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आपसी समझौते से हाईकोर्ट ने लूट-डकैती की एफआरआर की निरस्त

ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने लूट और डकैती के एक मामले में दर्ज एफआईआर को आपसी समझौते के आधार पर निरस्त कर दिया है। न्यायमूति मिलिंद रमेश फडके ने ग्वालियर के हजीरा थाने में दर्ज इस अपराधको समाप्त करने के निर्देश दे दिये है। कैलारस, मुरैना निवासी विक्की राठौड और राजकुमार राठौर ने अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि उनका कोई आपराधिक चरित्र नहीं है। वह दोनों बेरोजगार है। उनके खिलाफ हजीरा थाने में 9 जुलाई 2024 को एफआईआर दर्ज की गयी थी।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने विक्की राठौड़ और राजकुमार राठौर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके पास से लूटे गए रुपये भी बरामद किए और दोनों को जेल भेज दिया था। बाद में, विक्की राठौड़ और राजकुमार राठौर ने फरियादी रिंकी भदोरिया के साथ आपसी समझौता कर लिया। इसी समझौते के आधार पर हाईकोर्ट ने एफआईआर निरस्त करने का आदेश दिया।
एफआईआर के अनुसार, रिंकी भदोरिया 9 जुलाई 2024 की शाम करीब 5 बजे बिरला नगर स्थित यूको बैंक से 2 लाख 20 हजार रुपये निकालकर पैदल घर जा रही थीं। जब वह सोना गार्डन के सामने पहुंचीं, तो काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात लड़कों ने उनके हाथ से रुपयों से भरा थैला छीन लिया और फरार हो गए।

 

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