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ओल्ड पेंशन स्कीम केन्द्र सरकार आखिरी निर्णय पहले वित्त मंत्रालय ने 15 जुलाई को बैठक बुलाई

नई दिल्ली. ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) पर केन्द्र सरकार कोई अंतिम निर्णय ले, इससे पहले कर्मचारियों के साथ बैठक की जायेगी। यह बैठक भारत सरकार के अंडर सेक्रेटी विजय कुमार शर्मा ने 15 जुलाई को फ्रेसको, नॉर्थ ब्लाक कमरा नम्बर 169डी में दोपहर 3 बजे आमंत्रित की है। इस बैठक में वित्त मंत्रालय द्वारा गठित की गयी कमेटी के सदस्य मौजूद रहेंगे। कर्मचारियों की तरफ से स्टाफ साईड (जेसीएम, नेशनल काउंसिल) के सचिव शिवगोपाल मिश्रा एवं दूसरे कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहेंगे।
देश में पुरानी पेंशन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ऐसा माना जा रहा है कि ओपीएस को लेकर वित्त मंत्रालय द्वारा गठित की गयी कमेटी की रिपोर्ट बजट एत्र के बीच आ सकती है। सूत्रों ने बताया है कि कमेटी की रिपोर्ट में ओपीएस जैसी कई बातें शामिल हो सकती है। केन्द्र सरकार के विभिन्न कर्मचारी संगठन, कमेटी की बातों से सहमत है या नहीं। इसे लेकर सरकार उनसे बातचीत करेगी। संभवतः ओपीएस पर केन्द्र सरकार कोई अंतिम निर्णय ले, इससे पहले कर्मचारियों के साथ बैठक की जायेगी।

मार्च 2023 में केंद्र सरकार ने वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। इस कमेटी के गठन का मकसद, गैर-अंशदायी और वित्तीय रूप से अस्थिर पुरानी पेंशन प्रणाली पर वापस लौटे बिना, एनपीएस लाभों को बेहतर बनाने के तरीके खोजना था। इस कमेटी में कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन मंत्रालय के सचिव, व्यय विभाग के विशेष सचिव और पेंशन फंड नियमन व विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के अध्यक्ष को बतौर सदस्य, शामिल किया गया था। कमेटी से कहा गया था कि वह नई पेंशन स्कीम ‘एनपीएस’ के मौजूदा फ्रेमवर्क और ढांचे के संदर्भ में बदलावों की सिफारिश करे। किस तरह से नई पेंशन स्कीम के तहत ‘पेंशन लाभ’ को और ज्यादा आकर्षक बनाया जाए, इस बाबत सुझाव दें। कमेटी, इस बात का ख्याल रखे कि उसके सुझावों का आम जनता के हितों व बजटीय अनुशासन पर कोई विपरीत असर न हो। जेसीएम ‘स्टाफ साइड’ के सचिव और एआईआरएफ के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 21 जून को केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा था। इसमें ओपीएस बहाली की मांग की गई है। इससे पहले मिश्रा ने 11 जून को प्रधानमंत्री मोदी को भी एक पत्र लिखा था। उन्होंने इस पत्र में आग्रह किया है कि एक जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए कर्मियों की ‘पुरानी पेंशन बहाली’ पर गंभीरता से विचार किया जाए। इनके अलावा, गत वर्ष केंद्र सरकार में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने ‘पुरानी पेंशन’ की मांग को लेकर रामलीला मैदान में विरोध प्रदर्शन किया था। कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लाइज एंड वर्कर्स ने केंद्रीय बजट पेश होने से पहले विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। संगठन के महासचिव एसबी यादव ने घोषणा की है कि 19 जुलाई को सरकारी कर्मचारी, लंच समय के दौरान अपने कार्यस्थल पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) और स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) के सदस्य भी ‘गारंटीकृत पुरानी पेंशन’ की मांग उठा चुके हैं। एनजेसीए के सदस्य, सी. श्रीकुमार कह चुके हैं कि उन्हें एनपीएस में सुधार मंजूर नहीं है। सरकारी कर्मियों को गारंटीकृत पेंशन ही चाहिए। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल के मुताबिक, कर्मियों को गारंटीकृत पेंशन सिस्टम चाहिए। उन्होंने सरकार को एनपीएस को ओपीएस में बदलने के लिए सुझाव भी दिए हैं। अगले हफ्ते से ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन द्वारा, देशभर में पुरानी पेंशन बहाली के लिए ‘नेशनल मिशन फॉरओल्ड पेंशन स्कीम (भारत)’ के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। ये सम्मेलन यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर में होने तय हुए हैं। इससे पहले कई दूसरे कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी मांगों की फेहरिस्त, सरकार के समक्ष रखी है।

