हाईकोर्ट ने शासन को दिया अल्टीमेटम , मप्र प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड की तीन भर्ती परीक्षाओं की जांच जो साइबर पुलिस को सौंपी गई है उसे दो महीने में पूरा किया जाए

ग्वालियर. एमपी प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड द्वारा तीन भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित न कर तीनों परीक्षाओं को निरस्त किया गया था। गड़बड़ी की जांच साइबर पुलिस को सौंपी गई थी। इस मामले में मंगलवार को ग्वालियर हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन को आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने साफ शब्दो में कहा है कि साइबर पुलिस की जांच को दो महीने में पूरा किया जाए।

न्यायमूर्ति शील नागू एवं न्यायमूर्ति दीपक कुमार अग्रवाल की युगलपीठ ने सुनील उपाध्याय एवं अन्य की याचिकाओं का निराकरण करते हुए यह आदेश दिए हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि आदेश का पालन नहीं होने पर याचिकाकर्ता फिर से न्यायालय आने के लिए स्वतंत्र हैं। न्यायालय ने कहा कि बोर्ड द्वारा सभी तीन परीक्षाएं, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने भाग लिया है। उन्हें रद्द कर दिया गया है। भर्ती एजेंसी ने चयन के लिए हुई भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं और अवैधताओं का पता लगाया है। न्यायालय ने कहा कि शासन के जवाब से पता चलता है कि इस मामले को साइबर सेल को सौंपा गया है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा रही है। शासन के जवाब से यह भी पता चलता है कि यह तीनों ही परीक्षाएं फिर से आयोजित की जाएंगी। इस कारण यह याचिका निष्फल हो गई है। लिहाजा उपरोक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण किया जाता है। याचिकाकर्ताओं ने एमपी प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड द्वारा 10 और 11 फरवरी 2021 को आयोजित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा 2020, 29, 30 एवं 31 जनवरी 2021 को आयोजित समूह-2 उपसमूह-4 भर्ती परीक्षा 2020 एवं समूह -5 भर्ती परीक्षा 2020 के एक पेपर कोड-के की परीक्षा जो 12 जनवरी 2021 एवं 13 जनवरी 2021 को आयोजित की थी। इन परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की थी। याचिका में यह भी मांग की गई थी कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बोर्ड की ओर से कहा गया कि इस मामले की जांच साइबर को सेल को सौंप दी गई है।

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