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अरविंदो अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग का छापा, जांच शुरू महत्वपूर्ण दस्तावेज भी किए जब्त

ग्वालियर (डबरा): मरीज के इलाज में लापरवाही की शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डबरा स्थित अरविंदो अस्पताल पर छापेमार कार्रवाई की है। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित स्टाफ के बयान दर्ज किए। जांच दल में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपाली माथुर, मेडिकल ऑफिसर डॉ. डी.सी. आर्य और डीपीएचएनओ संविदा श्रीवास शामिल थे। टीम ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और उपचार व्यवस्था की बारीकी से जांच की।
कार्रवाई के दौरान अस्पताल से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मरीज के परिजनों का आरोप है कि कई दिनों तक भर्ती रखने के बावजूद मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ और बाद में उसे गंभीर स्थिति में ग्वालियर रेफर करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि इलाज के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टर की उपलब्धता स्पष्ट नहीं थी और अनावश्यक जांच व दवाओं के कारण आर्थिक बोझ बढ़ा।
परिजनों का यह भी दावा है कि यदि समय पर सही उपचार मिलता, तो मरीज की स्थिति बेहतर हो सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल मामले को लेकर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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ग्वालियर के सिटीसेंटर में 4.05 से 4.11 के बीच गिरे ओले, आंधी-वर्षा के साथ ओलावृष्टि, 7 अप्रैल तक मौसम में उतार-चढाव रहेगा जारी

ग्वालियर. मौसम ने अचानक ली करवट से शनिवार की शाम लगभग 4.05 से 4.11 बजे के बीच सिटीसेंटर में जबरदस्त ओले गिरे। तेज आंधी-तूफान के साथ कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई। इसके साथ ही तेज वर्षा हुई है। मौसम विभाग ने पहले ही तेज वर्षा और आंधी के साथ ओले गिरने की संभावना जताई थी।
शहर में जम्मू कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को हल्की बूंदाबांदी के साथ दिनभर बादल छाये रहे। जिससे गर्मी से राहत मिल। अधिकतम तापमान गिरकर 36.2 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गयाहै। जबकि शनिवार को न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सैल्सियस रहा है। मौसम विभाग ने 4 अप्रैल के लिये येलो अलर्ट जारी किया था। मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल मंगलवार तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि, बदला हुआ मौसम किसानों के लिये चिंता बढ़ा रहा है। लगातार नमी और वर्षा की वजह से गेहूं की कटी हुई खेतों पड़ी है।
एक दिन पहले गर्मी से बेहाल थे लोग
बीते दिनों तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान थे। घर से निकलते समय लोग चेहरा और शरीर ढंककर निकल रहे थे और धूप से बचने के लिए छांव तलाश रहे थे। हालांकि, रात में हुई हल्की बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया और लोगों को राहत मिली। खेतों में खड़ी गेहूं की बालियां भीगने से दाने काले पड़ने लगे हैं और उनकी चमक फीकी हो रही है। इससे बाजार में कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम ऐसा ही बना रहा, तो फसल को और नुकसान हो सकता है। अगले 24 घंटों में भी तेज बारिश, आंधी और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।

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नायब तहसीलदार नियुक्ति विवाद, बरी उम्मीदवार को हाईकोर्ट से मिली राहत, आदेश पालन नही तो प्रमुख सचिव की पेशी तय-हाईकोर्ट