जेएफआरओपीएस/एनजेसीए ने केंद्र सरकार को ओपीएस के मुद्दे पर 19 मार्च को अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस देने की तैयारी की थी। सरकार ने कर्मचारियों के गुस्से को देखते हुए उन्हें 14 मार्च को नॉर्थ ब्लॉक में बैठक के लिए बुला लिया। वहां पर वित्त मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी और नेशनल काउंसिल/जेसीएम (स्टाफ साइड) के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में हड़ताल पर जाने का निर्णय रद्द कर दिया गया। इस बैठक में सरकार की तरफ से वित्त मंत्रालय के सचिव (व्यय), सचिव डीओपीटी, अतिरिक्त सचिव (व्यय), चेयरमैन पीएफआरडीए, जेएस/डीएफएस और ईडी/पीएफआरडीए उपस्थित रहे। कर्मचारी पक्ष की तरफ से बैठक के लिए एआईआरएफ के अध्यक्ष शिव गोपाल मिश्रा, एनएफआईआर के गुमान सिंह, कन्फेडरेशन के महासचिव रूपक सरकार, आईएनडीडब्लूएफ के आर. श्रीनिवासन, एआईडीईएफ के सी. श्रीकुमार और ऑल इंडिया अकाउंट्स एंड ऑडिट एसोसिएशन के तपन बोस का नाम भेजा गया था। बैठक के बाद शिव गोपाल मिश्रा द्वारा स्ट्राइक की कॉल वापस लेने का पत्र जारी किया गया।

शिव गोपाल मिश्रा ने अपने पत्र में लिखा, भारत सरकार, मौजूदा पेंशन सिस्टम के रिव्यू पर काम कर रही है। अभी वह काम पूरा नहीं हो सका है। सरकार के प्रतिनिधियों ने उस काम को पूरा करने के लिए कुछ और समय मांगा है। ऐसे में सरकार को कुछ समय दे दिया गया। ओपीएस को लेकर किसी अंतिम निर्णय पर पहुंचने के लिए केंद्र सरकार को जो समय दिया गया है और इसके चलते एक मई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल, वापस लेने की बात हुई है, उसके मद्देनजर ज्वाइंट फोरम फॉर रेस्टोरेशन ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम (जेएफआरओपीएस)/ नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) के सभी धड़ों से परामर्श किया गया है। इनके सदस्यों के साथ या तो फोन पर बातचीत हुई है या उनके साथ फेस टू फेस बैठक आयोजित की गई।
मिश्रा के मुताबिक, मेरा दृढ़ विश्वास है कि आने वाले 2-3 महीनों में आसमान नहीं टूट पड़ेगा। यदि पुरानी पेंशन की बहाली की हमारी मांग पूरी नहीं हुई, तो हम किसी भी क्षण कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में ओपीएस व अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर सरकार के साथ हुई जेएफआरओपीएस/एनजेसीए के प्रतिनिधियों की बात पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। हालांकि मिश्रा ने जेएफआरओपीएस/एनजेसीए के साथियों से अपील की थी कि सरकार, कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित रखने में फेल होती है, तो वे किसी भी एक्शन के लिए तैयार रहें।

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भोपाल के युवक केमीकल डिवाइस के साथ उत्तराखंड में गिरफ्तार, यूपी-दिल्ली में 3 युवक गिरफ्तार, केमीकल डिवाइस करोड़ों में बेची जानी थी

