कोरोना पीडि़तों को अब इलाज में होने वाले खर्च में नहीं लगेगा टैक्स
नई दिल्ली. कोरोना काल में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्रालय ने कई बड़े ऐलान किए है। ज्यादातर रियायतें कोरोना संकट में हो रही दिक्कतों को लेकर दी गई है।
वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना के इलाज में मिली मदद की रकम पर कोई टैक्स नहीं लेने का फैसला किया है। ऐसे में यदि किसी एम्प्लॉयर या शुभचिंतकों ने अपने एम्प्लॉई के लिए कोरोना के इलाज का भुगतान किया है तो उस राशि को टैक्स के दायरे में नहीं रखा जाएगा। आसान शब्दों में कहें तो मदद के तौर पर मिली पूरी रकम पर टैक्स में छूट मिलेगी।
10 लाख तक एक्स ग्रेशिया टैक्स फ्री
कोविड-19 से मौत के बाद परिवार को मिली आर्थिक मदद धनराशि भी टैक्स के दायरे से बाहर रहेगी। वहीं एक्स-ग्रेशिया के भुगतान के लिए ये सीमा 10 लाख रुपये तय की गई है। यह सभी छूट वित्त वर्ष 2019-2020 और उसके बाद के वर्षों के लिए मान्य होगी। अनुराग ठाकुर ने बताया कि कई मामलों में समय सीमा बढ़ाकर भी राहत देने की कोशिश की गई है। इसी के चलते अब पैन और आधार कार्ड लिंक करने की मियाद बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई है।
मकान खरीदने पर टैक्स में छूट
इसके अलावा विवाद से विश्वास स्कीम के तहत इंट्रेस्ट के बिना पेमेंट की डेडलाइन को भी 2 महीने से बढ़ा दिया गया है। वर्तमान में इसकी डेडलाइन 30 जून थी जिसे बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है। वहीं मकान खरीदने पर भी टैक्स छूट की मियाद बढ़ाई जा रही है। इस मामले में 3 महीने क टैक्स डिडक्शन विस्तार दिया गया है। यानी अब घर खरीदार 30 सितंबर तक प्रॉपर्टी की खरीद कर सकते है और उन्हें छूट मिलेगी।
