ग्वालियर में 300 पटवारी अनिश्चितकालीन धरने पर
ग्वालियर. देवास जिले में पटवारियों की सेवा समाप्ति और प्रदेशभर में निलंबन की कार्रवाई के विरोध में पटवारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। जिले के करीब 300 पटवारी अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्याल्य परिसर स्थित आजीविका दीदी कैफे के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए है। गुरूवार को कलेक्टर रूचिका चौहान ने काम में लापरवाही के आरोप में 19 पटवारियों को निलंबित करने के आदेश दिए थे। इसके बाद पटवारियों का विरोध और तेज हो गया। पटवारी संघ ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के तह पटवारियों को निष्पादक बनाए जाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था के कारण पटवारियों पर ऐसी जिम्मेदारी डाली जा रही है, जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। संघ ने निलंबित साथियों पर की गई कार्रवाई वापस लेने की मांग भी की है।
विरोध 17 सितंबर से लागू नई व्यवस्था को लेकर है
धरने पर बैठे पटवारी लखन लाल सोनी ने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 में स्वामित्व योजना शुरू की थी। इसके तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में ड्रोन सर्वे कर नक्शे और अधिकार अभिलेख तैयार किए गए थे। ये अभिलेख जारी हो चुके हैं और इनके आधार पर खसरे भी उपलब्ध हैं, जिन पर डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं। इनके जरिए ग्रामीण अपनी जमीन का क्रय-विक्रय कर सकते हैं और बैंकों से ऋण भी ले सकते हैं। पटवारियों का मुख्य विरोध 17 सितंबर से लागू नई व्यवस्था को लेकर है। उनका कहना है कि इसमें पटवारियों को निष्पादक बनाकर उनकी व्यक्तिगत आईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रजिस्ट्री का काम पंजीयन विभाग के अधिकारियों का है
पटवारियों का तर्क है कि पंजीयन अधिनियम, 1908 के तहत जमीन के हस्तांतरण और पंजीयन की प्रक्रिया में संबंधित पक्षों की कानूनी भूमिका निर्धारित है। पटवारी जमीन के मालिक नहीं होते, इसलिए उन्हें निष्पादक की भूमिका में रखना उचित नहीं है। उनका कहना है कि रजिस्ट्री का काम पंजीयन विभाग के अधिकारियों का है, पटवारियों का नहीं।
इस मुद्दे पर कलेक्टर के समक्ष भी अपना पक्ष रख चुके
धरने में शामिल महिला पटवारियों ने कहा कि उन्होंने अपने काम में लापरवाही नहीं बरती है। उनका कहना है कि वे इस मुद्दे पर कलेक्टर के समक्ष भी अपना पक्ष रख चुके हैं। साथ ही, प्रांतीय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों से बातचीत की जा रही है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने पत्र क्रमांक 426/पट०संघ०/2026 के माध्यम से आंदोलन का आह्वान किया है। ग्वालियर के पटवारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें निष्पादक की भूमिका से मुक्त नहीं किया जाता और निलंबित साथियों पर की गई कार्रवाई वापस नहीं ली जाती, तब तक वे प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार ऑनलाइन राजस्व कार्यों से विरत रहेंगे और आंदोलन जारी रखेंगे।
