विधानसभा में UCC विधेयक पेश, कांग्रेस का हंगामा
भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक-2026 के नाम रहा। सरकार ने सदन में विधेयक पेश किया तो कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इसे अनुपूरक कार्यसूची में ‘चोरी-छिपे’ जोड़ा गया है। भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि विरोध से यूनिफॉर्म सिविल कोड रुकने वाला नहीं है। इसके अलावा सदन में खाद-बीज की उपलब्धता, किसानों की परेशानी और उज्जैन जमीन खरीदी का मुद्दा भी गूंजा। वहीं विधानसभा के बाहर 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दिनभर हंगामे और तीखी बहस के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने
कांग्रेस ने कहा- चोरी-छिपे लाए, संशोधन होना चाहिए सरकार ने समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 सदन में पेश किया, जिस पर मंगलवार को चर्चा होगी। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आरोप लगाया कि विधेयक को पहले सदन के पटल पर रखा गया और बाद में अनुपूरक कार्यसूची में शामिल किया गया। उन्होंने इसे चोरी-छिपे लाया गया विधेयक बताते हुए विरोध दर्ज कराया और संशोधन प्रस्ताव देने की जानकारी दी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के कई विधायकों ने भी कार्यसूची में एक साथ कई विधेयक लाने पर सवाल उठाए।
नियमानुसार विधेयक सदन के पटल पर रखे गए
जवाब में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के बाद नियमानुसार विधेयक सदन के पटल पर रखे गए हैं और सभी सदस्यों को उन्हें पढ़ने का पूरा समय मिलेगा। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस काले कपड़े पहन ले या विरोध करे, इससे यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने से नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा और बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लगाएगा। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि प्रदेश को यूनिफॉर्म सिविल कोड नहीं, बल्कि यूनिफॉर्म एजुकेशन कोड की जरूरत है, ताकि सभी बच्चों को समान शिक्षा मिल सके।

