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जयारोग्य अस्पताल में ब्लैक फंगस के 51 मरीज बाल-बाल बचे

ग्वालियर. जयारोग्य अस्पताल में एक बार फिर एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन मरीजों को चढ़ाए जाने के बाद रिएक्शन कर गया। ब्लैक फंगस बीमारी में जिंदगी बचाने वाले इसी इंजेक्शन के कारण मरीजों की जान पर बन आई। इंजेक्शन के रिएक्शन से मरीजों की हालत बिगड़ गई। मरीज अचानक से कंपकंपाने लगे, कई मरीजों को तेज बुखार की शिकायत हो गई जबकि कई तेज सिर दर्द से पीडि़त हो गए। ब्लैक फंगस वार्ड में भर्ती 51 मरीजों के बी इंजेक्शन के इस रिएक्शन से शनिवार की शाम जब हड़कम्प मचा तो इसकी खबर सीनियर डॉक्टरों को दी गई। मौके पर पहुंचे डॉक्टरों ने मरीजों को चढ़ाए जा रहे एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन को फौरन रोक दिया और सभी मरीजों को एलर्जिक दवाई शुरू कराई गई तब जाकर कुछ घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी, हालांकि इस बीच गंभीर हालत में भर्ती हुए एक मरीज की स्थिति बिगड़ गई जिसके बाद उस मरीज को आईसीयू में शिफ्ट कराया गया।
प्रबंधन ने कहा एम्फोटेरिसिन-बी का रिएक्शन सामान्य
एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन से दो बार जेएएच में हो चुके रिएक्शन के मामलों के बाद अब प्रबंधन ने इसे सामान्य बताया है। एम्फोटेरिसिन-बी एक एंटिफंगल दवा है इसका उपयोग गंभीर फंगल संक्रमण के लिए किया जाता है। इस समय बढ़ते ब्लैक फंगस के मामलों में इस इंजेक्शन का इस्तेमाल हो रहा है अगर इसे ध्यान पूर्वक नहीं चढाया गया तो इससे रिएक्शन होना भी संभावित होता है। इसके रिएक्शन में बुखार, ठंड लगना, हाइपोटेंशन, एनोरेक्सिया, मलती, उल्टी, सिरदर्द, सांस की तकलीफ और सामान्य कमजोरी शामिल है। लिहाजा गंभीरता से इसके इस्तेमाल को लेकर अब और ज्यादा ध्यान रखने की बात कही जा रही है।

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