लगभग ऑक्सीजन सिलेंडर भी बढ़ाए हैं। क्योंकि दूसरी लहर में खाली सिलेंडर भी परेशानी बने हुए थे।

यहां अगस्त-सितंबर तक शुरू होंगे ऑक्सीजन प्लांट

सिविल अस्पताल हजीरा यहां सेन्ट्रल ऑक्सीजन सिस्टम डवलव हो चुका है। यहां लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट के लिए टेंडर तक निकल चुके हैं। दावा हैं अगस्त-सितंबर के बीच में प्लांट शुरू हो जाएगा।

एक हजार बिस्तर के अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगना प्रस्ताविद है। जल्द टेंडर होने हैं।

थाटीपुर डिस्पेंसरी, जनकगंज डिस्पेंसरी में भी प्लांट का प्रस्ताव है

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