शराब दुकानों के विरोध में महिलाओं ने किया पथराव, जमकर चले लाठी-डंडे, आबकारी -पुलिस के जवान भागे जान बचाकर भागे

शिवपुरी. अमोला थाना इलाके के अमोल गांव में गुरूवार का शराब दुकान बंदे कराने पहुंची महिलाओं और पुलिस आबकारी विभाग की टीम के बीच विवाद हो गया। विवाद के बीच महिलाओं ने पुलिस और आबकारी कर्मचारियों पर लाठियां चलाई। हालात बिगड़ने पर टीम घटनास्थल से पीछे हट गयी। घटना के वीडियो भी सामने आये है।
महिलाओं के पहुंचने से पूर्व ही पुलिस और आबकारी विभाग की टीम शराब की दुकान पर मौजूद थी। महिलाओं ने दुकान बंद कराने की मांग की। इस बीच दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। हालात बिगड़ने पर महिलाओं ने लाठियां उठा ली। पुलिस-आबकारी कर्मचारियों की तरफ बढ़ी। दोपहर तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रहीं। पुलिस ने घटनास्थल पर मार्चो संभाले रखा।

यह वीडियो 8 सितंबर का है महिलाओं ने दुकानों से शराब की पेटियां निकालकर जला दी थी।
3 दिन में शराब की दुकानों पर विरोध
अमोला थाना इलाके में पिछले 3 दिनों से शासकीय शराब की दुकानों पर विरोध की घटनायें सामने आ रही है। 8 सितम्बरा को नया अमोला नम्बर 2 में महिलाओं ने शराब की दुकान में घुसकर शराब की पेटियां बाहर निकाल दी थी। उनमें आग लगा दी थी। 9 सितम्बर को भी महिलायें दुकान हटाने की मांग को लेकर देर शाम तक घटनास्थल पर डटी रही। आबकारी विभाग के 5 दिन में दुकान हटाने के आश्वासन के बाद वह शांत हुई थी। बुधवार-गुरूवार की देर थरखेड़ा गांव में भी महिलाओं ने शराब दुकान पर प्रदर्शन किया। अन्दर रखी शराब की पेटियां बाहर निकाल दी। इसके बाद गुरूवार को अमोल गांव में महिलाओं के दुकान बन्द कराने पहुंचने पर विवाद हो गया।
ठेकेदारों ने लाइसेंस सरेंडर करने की बात कही
लगातार हो रही घटनाओं के बीच शराब ठेकेदारों ने जिला आबकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने शराब दुकानों के लाइसेंस सरेंडर करने की बात कही है। ठेकेदारों का आरोप है कि पिछले तीन दिनों में नया अमोला, थरखेड़ा, अमोल, मायापुर और खोड़ की शासकीय शराब दुकानों पर तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुई हैं। उनका कहना है कि दुकानों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संभालने में प्रशासन नाकाम रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।

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