आईएएस अधिकारी लोकेश जांगिड को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी, 6 महीने की छुट्टी पर चले जाओ नहीं तो अच्छा नहीं होगा
भोपाल. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदी में गड़बड़ी उजागर करने पर ट्रांसफर किए जाने से नाराज चल रहे मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अफसर लोकेश कुमार जांगिड को फोन पर धमकी मिली है। आरोपी ने गुरूवार की रात 11.49 बजे फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल कर जांगिड को 6 महीने की छुट्टी पर जाने को कहा है। धमकी मिलने के बाद लोकेश जांगिड़ ने तत्काल डीजीपी मध्यप्रदेश को वॉट्सऐप और अन्य माध्यम से शिकायत की लेकिन 12 घंटे बाद भी उन्हें कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला है।
फोन पर यह दी धमकी
तू जानता नहीं है कि तूने किससे पंगा लिया है। अगर तुझे जान प्यारी है तो मीडिया से बात करना और लिखना बंद कर दे। तू अपने बच्चे की भी खूब फोटो डालता है, कल से 6 महीने की छुट्टी पर चले जाओ।
डीजीपी से की शिकायत
जांगिड़ ने बताया कि घटना के बाद डीजीपी को इस संबंध में एक शिकायत वॉट्सऐप और अन्य माध्यम से की है। मैंने उनसे निजी सुरक्षा की भी मांग की है। मामला गंभीर होने के कारण मैंने सीधे डीजीपी को शिकायत की है। लोकल थाने से कोई संपर्क नहीं किया है हालांकि अभी तक डीजीपी या उनकी तरफ से किसी ने न तो कोई जवाब दिया और न ही संपर्क किया है।
यह है पूरा मामला
2014 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अफसर लोकेश कुमार जांगिड़ की फील्ड पोस्टिंग के अभी साढ़े 4 साल हुए है लेकिन उनसे 8 बार ट्रांसफर हो चुके है। यानी औसतन हर 6 माह में उन्हें हटाया गया। 42 दिन पहले राज्य शिक्षा केंद्र के अपर संचालक से बड़वानी अपर कलेक्टर बनाया गया था लेकिन पिछले सप्ताह उन्हें वापस राज्य शिक्षा केंद्र भेज दिया गया है। आपको बता दें कि जांगिड की किसी भी सीनियर अधिकारी से नहीं पटती है अभी तक जहां श्री जांगिड की तैनाती रहीं वहीं पर विवाद देने को मिला है। जहां तक कलेक्टर शिवराज वर्मा का सवाल है तो वह ग्वालियर में नगरनिगम अतिरिक्त आयुक्त नगरनिगम के रूप में कामयाब कार्यकाल रहा है और इसके अलावा एडीएम ग्वालियर के रूप में भी सफल रहें। कलेक्टर के संबंध में पीएस द्वारा समझाये जाने के बाद भी उन्होने फोन पर हुई बातचीत को रिेकॉर्ड कर वॉयस कॉल को वायरल कर दिया हैं।

