जौरासी घाटी ब्लैक स्पॉट है 6 माह में 24 लोगों ने जान गंवाई
ग्वालियर. यदि आप ग्वालियर -झांसी नेशनल हाइवे से निकल रहे हैं, जोरासी घाटी आ गयी है, तो वाहन की स्पीड़ कम कर लें। क्यों कि यह घाटी जितनी सुन्दर दिखाई देती है। उससे कहीं ज्यादा खतरनाक हैं जौरासी घाटी में होने वाले दुर्घटनाओं की जानकारी ली तो पता चला कि यहां वाहन की रफ्तार 40 किमी प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिये। जरा सी चूक होने पर दुर्घटना तय मानिये। यही वजह है कि पिछले 6 माह में 24 लोग इसी घाटी या उसके आसपास दुर्घटना में अपनी जान गंवा चुके है। वहीं आधा सैकड़से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। यह जिले के ब्लैक स्पॉट में से एक है। बुधवार को भी यहां हुए हादसे में रफ्तार अधिक होने की बात सामने आई है। सड़क दुर्धटना में 5 लोगों ने अीाी तक अपनी जांन गंवा दी है। जिनमें से 3 मासूम बच्चे हैं।

पहाड़ों को काटकर बनाया गया है हाइवे
ग्वालियर से डबरा को जोड़ने वाली यह जौरासी घाटी बहुत अहम है। यह बिलौआ थाना की सीमा में आता है। यहां घने जंगल और पहाड़ियां हैं। कभी यहां डकैतों का राज हुआ करता था। रात को इस घाटी से निकलते समय भी लोग दहशत में रहते थे। यहां पहले सिंगल सड़क हुआ करती थी, लेकिन अब यहां पहाड़ों को काटकर हाइवे बनाया गया है। हाइवे के एक ओर पहाड़ तो दूसरी ओर गहरी खाई है। यही कारण है कि जरा भी वाहन बहकने पर गाड़ी खाई में गिर जाती है। जिससे कैजुअल्टी और भी ज्यादा हो जाती है।

