अचलेश्वर महादेव मंदिर विवाद में बड़ा फैसला, दान पेटियों और बैंक खातों पर प्रशासन का नियंत्रण
ग्वालियर. प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास के संचालन और चुनाव को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में अदालत ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने मंदिर परिसर में आने वाले दान चढावे और न्यास के सभी बैंक खातों की निगरानी पूरी तरह से जिला प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही अदालत ने न्यास के सुचारू संचालन हेतु जल्द से जल्द चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों द्वारा चुनाव कराने की आवश्यकता पर सहमति जताई गई। अदालत ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के 15 जून 2026 के आदेश का अवलोकन करते हुए स्पष्ट किया कि पूर्व के आदेश निरस्त हो चुके है और न्यास के पारदर्शी संचालन के लिए शीघ्र चुनाव कराया जाना अनिवार्य है।
किसी भी अन्य अनधिकृत व्यक्ति को दान पेटियां खोलने की अनुमति नहीं
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मंदिर परिसर में प्रतिदिन आने वाले दान को दान पेटियों में एकत्र किया जाएगा। इन पेटियों को केवल प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में सील किया जाएगा और खोला जाएगा। किसी भी अन्य अनधिकृत व्यक्ति को दान पेटियां खोलने की अनुमति नहीं होगी। अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास के विभिन्न बैंकों में संचालित सभी खातों का संचालन प्रशासन द्वारा नियुक्त सक्षम अधिकारी की निगरानी में होगा। मंदिरकी आय व्यय से संबंधित सभीलेख और लेखा पुस्तिका प्रशासन अपने कब्जे में लेगा ताकि कोई भी अवांछित प्रविष्टि न की जा सके।
इसके बाद कोर्ट ने कहा कि न्यास पंजीया/कलेक्टर ग्वालियर को निर्देश है कि मंदिर के आय व्यय और लेखा जोखा से संबंधित प्रतिवेदन प्रत्येक 15 दिन में अदालत और प्रकरण से जुडे पक्षों के अवलोकन हेतु प्रस्तुत किया जाए। चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए अदालत ने न्यास के व्यवस्थापक से सदस्यों की सूची और लोक न्यास पंजीयक कलेक्टर ग्वालियर से प्रकरण के मूल दस्तावेज तलब किए है।

