नायब तहसीलदार नियुक्ति विवाद, बरी उम्मीदवार को हाईकोर्ट से मिली राहत, आदेश पालन नही तो प्रमुख सचिव की पेशी तय-हाईकोर्ट
ग्वालियर. हाईकोर्ट की एकल पीठ ने नायब तहासीलदार नियुक्ति विवाद में सख्त रूख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि उसके पूर्व आदेश पालन नहीं किया गया है। राजस्व विभाग के प्रमुुख सचिव विवेक पोरवाल को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। मामला भानुप्रताप सिंह से जुड़ा हुआ है। जिन्हें विभागीय परीक्षा पास करने के बावजूद नायब तहसीलदार पद पर नियुक्ति नहीं दी गयी। वजह बताई गयी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम से जुड़े मामले में अपील लंबित है।
हाईकोर्ट ने पहले ही रद्द किया आदेश
हाईकोर्ट ने पहले ही नियुक्ति से वंचित करने के आदेश को निरस्त कर सक्षम प्रॉधिकारी को पुनर्विचार के लिये भेजा था। अदालत ने साफ कहा था कि किसी व्यक्ति के निर्दोष होने के बाद लंबित अपील को उसके खिलाफ आधार नहीं बनाया जा सकता है।
‘बरी होने पर निर्दोषता की धारणा मजबूत’
कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि बरी होने के बाद व्यक्ति की निर्दोषता की धारणा और मजबूत हो जाती है। ऐसे में नियुक्ति से पहले यह देखना जरूरी है कि उम्मीदवार आरोपों से मुक्त है या नहीं, लेकिन प्राधिकारी ने इस पहलू पर विचार नहीं किया। कोर्ट के निर्देश के बावजूद जब आदेश का पालन नहीं हुआ, तो याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की। अब कोर्ट ने सख्त चेतावनी देते हुए प्रमुख सचिव को अगली सुनवाई में तलब करने की बात कही है।