ग्वालियर. हाईकोर्ट की एकल पीठ ने नायब तहासीलदार नियुक्ति विवाद में सख्त रूख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि उसके पूर्व आदेश पालन नहीं किया गया है। राजस्व विभाग के प्रमुुख सचिव विवेक पोरवाल को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। मामला भानुप्रताप सिंह से जुड़ा हुआ है। जिन्हें विभागीय परीक्षा पास करने के बावजूद नायब तहसीलदार पद पर नियुक्ति नहीं दी गयी। वजह बताई गयी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम से जुड़े मामले में अपील लंबित है।
हाईकोर्ट ने पहले ही रद्द किया आदेश
हाईकोर्ट ने पहले ही नियुक्ति से वंचित करने के आदेश को निरस्त कर सक्षम प्रॉधिकारी को पुनर्विचार के लिये भेजा था। अदालत ने साफ कहा था कि किसी व्यक्ति के निर्दोष होने के बाद लंबित अपील को उसके खिलाफ आधार नहीं बनाया जा सकता है।
‘बरी होने पर निर्दोषता की धारणा मजबूत’
कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि बरी होने के बाद व्यक्ति की निर्दोषता की धारणा और मजबूत हो जाती है। ऐसे में नियुक्ति से पहले यह देखना जरूरी है कि उम्मीदवार आरोपों से मुक्त है या नहीं, लेकिन प्राधिकारी ने इस पहलू पर विचार नहीं किया। कोर्ट के निर्देश के बावजूद जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की। अब कोर्ट ने सख्त चेतावनी देते हुए प्रमुख सचिव को अगली सुनवाई में तलब करने की बात कही है।

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ग्वालियर में 51 अवैध कॉलोनियां की सूची तैयार, FIR दर्ज करने के आदेश जारी

ग्वालियर. शहर में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर रुचिका चौहान के न्यायालय ने 51 कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इन कॉलोनाइजरों को पूर्व में नोटिस जारी कर वैध दस्तावेज पेश करने को कहा गया था, लेकिन सुनवाई के दौरान वे अनुमति से जुड़े कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। प्रशासन के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई का अधिकार कलेक्टर के पास है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी नगर निगम आयुक्त की होती है।
कॉलोनी विकास नियमों के तहत केस दर्ज
इसी आधार पर अलग-अलग प्रकरणों में सुनवाई के बाद संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए गए है कि वे तत्काल संबंधित थानों में एफआइआर दर्ज कराएं। ग्रामीण क्षेत्रों में मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 61 के तहत कार्रवाई तो शहरी क्षेत्रों में मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम और कॉलोनी विकास नियमों के तहत केस दर्ज किए जाएंगे। पत्रिका ने इस संबंध में 15 मार्च के अंक में 45 दिन में 28 मामूली तोड़फोड, एक भी बिल्डर पर एफआइआर दर्ज नहीं, खबर प्रकाशित की थी। हालांकि इसके बाद भी फर्क नहीं पड़ा।
कई क्षेत्रों के कॉलोनाइजर सूची में शामिल
कार्रवाई की जद में मुरार, ग्वालियर सिटी, घाटीगांव, भितरवार और डबरा क्षेत्रों के कॉलोनाइजर शामिल हैं। इनमें व्यक्तिगत डेवलपर्स के साथ कुछ प्रॉपर्टी समूहों के नाम भी सामने आए हैं।

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MP में सिलेंडर के लिए अनिवार्य किया ये डाक्यूमेंट, एलपीजी संकट पर सख्त निर्देश

भोपाल. मध्य प्रदेश में एलपीजी संकट से निपटने के लिए प्रशासनिक कवायद जारी है। गैस सिलेंडरों के लिए केवायसी अनिवार्य कर दिया गया है। एलपीजी की कमी और सप्लाई के प्रयास के दावों के बीच अब खाद्य विभाग की टीमें उन एजेंसियों पर पहुंच रही है जहां सिलेंडर के लिए ज्यादा भीड लग रही है। उपभोक्ताओं को समझाया जा रहा है कि यदि आपका केवायसी पूरा है तो सिलेंडर आपके घर पहुंच जाएगा। भोपाल जिले में अभी तीनों ऑयल कंपनियों के सिलेंडरों की 23 हजार सिलेंडरों की पेंडेंसी है जबकि सप्लाई 12 हजार के आसपास नियमित रूप से हो रही है। इस बीच शनिवार को प्रशासन द्वारा गैस एजेंसियों पर जांच करने अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर के निर्देश पर यह कदम उठाया जा रहा है। जिला प्रशासन व अधिकारी सिलेंडरों की सप्लाई पर पूरी नजर रखे हुए है।
बुकिंग नियमानुसार है तो सिलेंडर 2 से 3 दिन में घर आ जाएगा
अधिकारियों का कहना है कि 1 मार्च को क्लोजिंग के कारण परेशानी आई थी लेकिन अगले दिन से सप्लाई पूरी तरह से की जा रही है। यदि सिलेंडर की बुकिंग नियमानुसार है तो 2 से 3 दिन में सिलेंडर आपके घर पहुंच जाएगा। वहीं कई गैस एजेंसियों पर रोज विवाद की स्थिति बन रही है। इसको लेकर कहा जा रहा है कि जिन लोगों का ई-केवायसी पूरा है उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही। गैस एजेंसी संचालकों द्वारा नियमानुसार सिलेंडर देने का दावा किया जा रहा है ।

