सॉल्वर ने दी 50 हजार रूपये में परीक्षा, बीएसएफ में हुआ चयन, 12 दिन की ट्रेनिंग के बाद आया पकड़ में अभ्यर्थी

फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

ग्वालियर. पुलिस और बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक जबलपुर के मनमोहन नगर, रांझी निवासी शिवसिंह का चयन एसएससीपरीक्षा 2025 के माध्यम से कांन्स्टेबल (जीडी) पद पर हुआ था। नियुक्ति मिलने के बाद वह 9 मार्च 2026 को बेंगलुरू स्थित बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर पहुंच गया था। ट्रेनिंग शुरू होने के 12 दिन बाद 21 मार्च को दस्तावेजों के अंतिम संत्यापन और बायोमेट्रिक मिलान के दौरान उसके फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड से मेल नही खाये। कई बार जांच के बावजूद सिस्टम ने 100 प्रतिशत मिसमैच दिखाया।
फोटो से नहीं हुआ मिलान
जांच अधिकारियों ने जब एसएससी आवेदन पत्र और ई-एडमिट कार्ड पर फोटो का मिलान किया तो सामने आया कि परीक्षा देने वाला व्यक्ति और ट्रेनिंग करने पहुंचा युवक अलग-अलग है। इसके बाद अधिकारियों ने उससे पूछताछ की।
50 हजार रुपए देकर कराया था पूरा काम
पूछताछ में शिव सिंह ने स्वीकार किया कि उसने 50 हजार रुपए देकर एक अज्ञात सॉल्वर को अपनी जगह लिखित परीक्षा और मेडिकल टेस्ट देने के लिए तैयार किया था। उसी की मदद से वह चयनित हुआ था।
जांच में पता चला कि आरोपी की लिखित परीक्षा 19 फरवरी 2025 को ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र में हुई थी। भर्ती प्रक्रिया के अन्य चरण भी यहीं पूरे हुए थे। इसी वजह से बेंगलुरु पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला जांच के लिए ग्वालियर भेज दिया। बिजौली थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और परीक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। परीक्षा केंद्र से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अब उस सॉल्वर और उसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की तलाश कर रही है।

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