वायनाड में लैंडस्लाइड में 2 लोगों की मौत, टनल की मिट्टी टैंकर और गाडि़यां बहा ले गयी

वायनाड में भूस्खलन (Photo: ITG)वायनाड. केरलम के वायनाड में मंगलवार की सुबह तेज वर्षा के चलते लैंडस्लाइड हुआ है इस घटना में 2 लोगों की मौत हो गयी है। 8 लोग घायल हुए है। कई लोगों क मलबे में दबे होने की खबर है। घटना कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास की है। यहां मलप्पपुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्टर के कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। टनल से मिट्टी निकाल कर बाहर जमा की गयी थी। वर्षा के चलते मिट्टी खिसक गयी। जिससे पेड भी उखड़ गये और बैरिकेड भी बह गये।

हादसे से जुड़ी 4 तस्वीरें…

स्थानीय लोगों ने मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों ने मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
हादसे वाली जगह पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। यहां टनल का निर्माण हो रहा है।
हादसे वाली जगह पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। यहां टनल का निर्माण हो रहा है।
पुलिस-एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची है। रेस्क्यू जारी है।
पुलिस-एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची है। रेस्क्यू जारी है।

घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें दिखाई दे रहा है कि 7 जुलाई की सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर टनल से तेज लहर के साथ आया मलबा एक टैंकर का तिनके की तरह बहाकर ले गया। 2 लोग इसके मलबे में फंसे। पुलिस की एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मलबा हटाने के लिये भारी मशीनों की आवश्यक होगी। अधिकारियों के अनुसार, लगातार वर्षा की वजह से सोमवार से ही सुरंग कंस्ट्रक्शन का काम रोक दिया गया था। मलप्पुरम -वायनाड टनल प्रोजेक्ट के तहत मलप्पुरम को वायनाड से सुरंग (टनल) के माध्यम से जोड़ना है। टनल की लम्बाई लगभग 8.17 किमी है। इसकी लागत लगभग 2,100,2,200 करोड़ है। दो साल पहले भी वायनाड में एक के बाद एक 3 भूस्खलन हुए थे। जिसमें 400 से अधिक जानें चली गयी थी।
वायनाड में लैंडस्लाइड की क्या वजह है
वायनाड, केरल के नॉर्थ-ईस्ट में है। यह केरल का एकमात्र पठारी इलाका है। यानी मिट्टी, पत्थर और उसके ऊपर उगे पेड़-पौधों के ऊंचे-नीचे टीलों वाला इलाका। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल का 43% इलाका लैंडस्लाइड प्रभावित है। वायनाड की 51% जमीन पर पहाड़ी ढलाने हैं। यानी लैंडस्लाइड की संभावना बहुत ज्यादा बनी रहती है। वायनाड का पठार वेस्टर्न घाट में 700 से 2100 मीटर की ऊंचाई पर है। मानसून की अरब सागर वाली ब्रांच देश के वेस्टर्न घाट से टकराकर ऊपर उठती है, इसलिए इस इलाके में मानसून सीजन में बहुत ज्यादा बारिश होती है। वायनाड में काबिनी नदी है। इसकी सहायक नदी मनंतावडी ‘थोंडारमुडी’ चोटी से निकलती है। लैंडस्लाइड के कारण इसी नदी में बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ है।

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