जूड़ा प्रदेशाध्यक्ष बोले टकराव खत्म करिए हम बातचीत को तैयार, मंत्री सारंग ने कहा 3 साल का स्टायपेंड एक साथ बढ़ा देंगे, कोर्ट के सम्मान में लौटिए
भोपाल. मध्य प्रदेश में 5 से अधिक मेडिकल कॉलेज के जूनियन डॉक्टरों की हड़ताल में सुलह के संकेत मिल रहे है, दोनों पक्ष नरम पड़े है। रविवार सुबह जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की तरफ से सरकार को बातचीत कर मामले का हल निकालने के लिए वीडियो जारी कर अनुरोध किया गया था। इस पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जूड़ा को हाईकोर्ट का सम्मान कर हड़ताल वापस लेना चाहिए, उन्होंने मांगों को लेकर भी अपनी बात कही है हालांकि इस बीच गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में जूनियर डॉक्टरों ने सराकर को कोरोना वॉरियर्स का सम्मान वापस लौटने प्रदर्शन किया। हाईकोर्ट द्वारा हड़ताल अवैध बताने के बाद सरकार ने जिस तरह से मेडिकल स्टूडेंट्स को बर्खास्त किया है इससे तल्खी बढ़ गई थी। विरोध में इस्तीफे दिए गए तो वह भी सरकार ने स्वीकार लिए और जूड़ा ने बीच का रास्ता निकालने के संकेत दिए है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जूड़ा से हमने लगातार बातचीत की है। हमारी सरकार संवाद स्थापित करने वाली है। जूनियर डॉक्टरों का स्टायपेंड 3 साल से नहीं बढ़ा था। हमने एक साथ बढ़ाने का निर्णय लिया है हर साल 6 प्रतिशत का इजाफा किया है, डॉक्टरों की मांग थी कि कोरोना के समय उनका निशुल्क इलाज हो। हमने परिवार को निशुल्क इलाज देने का बोला और सरकार ने दरियादिली दिखाते हुए मांगों को माना है। सुरक्षा के लिए हर जगह पुलिस चौकी की स्थापना करने के लिए कहा दिया। जूड़ा को हईकोर्ट के निर्देश अनुसार हड़ताल वापस लेना चाहिए। मरीजों का हित हम सभी के लिए सर्वोपरि है, कांग्रेस के नेता जूड़ा के मामले में राजनीति कर रहे है। हमें उम्मीद है कि हमारे युवा साथी बात मानेंगे। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार हड़ताल वापस लें, जूड़ा से कहना चाहमं हूं कि वह हड़ताल वापस ले और उनकी बात सरकार ने मानी है। सरकार ने उनको सम्मान रखा है अब सभी को हाईकोर्ट का सभी को सम्मान रखना चाहिए।