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32 अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस से खलबली, मंहगी पड़ी लापरवाही

भोपाल. भोपाल में जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर नगर निगम प्रशासन ने कडा रूख अपना लिया है। इस महत्व के कार्य के लिए आहूत महत्वपूर्ण बैठक से नदारद रहना 32 अधिकारी-कर्मचारियों को भारी पड गया है। निगम ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले 13 सहायक यंत्रियों, 16 उपयंत्रियों, 2 सुपरवाइजरों और एक समयपाल को कारण बताओं नोटि जारी किया है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देेश पर जारी इन नोटिसों में स्पष्ट किया गया है कि बैठक में अनुपस्थित रहने से न केवल प्रेशासनिक कार्य प्रभावित हुआ है बल्कि यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
बता दें कि सोमवार तक स्पष्टीकरण देने को कहा है अगर संतोषजनक उत्तर न मिलने या उपस्थित न होने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्रवाई होगी। लोकस्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग ने तो और भी सख्त रूख दिखाया है। विभाग ने जबलपुर के एक अधिकारी को सीधे निलंबित कर दिया। प्रभारी मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर और यह श्रेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर संभाग, यानी दो प्रमुख पदों से अधिकारी को हटाकर भोपाल बुला लिया।
कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर इन पर गिरी गाज
सहायक यंत्री (एई): आदित्य शर्मा, गौरव प्रजापति, केसी गुप्ता, अजय सोलंकी, शुभम वर्मा, निशांत तिवारी, एसबी सिंह, चंदन पिपलाद, ज्योति मानकेले, पवन मेहरा, अभिषेक मालवीय, अंकुर रायजादा और अमन सिंह।
उपयंत्री (एसई): संजय बराडिय़ा, अमर सिंह यादव, आकृति पटेल, आदित्य खरे, अनिता मेहर, शुभकामना ठाकुर, सत्यम सिंह, अमित कुमार दुबे, कीर्ति तोमर, अजय राजावत, अमित दुबे, जोगेन्दर सिंह, रूपांकन वर्मा, जितेन्द्र गुप्ता और शीतल विश्वकर्मा।

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नरोत्तम मिश्रा को राज्यसभा भेजने पर मंथन

ग्वालियर. मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है। विधानसभा संख्या बल के अनुसार दो सीटें सत्तारूढ दल व एक सीट कांग्रेस के खाते की हैै। दोनों दलों में राज्यसभा की उम्मीदवारी को लेकर मंथन चल रहा है। वर्तमान में अंचल से कांग्रेस से अशोक सिंह राज्यसभा सदस्य है। संगठनस्तर पर चर्चा है कि यूजीसी अधिनियम को लेकर सवर्णों विशेषकर अंचल के ब्राह्मएर समाज की नाराजगी दूर करने के लिए पूर्व गृहमंत्री को राज्यसभा भेजा जा सकता है। क्योंकि वे अंचल में ही नहीं प्रदेश में भी ब्राह्मण समाज का बडा चेहरा माने जाते है और फिर यूजीसी के विरोध का केंद्र भी अंचल बना हुआ है।
शीर्ष नेतृत्व नरोत्तम मिश्रा पर विचार कर रहा
जानकारी के अनुसार पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा सक्रिय राजनीति में लाने के लिए संगठन के सामने दूसरा विकल्प दतिया विधानसभा क्षेत्र में संभावित उपचुनाव है। उन्हें एक बार फिर दतिया से चुनाव लडाकर प्रदेश सरकार में सम्मानजनक स्थान दिया जा सकता है। शीर्ष नेतृत्व नरोत्तम मिश्रा से जुडी तमाम संभावनाओं पर विचार कर रहा है।
यूजीसी एक्ट को लेकर भाजपा को सवर्ण समाज के विरोध का सामना करना पड रहा है। इसके साथ ही उच्च न्यायालय परिसर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर ग्वालियर चंबल अंचल जातिगत राजनीति गरमाई हुई है।