पकड़े गए सभी लोग पूर्व आयकर आयुक्त के फ्लैट पर ठहरे हुए थे। एसडीआरएफ ने भी फ्लैट पर पहुंचकर जांच की।भोपाल. दो युवकों को देहरादून में उत्तराखंड पुलिस ने केमीकल डिवाइस के साथ गिरफ्तार किया हे। इसके साथ यूपी औरे दिल्ली के 3 युवक भी पकड़े गये है। केमीकल डिवाइस में रेडियोएक्टिव सब्सटेंस तो नहीं है। इसकी जांच के लिये बुलंदशहर (यूपी) से रेडिएशन इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम बुलाई है। जांच में रेडियोएक्टिव पदार्थ नहीं मिला। लेकिन केमीकल होने की पुष्टि जरूर हुइ। शनिवार को डिवाइस का आगे की जांच के लिये मुंबई स्थिल भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र भेजा गया। युवक डिवाइस को बेचने के लिये देहरादून आये हुए थे। डील करोड़ों रूपये में होना थी। 3 अन्य लोगों के नाम भी सामने आये हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिये उत्तरप्रदेश के नोएडा और सहारनपुर में दविशें दी जा रही है।
इन आरोपियों को पकड़ा गया
जैद अली, जहांगीराबाद, भोपाल
अभिषेक जैन, कोलार, भोपाल
सुमित पाठक, आगरा, उत्तर प्रदेश
तबरेज आलम, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश
सरवर हुसैन, नई दिल्ली
पूर्व आयकर आयुक्त के फ्लैट में रूके हुए थे
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार आरोपियों को जाखन स्थित बंक एंड वुड्स सोसाइटी में पूर्व आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन के फ्लैट से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने अपना फ्लैट किराये पर दिया हुआ था। पुलिस को गुरूवार को खबर मिली थी कि कुछ बाहरी लोग रेडियोएक्टिव डिवाइस लेकर आये हैं। खरीद-फरोख्त की बात कर रहे है। एसपी अजय सिंह ने कहा है कि राजपुर थाने से पुलिस टीम मौके पहुंचे। एक डिवाइस मिली। इस पर रेडियोग्राफी कैमरा निर्मित विकीरण और आइसोटॉप प्रौद्योगिकी बोर्ड, भारत सरकार परमाणु ऊर्जा विभाग भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र नवी मुंबई लिखा हुआ था।
एक काले रंग का बॉक्स मिला। इसे फ्लैट से पकड़े गये लोगों ने रेडियो एक्टिव पॉवर आर्टिकल बताया। इसे खोलने पर रेडिएशन का खतरा होने की बात कहीं। ऐसे में कमरे को सील करते हुए मौके पर एसडीआहरएफ की टीम को बुलाया गया था। आगे की जांच की जा रही है।

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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होगे गुरमीत सिंह

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के नये चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया होंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इसके आदेश जारी कर दिये हैं। गुरमीत सिंह मध्यप्रदेश से पहले पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में भी चीफ जस्टिस रह चुके हैं।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाय चंद्रचूड की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने इसका प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में कहा गया था कि पंजाब और हरियाणा राज्यों के लिये हाईकोर्ट देश के सबसे बड़े उच्च न्यायालयों में से एक हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश को चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त करना उचित होगा। इसलिये कॉलेजियम न्यायमूर्ति जीएस संधावालिया को एमपी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश करता है।
2011 में अतिरिक्त न्यायाधीश बने थे
जस्टिस संधावालिया को 30 सितंबर 2011 को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का एडिशनल जज बनाया गया था। 24 जनवरी 2014 को वे स्थायी जज बन गए थे। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में उनके पूर्व जस्टिस शील नागू को 4 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया था। जस्टिस संजीव सचदेवा तब से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस के रूप में कार्य कर रहे हैं।

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BSF की 2 लेडी कांस्टेबल पश्चिम बंगाल में मिली, बीएसएफ अधिकारी कर पूछताछ में जुटे

ग्वालियर. टेकनपुर छावनी से लापता हुई सीमा सुरक्षा बल (BSF)  की 2 लेडी कांस्टेबल शहाना खातून और आकांक्षा निखर पश्चिम बंगाल में मिलगयी है। दोनों यहां मुर्शिदाबाद बॉर्डर पर मिली है। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी इनसे पूछताछ कर रहे हैं। दोनों अपनी मर्जी से एक साथ जाना बता रही है।
आपको बता दें कि आखिरी बार दोनों लेडी कांस्टेबल को 6 जून 2024 का देखा गया था। लेडी कांस्टेबल आकांक्षा निखर जबलपुर और शहाना खातून पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की रहने वाली है। बीएसएफ ने बिलौआ थाने में उनकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी।

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सड़क पर दौड़ती बस में लगी आग

