आईआईटीएम में उद्भव उत्सव में समूह नृत्य की प्रस्तुतियां दी गयी

ग्वालियर. आईआईटीएम के सभागार में उद्भव उत्सव में देश-विदेश के कलाकारों ने समूह नृत्य प्रस्तुत किये। इस दौरान श्रीलंका, अजंता रूपालया, किर्गिस्तान के तातियाना मैसिगोक्या, बुल्गारिया की नादिविदा और नीदरलैंड की गैरिथ मौलिंक की देख रेख समूह नृत्य प्रस्तुत किये गये। भारतीय संस्कृति और सभ्यता में जो परिधान के साथ संस्कृति का भी महत्व देखने को मिला है।
भारतीय संस्कृति को विदेशों में भी अपनाया जा रहा है। यहां गीत, संगीत और नृत्य संस्कारयुक्त वातावरण निर्मित किया है। इसकी तुलना किसी देश से नहीं की जा सकती है। यहां के विभिन्न प्रांत के लोगों की वेशभूषा और खान-पान, रहन-सहन, गीत-संगीत और संस्कृति अलग-अलग देखकर लगता है कि यहां अनेकता है। भारत की यही खास बात है यहां अनेकता में ही एकता है जो पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में बांधती है।

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