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लखनऊ में धमाका करने आये 4 आतंकी गिरफ्तार, गैंग का सरगना मेरठ का नाई, पाकिस्तान ने दिया था धमाका करने का टारगेट

लखनऊ. उत्तरप्रदेश एटीएस ने लखनऊ से 4 आतंकियों को गुरूवार को हिरासत में ले लिया है। इसका खुलासा शुक्रवार को किया। एटीएस के मुताबिकअ आतंकी पाकिस्तान के हैंडलर्स के कहने पर भारत में आगजनी और दहशत फैलाने की साजिश रच रहे थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेश नम्बरों से जुड़े थे। लखनऊ सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, रेलवे स्टेशनों और गाडि़यों में विस्फोट करने की फिराक में थे।
आतंकियों की पहचान साकिब उर्फ डेविल, विकास गहलावत उर्फ रौनक, लोकेश उर्फ बाबू उर्फ पपला पंडित औरा अरबाब के रूप में हुई है। साकिब इस गैंग का सरगना है। इनके पास से केमीकल से भरा कैन, 7 मोबाइल, 24 पंपलेट और आधार कार्ड बरामद किया गया हैं बरामद मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजीटल सबूत मिले हैं। उनकी जांच की जा रही है।
लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट करने की थी साजिश
एटीएस के अनुसार गैंग ने लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल बॉक्स और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। उनका उद्देश्य 2 अप्रैल का बड़ विस्फोट और बड़़ी जनहानि करना था।जिससे दहशत फैल सके।हालांकि एटीएस को पहले ही इसकी खबर मिल गयी । टीम ने समय रहते हुए कार्यवाही करते हुए आरोपियों को दबोच लिया है।
पाकिस्तान के अलावा विदेशी नेटवर्क के संपर्क में थे
एटीएस जांच में सामने आया है कि गैंग का मुख्य आरोपी साकिब उर्फ डेविल मेरठ के अगवानपुर गांव का निवासी है। वह नाई का काम करता था। सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तान के हैंडलर्स के संपर्क में आ गया। टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से वह पाकिस्तानी नेटवर्क, कट्टरपंथी समूहों और अफगानिस्तान के कुछ संदिग्ध नम्बरों से जुड़ा।जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म का उपयोग सुरक्षित और गुप्त बातचीत के लिये किया जा रहा था।जिससे देश विरोधी गतिविधियों की योजना बनाई जा सके। उसे अंजाम दिया जा सके।
रेकी कर टारगेट कर रहे थे तैयार
गैंग का सरगना का मुख्य उद्देश्य भारत में डर और अस्थिरता का माहौल पेदा करना था। इसके लिये आरोपी देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, भीड़भाड़ वाले ठिकानों और वाहनों, रेलवे सिग्नल बॉक्स की रैकी कर रहे थे। गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे कई शहरोें में कई जगहों की रेकी की गयी थी। पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा आरोपियों को गूगल लोकेशन भेजी जाती थी। जिसके आधार पर यह लोग घटनास्थल की जांच करते थे। पूरी जानकारी वीडियो के रूप में भेजते थे।

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US के 2 फायटर जैट, 2 चॉपर ईरान ने मार गिराये, पायलट हुआ लापता, US के बुरे सपने से कम नहीं निकले 24 घंटे