नोएडा. यूपी के नोएडा में अचानक एक बस में अलग लगने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग इतनी तेज से फैली की पूरे बस को कुछ ही सेकंड में अपनी चपेट में ले लिया। इस बीच बस चला रहा ड्राइवर किसी तरह से दरवाजा खोलकर बाहर कूंदा और अपनी जान बचाई।
मिली जानकारी के मुताबिक नोएडा के सेक्टर 24 में सिटीसेंटर के पास यह हादसा हुआ। ऐसा बताया जाता है कि एक बस उधर से गुजर रही थी। तभी अचानक उसमें आग लग गयी। आग लगते ही वहां हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आसपास सड़क पर ट्रैफिक खाली हो गयी।

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तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को भी मिलेा गुजारा भत्ता-सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली. 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने ठीक वैसा ही फैसला दिया है जैसा कि 23 अप्रैल 1985 को शाहबानों के मामले में दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में साफ कर दिया कि तलाकशुदा मुस्लिम महिला सीआरपीसी की धार 125 के तहत अपने पूर्व पति से गुजारा भत्ता पाने की हकदार है। शाहबानो मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने इसी तरह का फैसला दिया था। जस्टिस बीवी नागरत्ना औरे ऑगस्टिन जॉर्ज मसील की बेंच ने यह फैसला दिया है। दोनों जजों ने अलग-अलग फैसला सुनाया है। लेकिन दोनों की राय एक ही थी। दोनों जजों ने अपने फैसले में कहा है कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत तलाकशुदा मुस्लिम महिला अपने पूर्व पति से गुंजारा भत्ता पाने की याचिका दायर करने की हकदार है।
परिवार न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
यह पूरा मामला शुरू होता है। 15 नवम्बर 2012 से उस दिन मुस्लिम महिला ने अपने पति का घर छोड़ दिया है। 2017 में महिला ने अपने पति के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए और 46 के तहत केस दर्ज कराया। इससे नाराज होकर पति ने महिला कोे 3 तलाक दे दिया। 28 सितम्बर 2017 को उनके तलाक को सर्टिफिकेट जारी हो गया।
दावा है कि तलाक के बाद इद्दत की अवधि तक पति ने महिला को हर महीने 15 हजार रुपये का गुजारा भत्ता देने की पेशकश की।  इद्दत की अवधि 3 महीने तक होती है।  लेकिन महिला ने इसे लेने से इनकार कर दिया।  इसके बजाय महिला ने फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की और सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ता देने की मांग की. 9 जून 2023 को फैमिली कोर्ट ने हर महीने 20 हजार रुपये का गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया।  फैमिली कोर्ट के फैसले को पति ने तेलंगाना हाईकोर्ट में चुनौती दी. 13 दिसंबर 2023 को हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। लेकिन हर्जाने की रकम 20 हजार से घटाकर 10 हजार रुपये कर दी.पूर्व पति ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।  उसने दलील दी कि एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला सीआरपीसी की धारा 125 के तहत याचिका दायर करने की हकदार नहीं है। मुस्लिम महिला पर 1986 का मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकार का संरक्षण) कानून लागू होता है। उसने ये भी दलील दी 1986 का कानून मुस्लिम महिलाओं के लिए ज्यादा फायदेमंद है।

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हाइब्रिड कम्युनिकेशन तकनीकी आतंकी हमलों को खामोशी दे रहे हैं अंजाम आतंकी

