लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू की शिकायतों से परेशान था ठेकेदार नरेन्द्र सिंह चौहान

नरेंद्र बेटे आदित्य से बेहद प्यार करते थे। उन्होंने 15 दिन पहले नई गाड़ी भी खरीदी थी।ग्वालियर. लोकायुक्त और ईडब्ल्यू में की जा रही शिकायत ठेकेदार नरेन्द्रसिंह चौहान तनाव में था इसलिये यह कदम उठाने के लिये मजबूर हुआ है। यह पुलिस की जांच -पड़ताल में खुलासा हुआ है। नगरनिगम और लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार नरेन्द्रसिंह चौहान ने अपनी पत्नी और बेटे की गोली मारकर हत्या के बाद आत्महत्या कर ली। पुलिस ने फोरेंसिंक एक्सपर्ट की मदद से मामले की तत्काल जांच शुरू की। ऐसा समझा जा रहा है किन हालात में ठेकेदार ने यह कदम उठाय ऐसा पता चला है कि उसके साले राजीव गौड़ उर्फ गृड्डू से विवाद चल रहा था। वह हाल ही में लगातार लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में शिकायत से भी तनाव में था।
बहोड़ापुर थाना इलाके में 12 बीघा इलाके में रहने वाले नरेन्द्रसिंह 47, ने मंगलवा-बुधवार की दरमियानी रात को परिवार सहित आत्महत्या कर ली है। उसने पहले बेड पर सो रहे बेटे 20, फिर पत्नी सीमा चौहान 42, की हत्या की थी। फिर स्वयं को गोली मार ली। घटनास्थल से पुलिस को 306 बोर की राइफल 3 खाली खोके और एक जिन्दा कारतूस मिला है। सीमा के हाथ पर मिले सुसाइड नोट में लिखा है। हमारी मौत का जिम्मेदार मेरा भाई है। उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिये।
नगर निगम में करीब 8 करोड़ के काम चल रहे थे
नरेंद्र सिंह चौहान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा में अजीतमल थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। करीब 15 साल पहले ग्वालियर आकर बस गए थे। यहां ठेकेदारी शुरू कर दी। शुरुआत में पार्टनरशिप में काम किया। उसके बाद खुद की फर्म आदित्य बिल्डर्स बना ली। फिलहाल, महापौर निधि से ग्वालियर पूर्व विधानसभा और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 8 करोड़ के काम कर रहे थे। उन्होंने बिलौआ में डामर से संबंधित हॉट मिक्स प्लांट भी खोला था।
पुलिस ने रात को किया सीन रीक्रियेट
फोरेंसिक एक्सपर्ट के अनुसार नरेन्द्र ने बेटे आदित्य के सीने पर राइफल से गोली मारी होगी। आदित्य का हाथ सीने पर रखा था। गोली हाथ से होकर सीने को चीरते हुए पीठ से बाहर निकल गयी। बेटे को मां सीमा ने पास ही रखा कम्बल पैर से लेकर सिर तक ओढा दिया और इसके बद उसके ऊपर हाथ रखकर लिपट गयी। ठेकेदार ने गन लोड़कर पत्नी की पीठ में गोली मारी जो सीने को चीरते हुए बेड के गद्दे में धंस गयी। अंत में गन की नाल अपने सीने पर रखकर ट्रिगर दबा दिया। गोली दिल को फाड़ते हुए साइड से बाहर निकल गयी।
पुलिस तलाश रही विवाद की वजह
ठेकेदार नरेंद्र सिंह का साला राजीव गौड़ उर्फ गुड्‌डू भी उत्तर प्रदेश के इटावा का रहने वाला है। राजीव सेना में था। उसने वीआरएस ले लिया था। पिछले पांच साल से राजीव और नरेंद्र मिलकर काम कर रहे थे।
राजीव और नरेंद्र के बीच लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। इससे घर में तनाव रहने लगा था। दो महीने पहले नरेंद्र ने राजीव से व्यापारिक संबंध खत्म कर लिए थे। घर के पीछे जिस मकान में राजीव रहता था, वह नरेंद्र के नाम पर ही था। नरेंद्र ने उसे खाली करा लिया था। दोनों के बीच में तनाव की यह वजह लेनदेन को लेकर ही थी या फिर कोई और कारण था, पुलिस इसका पता लगा रही है।

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