नई दिल्ली. पिछले 5 हफ्तों से जारी ईरान-अमेरिका युद्ध अब अपने सबसे खतरनाक और अनिश्चित दौर से गुजर रहा है। पिछले 24 घंटों के अन्दर ईरान ने 2 अमेरिकी फायटर जेट को मार गिराया है। जबकि बचाव अभियान में 2 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी हमले की चपेट में आ गये है।
ईरानी मीडिया की ओर से कुछ तस्वीरें रिलीज की गयी है। दावा किया गया है कुवैत स्थित कैम्प बुहरिंग पर हुए ईरानी हमलों में अमेरिकी सेना का एक बोइंग-सीएच-47 चिनूक, भारी भरकम हेलीकॉप्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। 28 फरवरी से शुरू से हुई जंग के बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी विमानों को इस तरह नुकसान पहुंचा है। जिसने वॉशिंगटन के एयर सुपीरियरिटी के दावों को कड़ी चुनौती दी है। एक अमेरिकी एफ-15 ई फायटर जेट को ईरान के अन्दर सैन्य अभियान के दौरान क्रैश हो गया है। इस विमान में 2 क्रू मेम्बर सवार थे। जिनमें एक को बचा लिया गया। जबकि दूसरा अबभी गायब है। उसके ईरान में कहीं छिपे होने की आशंका है।
कुवैत में भी प्लेन क्रैश
एक अन्य घटना में कुवैत के ऊपरद उड़ान भर रहे अमेरिकी ए-10 बारथॉग अटैक एयरक्राफ्ट को टारगेट किया गया है। दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि इसका पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में कामयाब रहा है। लापता पायलट को तलाशने के लिये भेजे 2 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर पर भी ईरान ने भारी गोलीबारी की जिससे बादवह भी किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। लगातार 2 बिहानों को इस युद्ध में अमेरिकी सेना के लिये बड़ा झटका माना जा रहा है।
यह जंग है, होता रहता है-डोनाल्ड ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन घटनाओं को बहुत अधिक महत्व न देते हुए कहा, ‘यह जंग है और ऐसा होता रहता है.’ उन्होंने संकेत दिया कि इन नुकसानों से ईरान के साथ चल रही बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि, सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम ट्रंप के उन दावों के विपरीत है जिनमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर एयर डिफेंस सिस्टम भी मोबाइल मिसाइल और ग्राउंड फायर के जरिए खतरा पैदा कर सकते हैं. हाल ही में ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी विमान तेहरान के ऊपर उड़ान भर रहे हैं और ईरान कुछ नहीं कर पा रहा, लेकिन दो विमानों के गिरने की घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल जंग थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं और इसका असर पूरे मध्य-पूर्व पर पड़ रहा है। ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के प्रयासों को खारिज कर दिया है, जिससे पाकिस्तान के नेतृत्व में चल रहे सीजफायर की कोशिशों को झटका लगा है. वहीं कुवैत के ऊर्जा ठिकानों पर हमले और तेल की कीमतों में उछाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है।

 

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राजेन्द्र भारती की सदस्यता समाप्त होने पर बोले विधानसभा अध्यक्ष नियमों के तहत की गयी कार्यवाही

ग्वालियर. दतिया से कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त किये जाने का नोटिफिकेशन जारी होने से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गयी है। विपक्ष ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे जल्दबाजी और राजनीतिक निर्णय बताया है। हालांकि इन आरोपों के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह तोमर ने स्पष्ट किया है कि कार्यवाही पूरी तरह से नियमों और कानून के तहत की गयी है। शुक्रवार की दोपहर ग्वालियर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह तोमर ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा है कि न्यायालय द्वारा राजेन्द्र भारती को दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा सुनाई गयी है। ऐसे मामलों में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8(3) के अनुसार यदि किसी जनप्रतिनिधि को 2 साल या उससे अधिक की सजा होती है तो उसकी सदस्यता स्वतः अयोग्य हो जाती है। इसी प्रावधान के तहत यह फैसला लिया गया है।
उन्होंने बताया है कि कोर्ट के फैसले की सूचना मिलने के बाद एक नागरिक, जिनका नाम गौतम बताया गया है, द्वारा भी विधानसभा को पत्र भेजा थां इस पत्र में न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए नियमों के पालन की मांग की गयी थी। इसके बाद मामले में विधि विशेषज्ञों और एडवोकेट जनरल से सलाह ली गयी। जिसके आधार पर राजेन्द्र भारती की सदस्यता समाप्त करने की कार्यवाही की गयी। इसकी जानकारी चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों को भी दे दी गयी है।