श्रीनगर. पिछले कुछ समय से घाटी में आतंकी घटनायें तेजी से बढ़ी है। जहां धारा 370 हटने के बाद कश्मीर शांत नजर आ रहा था तो वहीं दहशतगर्दो ने अब जम्मू को टारगेट करना शुरू कर दिया है। एक माह के अन्दर जम्मू इलाके में 5 बड़े आतंकेी हमलों ने एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। महीने भर पहले रियासी में बस पर आतंकी हमला हुआ तो ताजा हमला कठुआ में हुआ। सोमवार को कठुआ में मचेड़ी-किंडली-मल्हार रोड पर अटैक हुआ है। यहां आतंकियों नेरूटीन पेट्रोलिंग पर निकले सैन्य वाहन को टारगेट करते हुए ग्रेनेड्स की बौछार कर दी। इस हमले में 5 जवान शहीद हो गये और कई घायल हैं। आतंकी इन मंसूबों को इतनी खामोशी से अंजाम दे रहे हैं कि प्लानिंग की भनक तक खुफिया एजेंसियों को नहीं लग रही है। हालांकि सवाल उठता है कि आतंकी जम्मू सक्षेत्र में रहते हुए पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से लगातार संपर्क में रहे और सेना या खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक कैसे नहीं लगी? तो आपको बतो दें कि आतंकी हाइब्रिड कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं। आतंकियों द्वारा पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से संपर्क साधन के लिये हाईब्रिड अल्ट्रासेट सिस्टम का उपयोग किया गया है। सेना को सर्च ऑपरेशन के दौरान ऐसे ही अल्ट्रासेट सिस्टम मिले हैं। इन्हीं का उपयोग करे आतंकियों ने पूरी प्लानिंग की और जम्मू में हमलों को अंजाम दिया।
क्या है अल्ट्रासेट सिस्टम
दरअसल,अल्ट्रासेट हैंडसेट हाइब्रिड कम्युनिकेशन सिस्टम को एकीकृत करता है जो सेलुलर तकनीक को विशेष रेडियों उपकरणों के साथ जोड़ता है। यह डिवाइस मैसेज के प्रसारण और प्राप्ति के लिये रेडियो वेव्स का उपयोग करता है। जो जीएसएम या सीडीएमए जैसे पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क से स्वतंत्र रूप से संचालित होते हैं। प्रत्येक अल्ट्रासेट सीमा पार स्थित एक कंट्रोल स्टेशन से जुड़ा होता है और सीधे हैंडसेट-टू-हैंडसेट कम्युनिकेशन को सपोर्ट नहीं करता है।
सेना ने 3 उपकरण किए बरामद
सुरक्षा तंत्र के सूत्रों का कहना है कि एजेंसियां क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादी समूहों के खिलाफ विश्वसनीय खुफिया जानकारी जुटाने और सफल ऑपरेशन के लिए जमीनी मानव संसाधन जुटाने की कोशिश कर रही हैं। अब तक राजौरी, उरी और सोपोर में 3 अलग-अलग आतंकवाद विरोधी अभियानों में सुरक्षाबलों द्वारा ऐसे 3 अल्ट्रासेट बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल आतंकियों द्वारा किया गया।
चीनी सैटेलाइट का होता है इस्तेमाल
इसके बजाय, वे हैंडसेट से कंप्रेस्ड डेटा को पाकिस्तान में एक सेंट्रल सर्वर तक पहुंचने के लिए चीनी सैटेलाइट्स पर निर्भर रहते हैं। इसके बाद यह सर्वर मैसेज को उनके निर्दिष्ट प्राप्तकर्ताओं को भेजता है और यह हाइब्रिड तंत्र सुरक्षा एजेंसियों खुफिया जानकारी जुटाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों की पकड़ में नहीं आता। इसके अलावा जम्मू की पहाड़ी स्थलाकृति भी चीजों को कठिन बना रही है, जहां नवीनतम सर्विलांस और इंटरसेप्शन सिस्टम सही से काम नहीं कर पाते। यही कारण है कि आतंकियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही तकनीक बड़ी बाधा बन रही है और सेना पर घातक हमले हो रहे हैं।

 

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उपचुनाव में एमपी की अमरवाड़ा सहित 7 राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर मतदान शुरू

उपचुनाव में एमपी की अमरवाड़ा में मतदान शुरू
नई दिल्ली. मध्यप्रदेश में अमरवाडा सीट पर चुनाव के मतदान प्रारंभ हो गया है। यह सिर्फ एक उपचुनाव नहीं बल्कि भाजपा और कांग्रेस की नाक का सवाल बन गया है। भाजपा छिंदवाड़ा लोकसभा जीतने के बाद भाजपा इस विधानसभा को भी जीतने जी तोड़ मेहनत कर रही हे। तो वहीं कांग्रेस और कमलनाथ लोकसभा की हार का बदला लेने के मूड में है। अमरवाड में मुख्य मुकाबला तो भाजपा प्रत्याशी कमलेश शाह और कांग्रेस प्रत्याशी धीरन शाह इनवाती के बीच है। आदिवासी बहुत सीट पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी दोनों दलों के वोटरों में सेंध लगाने का दम रखती है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के उम्मीदवार देवरावेन भलावी पर भी सबकी नजरें लगी हुई है। क्योंकि वर्ष 2003 में अमरवाड़ा से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी चुनाव जीत चुकी है।
मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तरांखंड और पंजाब समेत देश के 7 राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिये मतदान शुरू हो गया है। इनमें से कई सीटें लोकसभा चुनाव के बाद खाली हुई है। इस वजह से कई विधायकों को लोकसभा चुनाव लड़ना है। जिसमें जीत के बाद उन्होंने विधायकी से इस्तीफा दे दिया। हालांकि इनमें से कुछ सीटें विधायकों के निधन के बाद भी खाली हुई है।
किस राज्य की कितनी सीटों पर चुनाव
बिहार की रूपौली, मध्य प्रदेश की अमरवाड़ा, उत्तराखंड की बद्रीनाथ और मंगलौर, पंजाब की जालंधर वेस्ट, बंगाल की रायगंज, रानाघाट दक्षिण, बगदा, मणिकताला, तमिलनाडु की विक्रावंदी सीट के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश की देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ सीटों पर आज मतदान है. इन सीटों पर उपचुनाव का नोटिफिकेशन 14 जून को जारी हुआ था, नामांकन की आखिरी तारीख 21 जून थी. स्क्रूटनी 24 जून को पूरी हुई थी. नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 26 जून तय की गई थी. इस चुनाव के नतीजे 13 जुलाई को आएंगे.

