अग्निवीरों की सेवा अवधि 4 से बढ़ाकर 6 साल करने की तैयारी, परमानेंट होने का भी मिलेगा मौका
नई दिल्ली. अग्निवीर अब 4 नहीं, 6 साल तक नौकरी कर सकेंगे। इसके बाद सेना में बने रहना चाहते हों, तो यह चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। पास हुए, तो परमानेंट कमीशन भी मिलेगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को यह ऐलान किया। इससे तीनों सेनाओं में तैनात करीब 3.18 लाख अग्निवीरों को फायदा होगा। दो साल की अतिरिक्त नौकरी में अग्निवीरों को बढ़ी हुई सैलरी-भत्ते मिलेंगे। इससे पहले हर बैच के 25 प्रतिशत को मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक बनाने और बाकी 75 प्रतिशत को चार साल की सर्विस के बाद फोर्स छोड़ने का प्रावधान था।
नई व्यवस्था के तहत 2 साल का अतिरिक्त समय मिलेगा
आंकड़ों के मुताबिक 31 दिसंबर तक पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। ये पहले बैच में भर्ती हुए 24,400 अग्निवीरों का करीब 75 प्रतिशत हैं। पहले तय योजना के मुताबिक नवंबर के मध्य से 75 प्रतिशत अग्निवीरों को चरणबद्ध तरीके से सेवा से बाहर किया जाना था। नई व्यवस्था के तहत अब इन्हें दो साल का अतिरिक्त समय मिलेगा। यह सेवा विस्तार अग्निवीरों की सहमति से होगा। पिछले महीने एयरफोर्स ने अपने पहले अग्निवीर बैच के 2,850 रिक्रूट्स में से 712 को नियमित सेवा में बनाए रखने का फैसला किया था।
अग्निवीरों के लिए नया ऐलान किया
अब चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने का फैसला किया गया है। इसके बाद उन्हें नियमित सैनिक बनने का एक और मौका मिलेगा। चयन मेरिट के आधार पर होगा। जून 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की गई थी। इसके तहत युवाओं को 4 साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता था। चार साल बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल करने का प्रावधान था। बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त होना था।
