तेंदुआ की दहशत के मारे खेतों में नहीं जा रहे किसान, खेतों में 46 पिंजरे लगे, 26 तेंदुए पकड़े गये, तेंदुओं का खौफ क्या नहीं जा रहा है
मुरादाबाद. यूपी के मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा और कांठ इलाके में इन दिनों अगर कोई कहे कि उसने तेंदुआ देखा है तो लोग शायद ही इसे अफवाह मानें, क्योंकि तेंदुए दिखना अब कोई नयी बात नहीं रही। कभी गन्ने के खेत में, कभी आबादी के पास, कभी किसी नलकूप की छत पर और कभी सड़क किनारे वन विभाग भी मानो एक लम्बी एक लम्बी लड़ाई में उतर चुका है। तीन अगस्त से रेस्क्यू अभियान चल रहा है। एक के बाद एक तेंदुए पकड़े जा रहे है।
अब 8 अक्टूबर को बहादुप बलिया गांव में 26वां तेंदुआ भी पिंजरे में कैद हो गया है। इस कहानी में सबसे डरावनी बात यह है कि बहापुर बलिया यहीं कांव है। जहां तेंदुए के हमलों में 3 लोगों की जान जा चुकी है। खेतों, गन्ने की फसल और आबादी के आसपास तेंदुए देखे जाने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है। कई गांवों में लोग खेतों की ओर जाने से पहले कई बार सोच रहे है। दहशत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
गन्ने के खेत के पास से गुजरते हुए मुरादाबाद के कई गांवों में अब लोग सिर्फ रास्ता नहीं देखते, खेत भी देखते है। पता नहीं कब झाड़ियों के पीछे से तेंदुआ निकल आए. वन विभाग अब तक 26 तेंदुओं को पकड़ चुका है। 46 पिंजरे लगे हैं, ड्रोन उड़ रहे हैं और कैमरा ट्रैप लगातार नजर रख रहे है।फिर भी करीब 36 गांवों में डर बना हुआ है। क्योंकि इसी इलाके में तेंदुए के हमलों में चार लोगों की जान जा चुकी है।
