सिंध-चंबल को खोखला करने का सरकारी सौदा, माफिया से जब्त 3 लाख की पनडुब्बियां 20 हजार में नीलम करने की तैयारी
भिंड. सिंध-चंबल नदी का सीना चीर कर पानी से रेत उत्खनन करने वाली जब्त मशीनरियों को भिंड जिला प्रशासन नीलाम करने जा रहा है। जिला प्रशासन के अफसरों ने तहसील स्तर पर जब्त वाहनों को नीलाम करने की तैयारी कर ली है। इन मशीनरी में पनडुब्बियां भी शामिल है जिन्हें एक बार फिर से सस्ते दामों में रेत माफिया खरीद सकेंगे। अब तब पनडुब्बियों को नष्ट कर दिया जाता है। सवाल ये है कि अगर इसे स्क्रैप के तौर पर नीलाम ही करना था तो इसे तोड़ कर करना चाहिए था ताकि दोबारा उपयोग न हो सके। अफसर यह बता ही नहीं पा रहे कि खरीदार यदि अवैध तरीके से रेत निकालने में इनका इस्तेमाल नहीं करेगा तो क्या करेगा। इसका क्या दूसरा उपयोग होता है। स्क्रैप के नाम पर साबूत पनडब्बियां देने से यह सवाल खड़े हो रहे है। बाजार में इन पनडुब्बियों को यूपी और लहार तरफ से तीन लाख रु. में अवैध तरीके से बनवाया जाता है।
जिलेभर में रेत खदानों की नीलामी के साथ ही एनजीटी की शर्तों के अनुसार नदी की जलधारा से रेत का उत्खनन प्रतिबंधित रहेगा। वहीं रेत उत्खनन में मशीनरी का उपयोग किए जाने की मनाही भी है। इसके साथ ही जिलेभर में अवैध रूप से रेत उत्खनन में मशीनरी का उपयोग होता आ रहा है। सबसे ज्यादा नदियों को नुकसान पनडुब्बियां पहुंचा रही है।
रेत माफिया लोकल स्तर पर 4 से 5 लाख रुपए की पनडुब्बी तैयार कराते है। इनका पंजीयन भी नहीं होता है फिर इसे माध्यम से नदी की जलधारा से रेत को खींच कर किनारे पर लाते है। ऐसा किए जाने से कई जलीय जीव की जीवन नष्ट हो रहा है। वहीं नदियों का संतुलन बिगड़ रहा है। पिछले कुछ समय में जिला प्रशासन ने ट्रैक्टर- ट्रॉली, ट्रक, डंपर, लोडर व पनडुब्बी जब्त की है। इन मशीनरी की कुल संख्या 32 है जिसें 9 पनडुब्बी है।

