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मप्र के 2.33 लाख हेल्थ वर्कर्स व फ्रंट लाइनर्स को वैक्सीन का एक भी डोज नहीं लगा

भोपाल. मध्य प्रदेश में सरकार 6 महीने में अपने ही कोरोना योद्धाओं का वैक्सीनेशन नहीं करा पाई है। अभी भी 20 प्रतिशत से ज्यादा हेल्थ वर्कर्स और फ्रंट लाइनर्स बगैर टीका लगवाए ड्यूटी कर रहे है और इनकी संख्या 2.33 लाख है। हेल्थ के साथ पुलिस, नगर निगम, आशा कार्यकर्ताओं सहित अन्य कर्मचारियों को 6 माह में भी वैक्सीन का पहला डोज नहीं लगने से सवाल खड़े हो गए है। एक्सपर्ट तीसरी लहर की आशंका जता चुके है। वहीं पड़ताल में वैक्सीनेशन को लेकर यह बड़ी चूक उजागर हुई है। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में कई कोरोना योद्धा लड़ते-लड़ते जिंदगी की जंग हार चुके है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर अगले 1 से डेढ़ माह में आने की आशंका है। यानी सितंबर में एक बार फिर कोरोना से जंग शुरू हो सकती है। तब तीसरी लहर से लड़ने एक बार फिर फ्रंट पर आना पड़ सकता है लेकिन 99 हजार हेल्थ वर्कर व 1 लाख 33 हजार से ज्यादा फ्रंट लाइनर्स को वैक्सीन का एक भी डोज नहीं लगा है जबकि 1.05 लाख ऐसे है जिन्हें दूसरा डोज नहीं लगा है। इसी तरह 1.54 लाख फ्रंट लाइनर्स को दूसरा डोज नहीं लगा है।
प्रदेश में वैक्सीनेशन के लिए 21 जून से महा अभियान शुरू हो रहा है। वैक्सीन लगवाने के लिए जनप्रतिनिधि से लेकर सरकारी कर्मचारी और अधिकारी घर-घर जाकर पीले चावल देकर न्योता देंगे। इस अभियान का पहला चरण 30 जून तक चलेगा। 21 जून को पूरे प्रदेश में 6 हजार 700 सेंटर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे लेकिन शेष कोरोना योद्धाओं को वैक्सीन लगाने के लिए कोई रोडमैप सामने नहीं आया है।

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