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पुंछ एलओसी पर 10 मिनट तक देखा गया पाकिस्तानी ड्रोन, फिर वापिस लौट गया

पुछ. भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी ड्रोन दिखाई देने पर नीचे गिराने के लिये गोलियां दांगी। ड्रोन कुछ देर तक मंडराता रहा और फिर वापिस पाकिस्तान लौट गया इसके बाद भी दोबारा फिर ड्रोन देखा गया और फिर से पाकिस्तान वापिस लौट गया। अधिकारियों ने बताया कि सेना के जवानों जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर एक पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराने के लिये कुछ राउंड फायर किये।
हालांकि उन्होंने बताया कि ड्रोन सोमवार की देर रात भारतीय इलाके में कुछ देर तक मंडराता रहा और फिर वापिस पाकिस्तान लौट गया। उन्होंने बताया कि एलओसी की रखवाली कर रहे भारतीय सैनिकों ने रात लगभग 9.15 बजे 1 हजार मीटर से अधिक ऊंचाई पर एक ड्रोनकी हरकत देखी और उसे गिराने के लिये अगले 10 मिनट में 5 गोली फायर किये। लेकिन वह वापिस लौटने में कामयाब रहा।

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कठुआ में आतंकियों ने किया सेना की गाड़ी पर हमला, आतंकियों ने गाड़ी पर फेंका ग्रेनेड, 2 जवान जख्मी

नई दिल्ली. जम्मू के कठुआ में सेना के वाहन पर आतंकी हमले की खबर सामने आई है। इस हमले में 2 जवान घायल हो गये हैं। हमले के बाद घाटी में सर्च ऑपरेशन जारी है। सूत्रों के अनुसार पहाड़ी के ऊपर छिपे आतंकवादियों ने सेना के वाहन पर गोलीबारी की। इसे लेकर तलाशी एवं घेराबंदी अभियान शुरू किया गया है। अभी अभी पता चला है सेना और आतंकवादियों के फायरिंग शुरू कर दी गयी है। आतंकवादियों ने सेना के वाहन पर ग्रेनेड भी फेंका है। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से एक बार घाटी में उथल-पुथल बढ़ी है। आतंकियों से मुठभेड की खबरें लगातार आ रही है।
राजौरी में सेना शिविर पर आतंकियों ने किया हमला
एक दिन पूर्व ही जम्मू -कश्मीर के राजौरी में भारतीय सेना के शिविर पर आतंकवादी हमले का मामला सामने आया था। इस हमले में सेना एक जवान जख्मी हो गया था। आतंकवादियों ने सेना के शिविर पर गोलीबारी की थी। इस बीच सतर्क सुरक्षा चौकी पर तैनात जवान ने भी आतंकवादियों पर गोलीबारी की थी।घटना के समय सेना जवान घायल हो गया था। आतंकवादी अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में कामयाब रहें।

कुलगाम में हुई थी गोलीबारी
दूसरी ओर इस हमले के कुछ घंटों बाद ही चिनिगाम गांव में गोलीबारी की एक और घटना हुई थी।  सेना को लश्कर ग्रुप के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा बल उस क्षेत्र में पहुंच गए थे।  दोनों तरफ से गोलीबारी हुई थी। सेना को कुलगाम के इलाके में आतंकियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया इनपुट मिला था। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इस दौरान सेना के जवानों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई थी।

 


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