मन लगाकर पढ़ाई करें, अनुशासन और अनुभव से भविष्य संवारें : कुलगुरु

नवप्रवेशित विद्यार्थियों के परिचय एवं प्रेरणा कार्यक्रम में कुलगुरु ने किया संवाद
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए बुधवार को मल्टी आर्ट कॉम्प्लेक्स में परिचय एवं प्रेरणा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने की। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अनुशासन के साथ अपने भविष्य का निर्माण करें। माता-पिता को अपने बच्चों से बहुत अपेक्षाएं होती हैं, इसलिए विद्यार्थी उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करें।
कुलगुरु ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय में विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं की गई हैं। प्लेसमेंट सेल, डीएसडब्ल्यू और प्रॉक्टर सहित सभी अधिकारी विद्यार्थियों के सहयोग के लिए उपलब्ध हैं। विद्यार्थी योजनाबद्ध तरीके से अध्ययन करें और अपनी आवश्यकताओं से विश्वविद्यालय को अवगत कराएं। उनकी जरूरतों को पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रॉक्टर प्रो. एस.के. सिंह ने रैगिंग के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए विद्यार्थियों से इससे दूर रहने की अपील की। परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशा कुमारी ने समय के सदुपयोग और नियमित अध्ययन पर जोर दिया तथा विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। डीएसडब्ल्यू प्रो. जे.एन. गौतम ने कार्यक्रम का संचालन किया। डॉ. विवेक बापट ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
इस अवसर पर एमबीए फाइनेंस की छात्रा रिया सिंह और बीई के छात्र चंद्रमोहन शर्मा ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में करीब 1500 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉक्टर समीर भागवत, डॉक्टर सपन पटेल, डॉ संजय कुलश्रेष्ठ,डॉ शांति तो सिसोदिया, अरविंद भदौरिया, धर्मेंद्र चौहान शाहिद सैकड़ो छात्र छात्राये उपस्थित थे
