कागजों में हवाई पट्टी लेकिन हकीकत वहां पर जवानों की ट्रेनिंग होती है, पीडब्ल्यू के एस्टीमेंट से हुआ खुलासा
ग्वालियर. मप्र के विमानन विभाग ने टेकनपुर में जिसे हवाई पट्टी समझकर मरम्मत का एस्टीमेंट पीडब्ल्यूडी विभाग से मांगा था वह कच्चा मैदान निकला हे। यहां पर वर्तमान में जवानों की ट्रेनिंग कराई जाती है। कुछ दिन पूर्व विमानन विभाग ने लोक निर्माण विभाग से हवाई पट्टी मरम्मत व यहां किस श्रेणी के विमानों की लैंडिंग टेक ऑफ हो सकता है। इसकी रिपोर्ट चाही थी। विमानन विभाग उक्त पट्टी का उपयोग कोरोना की दवाईयों व ऑक्सीजन मंगाने में उपयोग की रणनीति बना रहा था।
क्या है पूरा मामला
आयुक्त विमानन बी विजय दत्ता ने 13 मई को कलेक्टर व पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री को पत्र भेजा। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के एसडीओ राजेंद्र शर्मा ने टेलीफोन पर राजीव रंजन सहायक कमांडेंट ;रसदद्ध सीमा सुरक्षा बल टेकनपुर से संपर्क किया। इसी दौरान खुलासा हुआ कि टेकनपुर में एक कच्चा मैदान हैए इसका उपयोग वर्तमान में प्रशिक्षण के लिए होता है। इसे ही हवाई पट्टी कहते हैं। इस मैदान पर आज तक किसी भी तरह के विमान की लैंडिंग.टेक ऑफ नहीं हुआ है।रंजन ने एसडीओ को बताया कि वे पत्र कलेक्टर व विमानन आयुक्त को भेज चुके हैं। एसडीओ पीडब्ल्यूडी ने कहा कि हमने एस्टीमेट भेजने के लिए अकादमी के अफसरों से निरीक्षण के लिए समय मांगा था। इसी दौरान उन्होंने यह पत्र भेजने की बात कही।
वर्ष 2018 में डीजी काफ्रेंस में पीएम मोदी के लिये 3 हेलीपेड बनाये गये थे
वर्ष 2018 में पीएम नरेन्द्र मोदी टेकनपुर दौरे पर आये थे तब उनके लिये 3 हेलीपैड टेकनपुर अकादमी के परेड ग्राउण्ड में बनाये गये थे और हवाई पट्टी का उपयोग तब भी नहीं हुआ था इस बात की पुष्टि क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों ने की है।

