निहार-पवाया मार्ग पर सांक नदी का झरना बना नया पिकनिक स्पॉट, हजारों सैलानियों ने उठाया बारिश का लुत्फ

ग्वालियर से 39 किमी दूर पनिहार-पवाया मार्ग पर सांक नदी का बहता झरना बना आकर्षण का केंद्र
ग्वालियर। बारिश के मौसम के साथ ही शहर और आसपास के इलाकों में पिकनिक स्पॉट गुलजार होने लगे हैं। ग्वालियर से करीब 39 किलोमीटर दूर पनिहार से पवाया की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित सांक नदी का बहता झरना इन दिनों सैलानियों के लिए नया आकर्षण बन गया है। रविवार को यहां हजारों की तादाद में लोग पिकनिक मनाने पहुंचे और रिमझिम बारिश के बीच प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया।
सुबह से ही सांक नदी के झरने पर सैलानियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। देखते ही देखते यहां बड़ी संख्या में वाहन पहुंच गए। नदी और झरने के आसपास पिकनिक का माहौल नजर आया। कहीं लोग जाम की चुस्कियां लेते दिखाई दिए तो कहीं परिवार के साथ पकोड़ी और अन्य पकवान बनाए जा रहे थे।
झरने में नहाकर उठाया बारिश का आनंद
बारिश और झरने के बहते पानी ने सैलानियों का उत्साह और बढ़ा दिया। महिलाएं और पुरुष झरने में नहाते और मस्ती करते नजर आए। युवाओं में भी झरने के बीच समय बिताने और प्राकृतिक नजारों को कैमरे में कैद करने का खासा उत्साह दिखाई दिया।
भुट्टे और पकौड़ी ने बढ़ाया पिकनिक का स्वाद
रिमझिम बारिश के बीच झरने के आसपास भुट्टे की बिक्री भी खूब हुई। सैलानियों ने गर्मागर्म भुट्टों का स्वाद लिया। वहीं कई परिवार अपने साथ घर से लाए लजीज व्यंजनों का आनंद लेते दिखाई दिए। कुछ परिवारों ने कारों के बोनट को ही अस्थायी टेबल बनाकर खाना परोसा और पिकनिक का आनंद लिया।
असामाजिक तत्वों के जमावड़े से सुरक्षा पर सवाल
जहां एक ओर सांक नदी का झरना परिवारों और युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, वहीं यहां कुछ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी नजर आया। ऐसे में पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था बढ़ाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि सैलानी बिना किसी परेशानी के प्राकृतिक स्थल का आनंद ले सकें।
बारिश के मौसम में सांक नदी का यह झरना तेजी से नए पिकनिक स्पॉट के रूप में पहचान बना रहा है। यदि यहां सुरक्षा, साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान दिया जाए तो यह आने वाले समय में ग्वालियर और आसपास के लोगों के लिए प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है।

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