एलिवेटेड रोड के निर्माण में बाधक अतिक्रमण के दायरें में आये 18 मकानों को तोड़ा गया

ग्वालियर. लूप निर्माण के दायरे में आ रहे 18 मकानों को चिन्हित कर हटाया गया है। प्रशासन ने पहले नोटिस जारी कर संबंधित मकान मालिकों को समय दिया था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री जोगिन्दर सिंह ने बताया है कि एलिवेटेड रोड के लूप के निर्माण बाधक बन रहे 18 मकानों को सुबह से कार्यवाही हटा दिया। शेष 2 पिलरों के निर्माण में बाधक अतिक्रमण में आने वाले मकानों के मालिक हाईकोर्ट में स्टे पर है। इसलिये विभाग हाईकोर्ट के स्टे हटाने के लिये कार्यवाही कर रहा है। जैसे स्टे हटेगा को अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी।
अभी फिलहाल हटाये गये अतिक्रमण के जद में आये मकानों के निवासियों के लिये टीनशेड बना दिया है। जिसमें लोगों अपना सामान रख लिया है। अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में पुलिस, नगरनिगम का मदालखत दस्ता और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यवाही की गयी है।
शहर की यातायात व्यवस्था को मिलेगा लाभ
एलिवेटेड रोड बनने के बाद शहर के इस हिस्से में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। खासकर पीक ऑवर में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों ने परियोजना का समर्थन किया है, हालांकि प्रभावित परिवारों ने मुआवजे और पुनर्वास की मांग उठाई है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, संशोधित डिजाइन को अंतिम स्वीकृति के लिए फिर से भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य तेज गति से शुरू किया जाएगा। शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षित स्मारक क्षेत्र के नजदीक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य को अब नया मोड़ मिल गया है। एएसआई से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने परियोजना के लूप डिजाइन में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। संशोधित योजना के तहत बाधक बन रहे अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिसमें अब तक 18 मकानों को हटाया जा चुका है। एएसआई मोनोमेंट के 100 मीटर दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य बिना अनुमति संभव नहीं है। इसी नियम के चलते प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के मूल डिजाइन को मंजूरी नहीं मिल पाई। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने वैकल्पिक डिजाइन तैयार कर लूप की दिशा और एप्रोच में परिवर्तन किया, ताकि संरक्षित स्मारक की सुरक्षा से समझौता न हो और यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।
लूप में बदलाव, नया ट्रैफिक प्लान
परियोजना के इंजीनियरों ने नया लूप इस तरह डिजाइन किया है कि स्मारक क्षेत्र से सुरक्षित दूरी बनी रहे। इसके लिए सड़क की घुमावदार दिशा को बदला गया है। अधिकारियों का कहना है कि संशोधित प्रस्ताव से न केवल एएसआई की शर्तों का पालन होगा, बल्कि शहर के व्यस्त मार्गों पर जाम की समस्या भी कम होगी।

